तीज गीत रंगीलो सावन आयो रे तीज झूला गीत विडियो डांस

तीज के त्योंहार पर महिलाओं द्वारा तीज के गीत गाये जाते हैं | स्त्रियाँ तीज पर नाचती है और गीत गाती हैं | तीज त्योंहार पर गाया जाने वाला लेटेस्ट गीत और विडियो हम इस पोस्ट मैं डाल रहे हैं आप उसे सुनकर
तीज के त्योंहार पर गा सकती हैं |सावन में तीज का त्योहार मनाया जाता है। राजस्थान में इसे हरियाली तीज और उत्तर प्रदेश में कजरी तीज या माधुरी तीज कहा जाता है। हरापन समृद्धि का प्रतीक है। स्त्रियाँ हरे परिधान और हरी चूड़ियाँ पहनती हैं। हरे पत्तों और लताओं से झूलों को सजाया जाता है। झूले और कजरी के बिना सावन की कल्पना नहीं की जा सकती।

तीज पर गीत

चूड़ी-बिन्दी , बिछुए-पायल
सोलह सिँगार हैं पिय के नाम

रच गई मेहन्दी और महावर
जन्म जन्म को पिय के नाम

जब से पिया तुम आये जीवन में,
पहली तीज मुझे भूले न
बाबुल से मिलने की ख़ुशी और
बिरहन के मन की वो कसक
हिरणी सा मन भटकता फिरता ,
ले कर तेरा तेरा नाम

रच गई मेहन्दी और महावर
जन्म जन्म को पिय के नाम

सावन की फुहारें ले आती हैं ,
हरियाली हर ओर कहीं
सज-धज कर हम बाट जोहते,
साँसों में है मोगरे की महक
एक पिया है लाखों में अपना ,
शान बान सब उसके नाम

रच गई मेहन्दी और महावर
जन्म जन्म को पिय के नाम

बिन्दिया चमके , चूड़ी खनके ,
कँगना बोले , अँगना डोले
मेघों की घटाएँ , जुल्फों की अदाएँ ,
अल्हड़ सी लट है भौचक
थाप हिया की बोले हर दम,
ये मौसम है उसके नाम

रच गई मेहन्दी और महावर
जन्म जन्म को पिय के नाम

चूड़ी-बिन्दी , बिछुए-पायल
सोलह सिँगार हैं पिय के नाम

तीज पर गीत-ग़ज़ल

भारी भरकम लफ्जों की पढ़ाई भी नहीं ,
गीत गज़लों की गढ़ाई की तालीम भी नहीं ,
है उम्र की चाँदी और जज्बात के समन्दर की डुबकी,
किस्मत लिखने वाले की मेहरबानी ,
जिन्दगी का सुरूर , चन्द लफ्जों की जुबानी.

तीज पर झूला गीत

उमड़-घुमड़ आए कारे-कारे बदरा
प्यार भरे नैनों में मुस्काया कजरा
बरखा की रिमझिम जिया ललचाए
भीग गया तनमन भीग गया अँचरा

सजनी आंख मिचौली खेले बांध दुपट्टा झीना
महीना सावन का
बिन सजना नहीं जीना महीना सावन का |

मौसम ने ली है अंगड़ाई
चुनरी उड़ि उड़ि जाए
बैरी बदरा गरजे बरसे
बिजुरी होश उड़ाए |

घर-आंगन, गलियां चौबारा आए चैन कहीं ना

खेतों में फ़सलें लहराईं
बाग़ में पड़ गये झूले
लम्बी पेंग भरी गोरी ने
तन खाए हिचकोले

पुरवा संग मन डोले जैसे लहरों बीच सफ़ीना
बारिश ने जब मुखड़ा चूमा
महक उठी पुरवाई
मन की चोरी पकड़ी गई तो
धानी चुनर शरमाई |

छुई मुई बन गई अचानक चंचंल शोख़ हसीना

कजरी गाएं सखियां सारी
मन की पीर बढ़ाएं
बूंदें लगती बान के जैसे
गोरा बदन जलाएं |

अब के जो ना आए संवरिया ज़हर पड़ेगा पीना ||

तीज विडियो सोंग

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