रक्षाबंधन पर हिंदी शायरी निबन्ध कविता और रोचक तथ्य

रक्षाबंधन 2017 : एक भाई और बहन के प्यार को और अधिक मजबूत करने के लिए 7 अगस्त 2017 सोमवार को आ रहा हैं रक्षाबंधन | रक्षाबंधन के दिन एक बहन अपने भाई की कलाई पर बांधेगी राखी, और भाई अपनी बहन को देगा ढेर सारी भेंट और उसकी हर मुसीबत से निपटने का वचन | रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास और प्रेम का बंधन हैं जो एक भाई और बहन द्वारा जन्म जन्म तक निभाया जाता हैं | हर वर्ष रक्षाबंधन के दिन एक बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर अपने प्यारे रिश्ते की याद दिलाती हैं और भाई उसे ख़ुशी ख़ुशी स्वीकार करता हैं | हर वर्ष आने वाला रक्षाबन्धन का त्योंहार भाई और बहन की याद दिलाता हैं इस त्योंहार पर दूर दराज बैठा हुआ भाई अपनी बहना को राखी बंधवाने के लिए याद करता हैं और बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधने के लिए अपने भाई को याद करती हैं |

रक्षाबंधन के पर्व पर भाई बहन के प्यार से भरी हुई कविता हम आपको सुनाने जा रहे है |

रक्षाबंधन पर कविता : Hindi Kavita on Rakshabandhan 2017

रंग बिरंग नग-मनके जड़ी,
राखियां सजी छोटी-बड़ी,
समेटे धागे में स्नेह अपार,
आया राखी का त्यौहार ।।

दुकान भीड़ से अटी पड़ी,
बहन सोचती खड़ी-खड़ी,
भाई को ये वाली भाएगी?
क्या कलाई पर सुहाएगी?
कैसी राखी लें इस बार,
आया राखी का त्यौहार ।।

निहारे घड़ी बंधी कलाई,
स्नेह से मुस्कुराए भाई,
देख कर भड़क जाएगी,
दीदी घड़ी खुलवाएगी,
डांट में भी होगी मनुहार,
आया राखी का त्यौहार ।।

अभी राखी में थोड़े दिन शेष,
पर अभी से रौनक है छाई,
उत्साह से भरा सारा परिवेश,
पर थोड़ी कठिनाई में भाई,
इस बार क्या दूंगा उपहार?
आया राखी का त्यौहार ।।

तकनीक भी है पीछे नहीं,
“अंतरजाल” पर मने त्यौहार,
झट से भेजी विदेश भी,
राखी से “दूरी” मानी हार,
अटूट बंधन ये, गहरा प्यार,
आया राखी का त्यौहार ।।

कोई बहन भाई के संग,
त्यौहार के रंग में मनंग,
कोई लिखकर पंक्ति चार,
रोली टीके के संग प्यार,
भेजे सात समुंदर पार,
आया राखी का त्यौहार ।।

रक्षाबंधन शुभ कामना शायरी : Hindi Shayari on Rakshabandhan Wishes

एक बहन के लिए रक्षाबन्धन का दिन बहुत ही खास दिन होता है. इस दिन का बहिनों को कई महीनो से इन्तजार रहता है | रक्षाबन्धन पर शुभ कामना शायरी आप पढ़ सकते हैं और अपने भाई और बहन को भेज सकते हैं |

बहन का प्यार जुदाई से कम नहीं होता
अगर वो दूर भी जाए तो ग़म नहीं होता

किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा
अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा

या रब मेंरी दुआओं में इतना असर रहे
फूलों भरा सदा मेंरी बहना का घर रहे

रक्षाबंधन पर रोचक तथ्य : Interesting Fact in Hindi on Rakshabandhan

रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष मैं हम आपको कुछ रोचक तथ्यों के बारे मैं जानकारी दे रहे हैं उनके बारे मैं ध्यान से पढ़े |

1 : रक्षाबन्धन एक ऐसा त्योहार है जो सिर्फ भाई और बहन का त्योहार माना जाता है.

2 : रक्षाबंधन भाई और बहन के प्रेम का पवित्र बंधन है.

3 : रक्षाबंधन एक ऐसा बंधन है जिसे रक्षा की कामना के लिए बांधा जाता है.

4 : रक्षाबन्धन शब्द का अर्थ रक्षा का बंधन है.

5 : राखी हमेशा दाहिनी कलाई पर बाँधी जाती है.

6 : राखी का धागा कच्चे सूत के अलावा रेशमी धागे तथा सोने, चाँदी जैसी मँहगी वस्तु का भी होता है.

7 : बहने अपने भाई को राखी बांधकर उसकी लम्बी आयु की कामना करती है तो वही भाई अपनी बहन को हर मुसीबत से बचाने का वचन देता है.

