M वैंकेया नायडू बने भारत के 13वें उपराष्ट्रपति आज सम्भालेंगे राज्यसभा का पदभार

भारत के 13वें उपराष्ट्रपति बने वैंकेया नायडू ,राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 10.08 बजे- वैंकेया नायडू को उपराष्ट्रपति की शपथ दिलाई।इसके बाद नायडू ने राज्यसभा में सभापति का पदभार भी संभाला । 5 अगस्त को संपन्न हुए चुनाव में एनडीए उम्मीदवार एम. वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी को हरा दिया था। वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले, वहीं गोपालकृष्ण गांधी को 244 वोट मिले थे।

wise precident of india

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू का राजनीतिक जीवन

वेंकैया नायडू की पहचान हमेशा एक ‘आंदोलनकारी’ के रूप में रही है। वे 1972 में ‘जय आंध्र आंदोलन’ के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। उन्होंने इस दौरान नेल्लोर के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुये विजयवाड़ा से आंदोलन का नेतृत्व किया। छात्र जीवन में उन्होने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लिया।आपातकाल के बाद वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2002 से 2004 तक उन्होने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का उतरदायित्व निभाया। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे और वर्तमान में वे भारत सरकार के अंतर्गत शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्‍मूलन तथा संसदीय कार्य मंत्री है। इन सभी पदों पर रहते हुए आज वेंकैया नायडू भारत के उपराष्ट्रपति के पद को सुशोभित किया हैं | आंद्र प्रदेश मैं जन्मे वेंकैया नायडू वे पहले उप राष्ट्रपति हैं जिनका जन्म देश आजाद होने के बाद हुआ |

वैंकेया नायडू का प्रारंभिक जीवन

वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के चावटपलेम में एक कम्मू परिवार में हुआ था। उन्होंने वी.आर. हाई स्कूल, नेल्लोर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और वी.आर. कॉलेज से राजनीति तथा राजनयिक अध्ययन में स्नातक किया। वे स्नातक प्रतिष्ठा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुये। तत्पश्चात उन्होंने आन्ध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। 1974 में वे आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुये। कुछ दिनों तक वे आंध्र प्रदेश के छात्र संगठन समिति के संयोजक भी रह चुके हैं

वैंकेया नायडू का राजनीतिक सफर

1973-1974 : अध्यक्ष, छात्र संघ, आन्ध्र विश्वविद्यालय
1974 : संयोजक, लोक नायक जय प्रकाश नारायण युवजन छात्र संघर्ष समिति, आंध्र प्रदेश
1977-1980 : अध्यक्ष, जनता पार्टी की युवा शाखा, आंध्र प्रदेश
1978-85 : सदस्य, विधान सभा, आंध्र प्रदेश (दो बार)
1980-1985 : नेता, आंध्र प्रदेश भाजपा विधायक दल
1985-1988 : महासचिव, आंध्र प्रदेश राज्य भाजपा
1988-1993 : अध्यक्ष, आंध्र प्रदेश राज्य भाजपा
1993 – सितंबर, 2000 : राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता पार्टी, सचिव, भाजपा संसदीय बोर्ड, सचिव, भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति, भाजपा के प्रवक्ता
1998 के बाद : सदस्य, कर्नाटक से राज्यसभा (तीन बार)
1 जुलाई 2002 से 30 सितंबर 2000 : भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री
1 जुलाई 2002 से 5 अक्टूबर 2004 : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अप्रैल 2005 के बाद : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
26 मई 2014 – 2017 : शहरी विकास, गृहनिर्माण एवं गरीबी निवारण और संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री
2016–2017 : सूचना एवं प्रसारण मंत्री
5 अगस्त 2017 भारत के तेरहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए।

वैंकेया नायडू पर प्रधानमन्त्री की शायरी

अमल करो ऐसा सदन में, जहां से गुजरे तुम्हारी नजरें, उधर से तुम्हें सलाम आए।

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