करवा चौथ की कहानी 2017 पूजन विधि व्रत कथा करवा चौथ की सरगी Moon Rise Time

Latest Update News for Karva Chauth 2017 : करवा चौथ के दिन चंद्रमा का उदय शाम 08 बजकर 14 मिनट पर होगा, चंद्रमा का उदय होने के बाद सबसे पहले महिलाएं छलनी में से चंद्रमा को देखती हैं फिर अपने पति को, इसके बाद पति अपनी पत्नियों को लोटे में से जल पिलाकर उनका व्रत खुलवाएगा  | 

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करवा चौथ 2017 : करवा चौथ ,कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (8 अक्टूबर ) तिथि को करवा चौथ का व्रत है। करवा चौथ का व्रत महिलाओं द्वारा सदा सुहागिन रहने के लिए किया जाता हैं | करवा चौथ के दिन महिलाएं दिन भर भूखी रहकर अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करती हैं और फिर चाँद को देख कर अपने पति के हाथों से व्रत खोलती हैं | सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण हैं |

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2. करवा चौथ की पूजा विधि (Karwa Chauth Puja Vidhi)

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करवा चौथ के के दिन भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। करवा चौथ की पूजा करने के लिए बालू या सफेद मिट्टी की एक वेदी बनाकर भगवान शिव- देवी पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, चंद्रमा एवं गणेशजी को स्थापित कर उनकी विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए।पूजा के बाद करवा चौथ की कथा सुननी चाहिए तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर चालनी से अपने पति को देखना चाहिए। पति के हाथों से ही पानी पीकर व्रत खोलना चाहिए। करवा चौथ के दिन शाम के समय चन्द्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है। इस दिन बिना चन्द्रमा को अर्घ्य दिए व्रत तोड़ना अशुभ माना जाता है।


3. करवा चौथ पूजा मुहूर्त 2017

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करवा चौथ पूजा मुहूर्त = 18:24 से 19:41
अवधि = 1 घण्टा 17 मिनट्स
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय = 20:47


4. करवा चौथ की व्रत विधि 2017

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यह व्रत केवल शादी-शुदा महिलाओं के लिये ही होता है। अक्‍सर महिलाएं अपनी मां या फिर अपनी सास से करवा चौथ करने की विधि सीखती हैं लेकिन अगर आप अपने घर से दूर रहती हैं और यह व्रत करना चाहती हैं तो इसकी विधि जाननी जरुरी है। आइये जानते क्‍या है करवा चौथ के व्रत की सही विधि।

  1. सूर्योदय से पहले स्‍नान कर के व्रत रखने का संकल्‍प लें और सास द्वारा बनाई गई सरगी खाएं। सरगी में , मिठाई, फल, सेंवई, पूड़ी और साज-श्रंगार का समान दिया जाता है। सरगी में प्‍याज और लहसुन से बना भोजन न खाएं।
  2. सरगी करने के बाद करवा चौथ का निर्जल व्रत शुरु हो जाता है । मां पार्वती, महादेव शिव व गणेश जी का ध्‍यान पूरे दिन अपने मन में करती रहें।
  3. दीवार पर गेरू से फलक बनाकर पिसे चावलों के घोल से करवा चित्रित करें। इस चित्रित करने की कला को करवा धरना कहा जाता है जो कि बड़ी पुरानी परंपरा है।
  4. आठ पूरियों की अठावरी बनाएं। हलुआ बनाएं। पक्के पकवान बनाएं।
  5. फिर पीली मिट्टी से मां गौरी और गणेश जी का स्‍वरूप बनाइये। मां गौरी की गोद में गणेश जी का स्‍वरूप बिठाइये। इन स्‍वरूपों की पूजा संध्‍याकाल के समय पूजा करने के काम आती है।
  6. माता गौरी को लकड़ी के सिंहासन पर विराजें और उन्‍हें लाल रंग की चुनरी पहना कर अन्‍य सुहाग, श्रींगार सामग्री अर्पित करें। फिर उनके सामने जल से भरा कलश रखें।
  7. भेंट देने के लिए मिट्टी का टोंटीदार करवा लें। गेहूं और ढक्‍कन में शक्‍कर का बूरा भर दें। उसके ऊपर दक्षिणा रखें। रोली से करवे पर स्‍वास्तिक बनाएं।
  8. गौरी गणेश के स्‍वरूपों की पूजा करें। इस मंत्र का जाप करें – ‘नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्‌। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥’ ज्यादातर महिलाएं अपने परिवार में प्रचलित प्रथा के अनुसार ही पूजा करती हैं। हर क्षेत्र के अनुसार पूजा करने का विधान और कथा अलग-अलग होता है। इसलिये कथा में काफी ज्‍यादा अंतर पाया गया है।
  9. अब करवा चौथ की कथा कहनी या फिर सुननी चाहिये। कथा सुनने के बाद आपको अपने घर के सभी वरिष्‍ठ लोगों का चरण स्‍पर्श कर लेना चाहिये।
  10. रात्रि के समय चालनी मैं देखकर चंद्रमा के दर्शन करे । फिर पति के पैरों को छूते हुए उनका आर्शिवाद लें। फिर पति देव को प्रसाद दे कर भोजन करवाएं और बाद में खुद भी करें।

