चाचा नेहरु पर लोकप्रिय कविता ‘तुम गौरव थे भारत मां के हुए सपूत निराले

बाल दिवश पर चाचा नेहरु की कविता : भारत देश के पहले लोकप्रिय प्रधानमन्त्री और बच्चों के दिलों की धड्कन,बच्चों के राज दुलारे, चाचा नेहरु के जन्म दिवस पर उनकी कुछ लोकप्रिय कविता हम आपके सामने पेश करने जा रहे हैं |

चाचा नेहरु की लोकप्रिय कविता ”तुम गौरव थे भारत मां के”

तुम गौरव थे भारत मां के, हुए सपूत निराले

दुर्दिन के बादल सब छाँटे, पथ के शूल निकाले,

सूरज बनकर चमके दिन में, बने चाँद रजनी में

और, धरा पर फूल बिछाकर चुपके गये विदा ले।

भरे सुगंधित मलय पवन की मोहक मधुर छुवन,

पुलक-पुलक फसलें हरसाती, लहराते तन-मन।

चाचा नेहरु कविता ”खून पसीने के गारे से”

खून पसीने के गारे से भरी नींव सारी थी जिसने,

नये देश के नये भवन की नई नींव डाली थी जिसने

बापू के सपनों के तारे उस चमकीले ध्रुव को

बड़े मान से हृदय बसाया चाचा कहकर जग ने

गंगा लहर-लहर गाती है कजरी, गीत, भजन,

पंडित नेहरू तुम्हें नमन है चाचा तुम्हें नमन।।

बाल दिवश पर कविता  ”तुम बच्चों के प्यारे चाचा”

तुम बच्चों के प्यारे चाचा, बच्चे तुम्हें दुलारे,

हर संकट में दौड़े उनके, जब-जब तुम्हें पुकारे।

उन गुलाब से शिशुओं को तुम दिल से सदा लगाए

काँटे फूल बनाए सारे, फिर फूलों से हारे।

उसी हार से आज तुम्हारा करके अभिनंदन,

चरणचूम, आशीष शीश धर, करते शिशु वंदन।

गीत गज़ल है नाम तुम्हारा, देह तुम्हारी छंद,

मधुर मंद मुस्कान तुम्हारी मंगलमयी प्रबंध।

झरने जैसी धवल मनोहर वाणी के उद्गाता

‘गीता’ हैं सब ग्रंथ तुम्हारे भाषण ललित निबंध।

जिनको गोद खिलाया तुमने वही महान सुवन।

आग लगाकर ताप रहे हैं, तेरा चंदन-वन।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.