दिवाली लक्ष्मी पूजन की विधि सामग्री और पूजा करने का सही तरीका

दीपावली 2018 : भारत देश त्योंहारो का देश कहा जाता हैं | यहाँ हर दिन कोई ना कोई त्योंहार मनाया जाता हैं | हिन्दुस्तान मैं एक वर्ष मैं मनाये जाने वाले त्योंहारो मैं दिवाली का त्योंहार सबसे अधिक मायने रखता हैं | दीपावली के त्योंहार को हिन्दू धर्म मैं सबसे बड़ा त्योंहार माना गया हैं | सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और हर प्रकार से दिवाली बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। दीपावली के त्योंहार पर लक्ष्मीपूजा का विशेष महत्व हैं Laxmi Pooja  करने से हर आदमी की दरिद्रता दूर होती हैं और घर मैं सुखसमर्धि और शांति की स्थापना होती हैं | दीपावली एक ऐसा त्योंहार हैं जो अँधेरा को रौशनी मैं बदल देता हैं | इसलिए लोग अपने अन्धकार मय जीवन मैं उजाला लाने के लिए दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का विशेष आयोजन करते हैं |

Diwali Lakshmi Puja

 

दीपावली पर लक्ष्मीजी की पूजा क्यों की जाती है ? लक्ष्मी पूजन की विधि और सामग्री 

माता लक्ष्मी की क्रपा के लिए दीपावली के दिन को बहुत ही खाश माना गया हैं | घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और मां लक्ष्मी स्थिर रहें इसके लिये दिनभर मां लक्ष्मी का उपवास रखने के बाद सूर्यास्त के पश्चात मुहर्त के अनुसार मां लक्ष्मी की पूजा की जाती हैं। अपने घर मैं अधिक से अधिक धन जमा हो इसके लिए माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती हैं | माता लक्ष्मी की पूजा की सम्पूर्ण विधि को हम निचे बताने जा रहे है | ध्यान पूर्वक पढ़े –

दीपावली पर लक्ष्मी पूजन की सामग्री :

माता लक्ष्मी के पूजन मैं वो ही सामग्री रखनी चाहिए जो माता लाक्स्मीजी को प्रिय होती हैं | दीपावली पर माँ लक्ष्मी की पूजन सामग्री –

  1. वस्त्र : माता लक्ष्मी जी को पहनाने के लिए लाल,गुलाबी या पीले रंग का वस्त्र होना चाहिए |
  2. पुष्प : माँ लक्ष्मी को पुष्प में कमल व गुलाब प्रिय है |
  3. फल : माँ लक्ष्मी को फल में श्रीफल, सीताफल, बेर, अनार व सिंघाड़े प्रिय हैं।
  4. सुगंध : सुगंध में केवड़ा, गुलाब, चंदन के इत्र का प्रयोग इनकी पूजा में अवश्य करें।
  5. अनाज में चावल तथा मिठाई में घर में बनी शुद्धता पूर्ण केसर की मिठाई या हलवा, शिरा होना चाहिए है।
  6. दीपक जलाने के लिए प्रकाश के लिए गाय का घी, मूंगफली या तिल्ली का तेल इनको शीघ्र प्रसन्न करता है।
  7. अन्य सामग्री में गन्ना, कमल गट्टा, खड़ी हल्दी, बिल्वपत्र, पंचामृत, गंगाजल, ऊन का आसन, रत्न आभूषण, गाय का गोबर, सिंदूर और भोजपत्र का पूजन में उपयोग करना चाहिए।

दीपावली पर लक्ष्मीजी कि पूजा कैसे करे ? निचे पढ़े

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा करने के लिए सबसे पहले एक चोकी या काठ का बना पाटा ले | और फिर उसके उपर गणेशजी और लक्ष्मीजी की मूर्ति को विराजमान करे | ध्यान रहे लक्ष्मी जी की मूर्ति या फोटो गणेशजी की मूर्ति से दाहिनी तरफ होनी चाहिए | मूर्ति का मुख पूर्व या पश्चिम की तरफ होना चाहिए | पूजा करने वाला सामने होना चाहिए | अब शुद्ध पानी से भरा कलश ले और कलश को निचे चावल रखकर उसके उपर रखे ,कलश को लक्ष्मी जी की मूर्ति के पास स्थापित करे | अब लाल कपड़े मैं नारियल को सवा नाल से बांध कर कलश के उपर रखे | अब दो बड़े दीपक ले ,एक मैं घी भरे व् दुसरे मैं तेल,एक दीपक दीपक पूजा स्थल के दाहिनी तरफ रखे और एक लक्ष्मी जी व् गणेशजी के चरणों में रखे | और एक दीपक गणेशजी के पास रखे |

अब एक दूसरी छोटी चोकी ले और इसके उपर लाल कपड़े का भोज पत्र बिछाए,जिसके उपर लक्ष्मीजी की तरफ नो ग्रहों की प्रतीक चावल की नो ढेरियां बनाये,और गणेशजी की और सोलह चावल की ढेरियां बनाये | इन दोनों के बीच मैं सवास्तिक का चिन्न बनाये |इसके बीच में सुपारी रखें व चारों कोनों पर चावल की ढेरी। सबसे ऊपर बीचोंबीच ॐ लिखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें। थालियों की निम्नानुसार व्यवस्था करें-
1. ग्यारह दीपक,
2. खील, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान,
3. फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक।इन थालियों के सामने घर के मुखिया बैठे। आपके परिवार के सदस्य आपकी बाईं ओर बैठें। कोई आगंतुक हो तो वह आपके या आपके परिवार के सदस्यों के पीछे बैठे।

दिवाली लक्ष्मी पूजन विधि : 

दिवाली की पूजा शुरू : सबसे पहले कलश से थोडा जल लेकर उसे मूर्तियों पर छिडके और पूजा सामग्री पर जल छिडककर शुद्ध कर ले |

अब ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा।
यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥

पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः
कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥

इस मन्त्र का जाप कर अब पृथ्वी पर जिस जगह आपने आसन बिछाया है, उस जगह को पवित्र कर लें और मां पृथ्वी को प्रणाम करके मंत्र बोलें-

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता।

त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥

पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः

अब पुष्प, चम्मच या अंगुली से एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-
ॐ केशवाय नम : और फिर एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-
ॐ नारायणाय नम : फिर एक तीसरी बूंद पानी की मुंह में छोड़िए और बोलिए ॐ वासुदेवाय नमः

फिर ॐ हृषिकेशाय नमः कहते हुए हाथों को खोलें और हाथों को धो लें। अब पुनः तिलक लगाये और सभी मन्त्रो का उचारण करते हुए पूजा सम्पन्न करे और आखिर मैं माँ लक्ष्मी और गणेशजी की आरती उतारे | आरती करने के बाद सभी हाथ जोडकर माँ लक्ष्मी और गणेशजी से आशीर्वाद ले ,इस प्रकार दीपावली की पूजा सम्पन्न हुई |

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