5. करवा चौथ की कहानी : महिलाओं के सदा सुहागिन होने का प्रतीक हैं करवा चौथ व्रत 

एक बार एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुएं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी।

इस Karwa Chauth पर फलों से बने फेस पैक से निखारें अपनी त्वचा 

Karwa Chauth 2017 : संवेदनशील त्वचा के लिए एक चम्मच नारियल पानी में दो चम्मच कैलेमिन पाउडर और आधी छटांक के लगभग एलोवेरा जेल मिलाकर इसे पांच से सात मिनट तक लगा रहने दें, फिर धो लें. एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह त्वचा में चमक लाता है |

साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दुख हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और वहां एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम उन्हें अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखो, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्घ्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा- बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं।

साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्घ्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। गणेश जी की अप्रसन्नता के कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया।

साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया।इस प्रकार उस लड़की के श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत भगवान गणेश जी उसपर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया।


6. करवा चौथ का व्रत खोलने के लिए चंद्रमा को अर्घ्य 

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7. करवा चौथ की सरगी

करवा चौथ पर पति के लिए व्रत रखना सभी को याद रहता है, लेकिन सरगी का ज़िक्र बहुत कम हो पाता है. जबकि करवा चौथ की शुरुआत ही ससुराल में सास के प्रेम से होती है. व्रत रखने वाली महिलाओं को उनकी सास सूर्योदय से पूर्व सरगी ‘सदा सुहागन रहो’ के आशीर्वाद सहित खाने के लिए देती हैं जिसमें फल, मिठाई, मेवे, मठरी, सेवियां, आलू से बनी कोई सामग्री, पूरी आदि होती है.

– करवा चौथ की सरगी बनाने की सामग्री और विधि

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– करवा चौथ सरगी बनाने की सामग्री 

2 – 4समय : 30 मिनट से 1 घंटाकैलोरी : 300मील टाइप : वेज
आवश्यक सामग्री
250 ग्राम सेवई
50 ग्राम घी
1 लीटर फुलक्रीम दूध
200 ग्राम चीनी/ गुड़
1-2 इलायची
4-5 धागे केसर
2 बड़ा चम्मच मेवा (बादाम, पिस्ता, काजू) अगर चाहें तो

– करवा चौथ की सरगी बनाने की विधि

– एक पैन में घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म हो करें. शीर खुरमा की रेसिपी के यहां क्लिक करें |
– जब घी पिघल जाए तो इसमें सेवई डालकर सुनहरा होने तक अच्छी तरह भून (roast) लें. चम्मच से चलाते रहें ताकि यह एक समान भुन जाएं |
-फिर इसमें दूध और इलायची डालकर उबाल आने तक चलाते हुए पकाएं. जैसे ही इसमें उबाल आने लगे आंच धीमा कर दें 10-12 मिनट तक पकाएं. इतनी देर में सेवई अच्छी तरह फूल जाएंगी और दूध सोख लेंगी | और सरगी बनकर तैयार हो जाएगी

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