8 : बहन की शादी हो जाने के बाद भी बहने रक्षाबन्धन के दिन अपने भाई को राखी बाँधने अपने मायके आती है.

9 : रक्षाबंधन हर साल सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है.

10 : रक्षाबन्धन को श्रावणी और सलूनो नाम से भी जाना जाता है.

11 : अमरनाथ की धार्मिक यात्रा गुरु पूर्णिमा को शुरू होती है और रक्षाबन्धन के दिन पूरी होती है.

12 : रक्षाबन्धन के पावन पर्व पर विशिष्ट पकवान भी बनाये जाते हैं जिसमे शकरपारे, नमकपारे, घेवर, और घुघनी आदि शामिल है.

13 : पेड़ो की रक्षा के लिए भी वर्तमान में वृक्षों पर राखी बाँधी जाती है.

14 : रक्षाबन्धन के दिन भारत में कई जगह भाई के कान के ऊपर भुजरियाँ लगायी जाती है.

15 : रक्षाबन्धन का त्यौहार महाराष्ट्र में नारियल पूर्णिमा के नाम से प्रसिद्ध है.

16 : रक्षाबंधन का त्योहार ऐसा त्योहार है जो समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देता है. यह त्यौहार हमें त्याग और पवित्रता का सन्देश देता है.

रक्षाबंधन पर निबंध / Essay on Raksha Bandhan

भारत विभिन्न त्योहारों का देश है । यहाँ विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं । हर त्योहार अपना विशेष महत्त्व रखता है । उनमे रक्षाबन्धन भी एक एसा त्योंहार हैं जो भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है । रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है । श्रावण मास में ऋषि लोग आश्रम में रहकर अध्ययन और यज्ञ करते थे । श्रावण-पूर्णिमा को मासिक यज्ञ की पूर्णाहुति होती थी । यज्ञ की समाप्ति पर यजमानों और शिष्यों को रक्षा-सूत्र बाँधने की प्रथा थी । इसलिए इसका नाम रक्षा-बंधन प्रचलित हुआ । इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए ब्राह्मण आज भी अपने यजमानों को रक्षा-सूत्र बाँधते हैं । बाद में इसी रक्षा-सूत्र को राखी कहा जाने लगा ।

भाई बहन का त्योंहार राखी : आजकल राखी प्रमुख रूप से भाई-बहन का पर्व माना जाता है । इस अवसर पर विवाहित बहिनें ससुराल से मायके जाती हैं और भाइयों की कलाई पर राखी बाँधने का आयोजन करती हैं । वे भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं तथा राखी बाँधकर उनका मुँह मीठा कराती हैं । भाई प्रसन्न होकर बहन को कुछ उपहार देता है । प्रेमवश नया वस्त्र और धन देता है । परिवार में खुशी का दृश्य होता है रक्षाबंधन के अवसर पर बाजार में विशेष चहल-पहल होती है । लोग तरह-तरह की राखी खरीदते हैं । लोग उपहार देने तथा घर में मिठाइयों के पैकेट खरीदकर ले जाते हैं ।

श्रावण पूर्णिमा के दिन मंदिरों में विशेष पूजा – अर्चना की जाती है । लोग गंगाजल लेकर मीलों चलते हुए शिवजी को जल चढ़ाने आते हैं । काँधे पर काँवर लेकर चलने का दृश्य बड़ा ही अच्छा होता है । इस यात्रा में बहुत आनंद आता है । कई तीर्थस्थलों पर श्रावणी मेला लगता है । घर में पूजा-पाठ और हवन के कार्यक्रम होते हैं । रक्षाबंधन के दिन दान का विशेष महत्त्व माना गया है । इससे पुण्य की प्राप्ति होती है, ऐसा कहा जाता है । लोग कंगलों को खाना खिलाते हैं तथा उन्हें नए वस्त्र देते हैं । पंडित पुराहितों को भोजन कराया जाता है तथा दान-दक्षिणा दी जाती है ।

रक्षाबंधन पर पारिवारिक मेल – मिलाप बढ़ाने वाला त्योहार है । इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्य इकट्‌ठे होते हैं । विवाहित बहनें मायके वालों से मिल-जुल आती हैं । उनके मन में बचपन की यादें सजीव हो जाती हैं । बालक-बालिकाएँ नए वस्त्र पहने घर-आँगन में खेल-कूद करते हैं । बहन भाई की कलाई में राखी बाँधकर उससे अपनी रक्षा का वचन लेती है । भाई इस वचन का पालन करता है । इस तरह पारिवारिक संबंधों में प्रगाढ़ता आती है । लोग पिछली कडुवाहटों को भूलकर आपसी प्रेम को महत्त्व देने लगते हैं ।इस तरह रक्षाबंधन का त्योहार समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ाने का कार्य करता है । संसार भर में यह अनूठा पर्व है । इसमें हमें देश की प्राचीन संस्कृति की झलक देखने को मिलती है ।

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