दिवाली पूजा विधि और लक्ष्मी पूजन की सामग्री Diwali Puja Samgri Pujan Vidhi 2018

दीपावली पूजन 2018 Diwali Puja Samgri Pujan Vidhi 2018 : दिवाली के दिन सभी महिलाएं और लड़के घर की साज सजावट में व्यस्त रहते हैं ,कोई दीवारों के पोस्टर लगता हैं तो कोई घर को दियो की रौशनी में तब्दील करने में लगे रहते हैं माता बहिने रसोई में लाजबाब पकवान बनाने में लगी रहती हैं,लकिन ये सब तो ठीक हैं परन्तु इनके साथ ही Diwali Puja और उसकी सामग्री पर भी ध्यान देना चाहिए | क्योकि जब तक माँ लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा अच्छे से समय के अनुसार नहीं हो पति हैं तो सब बेकार हैं | इसलिए आपकी Diwali Puja Vidhi विधान पूर्वक होनी चाहिए | माता लक्ष्मी और गणेशजी के साथ विष्णु भगवान् की भी पूजा होनी चाहिए | Diwali Pujan Vidhi और Diwali Puja Ki Samgri का ब्यौरा हम निचे दे रहे हैं ,उसकी सहायता से आप अपने घर में आसानी से और एक अच्छी दिवाली की पूजा कर सकते हैं |

1. दीपावली पूजन की सामग्री : Diwali Puja Samgri For Laxmi Pujan

महालक्ष्मी पूजन में रोली, , कुमकुम, चावल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, दीपक, रुई, कलावा (मौलि), नारियल, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूँ, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, घृत, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे, गंगाजल, यज्ञोपवीत, श्वेत वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, शंख, लक्ष्मी व गणेश जी का चित्र या प्रतिमा, आसन, थाली, चांदी का सिक्का, मिष्ठान्न, 11 दीपक इत्यादि वस्तुओं को पूजन के समय रखना चाहिए।

2. दिवाली पूजा विधि : Deepawali Laxmi Puja Vidhi 2018

diwali puja vidhi

दीपावली के दिन प्रत्येक व्यक्ति, वो चाहे व्यवसाय से हो, सेवा कार्य से हो या नौकरी से, प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवसायिक स्थान एवं घर पर मां लक्ष्मी एवं गणेश जी का विधिवत पूजन कर धन की देवी लक्ष्मी से सुख-समृद्धि एवं गणेश जी से बुद्धि की कामना करता है।

3. दीपावली पूजा की तैयारी : The Preperation of Diwali Worship

Diwali Worship

सबसे पहले चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखें कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे। लक्ष्मीजी, गणेशजी की दाहिनी ओर रहें। पूजा करने वाले मूर्तियों के सामने की तरफ बैठे। कलश को लक्ष्मीजी के पास चावलों पर रखें। नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का अग्रभाग दिखाई देता रहे व इसे कलश पर रखें। यह कलश वरुण का प्रतीक है। दो बड़े दीपक रखें। एक में घी भरें व दूसरे में तेल। एक दीपक चौकी के दाईं ओर रखें व दूसरा मूर्तियों के चरणों में। इसके अलावा एक दीपक गणेशजी के पास रखें।मूर्तियों वाली चौकी के सामने छोटी चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। कलश की ओर एक मुट्ठी चावल से लाल वस्त्र पर नवग्रह की प्रतीक नौ ढेरियां बनाएं। गणेशजी की ओर चावल की सोलह ढेरियां बनाएं। ये सोलह मातृका की प्रतीक हैं। नवग्रह व षोडश मातृका के बीच स्वस्तिक का चिह्न बनाएं।इसके बीच में सुपारी रखें व चारों कोनों पर चावल की ढेरी। सबसे ऊपर बीचों बीच ॐ लिखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें। थालियों की निम्नानुसार व्यवस्था करें- 1. ग्यारह दीपक, 2. खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, 3. फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक।
इन थालियों के सामने पूजा करने वाला बैठे। आपके परिवार के सदस्य आपकी बाईं ओर बैठें। कोई आगंतुक हो तो वह आपके या आपके परिवार के सदस्यों के पीछे बैठे।

चौकी पर ये सामान रखे

  1. लक्ष्मी,
  2. गणेश,
  3. मिट्टी के दो बड़े दीपक,
  4. कलश, जिस पर नारियल रखें, वरुण
  5. नवग्रह,
  6. षोडशमातृकाएं,
  7. कोई प्रतीक,
  8. बहीखाता,
  9. कलम और दवात,
  10. नकदी की संदूकची,
  11. थालियां, 1, 2, 3,
  12. जल का पात्र

4. दीपावली पूजा की पूर्ण विधि : Complete Method of Diwali Puja 2018

diwali pooja best time 2017

हाथ में पूजा के जलपात्र से थोड़ा सा जल ले लें और अब उसे मूर्तियों के ऊपर छिड़कें। साथ में मंत्र पढ़ें। इस मंत्र और पानी को छिड़ककर आप अपने आपको पूजा की सामग्री को और अपने आसन को भी पवित्र कर लें।

ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा।
यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥
पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः
कूर्मोदेवता आसने विनियोगः

अब पृथ्वी पर जिस जगह आपने आसन बिछाया है, उस जगह को पवित्र कर लें और मां पृथ्वी को प्रणाम करके मंत्र बोलें-

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता।
त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥
पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः

अब आचमन करें
पुष्प, चम्मच या अंजुलि से एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-

ॐ केशवाय नमः

और फिर एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-

ॐ नारायणाय नमः

फिर एक तीसरी बूंद पानी की मुंह में छोड़िए और बोलिए-

ॐ वासुदेवाय नमः

हाथ में थोड़ा सा जल ले लीजिए और आह्वान व पूजन मंत्र बोलिए और पूजा सामग्री चढ़ाइए। फिर नवग्रहों का पूजन कीजिए। हाथ में अक्षत और पुष्प ले लीजिए और नवग्रह स्तोत्र बोलिए। इसके बाद भगवती षोडश मातृकाओं का पूजन किया जाता है। हाथ में गंध, अक्षत, पुष्प ले लीजिए। सोलह माताओं को नमस्कार कर लीजिए और पूजा सामग्री चढ़ा दीजिए।

You Must Read

Top 10 Best Gift Idea on Diwali 2017 दिवाली पर जरुर दे पति प... Deepwali Best Gift Idea : दोस्तों दीपावली का त्यों...
Shayari Wishes message sent with your name नाम के साथ भेजे श... हेल्लो दोस्तों इस दिवाली पर आप के लिये सबसे अच्छा ...
Happy Deepawali Shayari 2017 for Girlfriend Boyfriend Happy Deepawali 2017 : दिवाली की सभी लोगों को और प...
दीपावली पर मारवाड़ी बधाई संदेश और मेसेज अपने दोस्तों को करे व... 2017 की दीपावली पर मारवाड़ी भाइयों को संदेश : राम र...
Diwali Romantic Love Shayari SMS Quotes For Girlfriends Boyf... Deepawali Love Shayari 2017 : Happy Diwali is a Ve...
दीवाली के 10 अचूक टोटके करेंगे ये दस काम पुरे... दीवाली के टोटके 2017 : दीपावली का त्योंहार माँ...
दीपावली बधाई शायरी शुभकामनाएँ संदेश और चुटकले... दिवाली बधाई शायरी 2017 : दीपावली के त्योंहार पर सभ...

One comment

  1. ye sab to thik hai Sir. par ye to bataiye ki pooja Me chadhai sabhi samgriyo ka kya karna hai agle din. use karna hai ya pani Me visarjit.. karna hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *