Indira Ekadashi 2017 व्रत, पूजा विधि का महत्व और राजा इंद्रसेन की कहानी,पितरों को मोक्ष दिलवाने के लिए जरुर करे ये व्रत

इन्दिरा एकादशी 2017 : आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इन्दिरा एकादशी कहा जाता है | इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और इस व्रत को करने से कई प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं|पितृ पक्ष की एकादशी होने के कारण इस दिन को पितरो की मुक्ति के लिए अति उत्तम मन जाता हैं | आश्विन मास की इन्दिरा एकादशी का व्रत और पूजा करने से हमारे पितरो की आत्मा को शांति मिलती हैं और उनका स्वर्ग लोक मैं वास होता हैं | श्राद पक्ष मैं एकादशी का व्रत और ध्यानपूर्वक पूजा करने से सभी दुखों का नाश होता हैं | पितृ पक्ष की ग्यारस का व्रत करने का बड़ा ही महत्व हैं |

Indira Ekadashi Ka Mahatva

इन्दिरा एकादशी व्रत का महत्व : Indira Ekadashi Ka Mahatva

दोस्तों,एसा मन जाता हैं की यदि आपके पूर्वजो को मोक्ष की मुक्ति नहीं हुई हैं तो आप इंदिरा एकादशी का व्रत अवस्य रखे और उसकी विधि पूर्वक पूजा करे,और अपने पूर्वजो के नाम पर दानपुन्‍य करें तो उनको अवश्‍य मोक्ष की प्राप्ति होती है।इंदिरा एकादशी के दिन विधि- पूर्वक पूर्वजों का श्राद्ध कर ब्राह्मण को भोजन करायें और गाय को पितरों का दिया भोजन खिलायें। इसके बाद भगवान विष्‍णु की पूजा करें। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से इन्दिरा एकादशी व्रत सभी प्रकार के कष्टों को दूर करता है।

इन्दिरा एकादशी 2017 व्रत पूजा विधि

एकादशी के दिन सुभ जल्दी उठकर फ्रेस होकर स्नान करें, व्रत के नियमों को श्रद्धा पूर्वक ग्रहण करें साथ ही संकल्प ले कि “मैं सार भोगों को त्याग कर निराहार एकादशी का व्रत करुंगा, हे प्रभु मैं आपकी शरण हूं आप मेरी रक्षा करें।” इस प्रकार नियमपूर्वक शालिग्राम की मूर्ति के आगे विधिपूर्वक श्राद्ध करके पात्र ब्राह्मण को फलाहार का भोजन करवायें व दक्षिणादि से प्रसन्न करें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, नैवेद्य आदि से भगवान ऋषिकेश की पूजा करें। रात्रि में प्रभु का जागरण करें व द्वादशी के दिन प्रात:काल भगवान की पूजा करके ब्राह्मण को भोजन करवाकर सपरिवार मौन होकर भोजन करें।

पितृ पक्ष ,इन्दिरा एकादशी व्रत कथा

इन्दिरा एकादशी व्रत कथा सुनना बहुत ही महत्वपूर्ण हैं | पितृ पक्ष की एकादशी व्रत की कथा सुने बिना व्रत अधुरा हैं |

भगवान श्री कृष्ण इन्दिरा एकादशी व्रत की कथा धर्मराज युद्धिष्ठर को सुनाना शरू करते हैं और कहते हैं की पितृ पक्ष एकादशी (इन्दिरा एकादशी) व्रत का बड़ा ही महत्व हैं | इन्दिरा एकादशी का व्रत करने से पितरों को शांति मिलती हैं और उनको मोक्ष की प्राप्ति होती हैं | और उनकी आत्मा को स्वर्गलोक मैं गझ मिलती हैं | आगे भगवान् श्री कृष्णा कहते हैं की मेरी कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के सभी कष्टों का अंत हो जाता हैं |

पितृ पक्ष 2017 श्राद्ध का महत्व तिथि समय पूजा विधी,पितृ तर्पण और पिंडदान 

इन्दिरा एकादशी की कथा : भगवन श्री कृष्णा कहते हैं, कि बात सतयुग की है। महिष्मति नाम की नगरी में इंद्रसेन नाम के प्रतापी राजा राज किया करते थे। राजा बड़े धर्मात्मा थे | राजा अपनी प्रजा को बड़े ही सुख चैन से रखता था । धर्म कर्म के सारे काम अच्छे से किये जाते थे। एक दिन क्या हुआ कि नारद जी इंद्रसेन के दरबार में पंहुच जाते हैं। इंद्रसेन उन्हें प्रणाम करते हैं और आने का कारण पूछते हैं। तब नारद जी कहते हैं कि मैं तुम्हारे पिता का संदेशा लेकर आया हूं जो इस समय पूर्व जन्म में एकादशी का व्रत भंग होने के कारण यमराज के निकट उसका दंड भोग रहे हैं। अब इंद्रसेन अपने पिता की पीड़ा को सुनकर व्यथित हो गये और देवर्षि से पूछने लगे हे मुनिवर इसका कोई उपाय बतायें जिससे मेरे पिता को मोक्ष मिल जाये। तब देवर्षि ने कहा कि राजन तुम आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करो और इस व्रत के पुण्य को अपने पिता के नाम दान कर दो इससे तुम्हारे पिता को मुक्ति मिल जायेगी। उसके बाद आश्विन कृष्ण एकादशी को इंद्रसेन ने नारद जी द्वारा बताई विधि के अनुसार ही एकादशी व्रत का पालन किया जिससे उनके पिता की आत्मा को शांति मिली और मृत्यु पर्यंत उन्हें भी मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस प्रकार हमे भी अपने पूर्वजो की आत्मा की शांति के लिय हर वर्ष पितृ एकादशी का व्रत और पूजन करना चहिये |

About Parsva Ekadashi Parsva Ekadashi 2017 date –

Paranah means breaking fast means Ekadashi Parana is done after sunrise the next day of one-day fast. It is necessary to do Paraná within the binomial titha, unless the bi-lingual is over before the sunrise. Within Paradise, Paraná is not like a crime.

Paraná should not be done during the Hariri raid. Hari Vasura should wait before breaking fast. Hari Vasura is the fourth duration of the first Dvashashi Tith. The most preferred time to break fast is pratakalak. If you are unable to break fast during certain hours due to some reasons, then one should do after middle age.

Occasionally fasting of one day is done in two consecutive days. It is advisable that Smartha with family should follow fast only on the first day. Alternate one-day fast, which is second, the monks, widows and those who want liberation have been suggested. When the alternative one-day fast is recommended for scarda, then this Vaishnav coincides with the Ekadashi fasting day.

On both days, Ekadashi is fasted for hard worshipers who demand the love and affection of Lord Vishnu.

Important Timings On Indira Ekadashi

Sunrise 16-Sep-2017 06:17 AM
Sunset 16-Sep-2017 18:25 PM
Dwadashi End Moment 17-Sep-2017 14:42 PM
Ekadashi Tithi Begins 15-Sep-2017 18:29 PM
Ekadashi Tithi Ends 16-Sep-2017 16:30 PM
Hari Vasara End Moment 16-Sep-2017 22:03 PM
Parana Time 06:17 AM – 08:43 AM
Place : Ujjain [ India ] Time Zone : IST (+05:30)

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