स्वतन्त्रता दिवस 2020 पर वतन परस्ती क्रन्तिकारी शायरी

स्वतन्त्रता दिवस 2020 : भारत देश की भूमि वीरों की भूमि हैं इस मात्रभूमि की मिट्टी के कण कण मैं देस्भक्ति की बू आती हैं | भारत देश की मिट्टी मैं जन्मे वीर योद्धा मरते दम तक अपनी भारत माँ पर किसी भी पराये देश की शक्ति को प्रभावित नहीं होने देंगे | भारत की मिट्टी मैं पैदा हुए देशभक्त अपनी मात्रभूमि की रक्षा के लिए अपना सर कटा लेंगे परन्तु सर झुकायेगे नहीं,भारत देश की मिट्टी को सत सत प्रणाम करते हैं जिसने अपनी कोख से ऐसे वीर जवानों को पैदा किया | धन्ये हैं उस देश की धरती जिसपे महात्मा गाँधी ,भगतसिंह आजाद जैसे यौद्धाओ ने जन्म लिया,धन्ये हैं वो देश जिस देश की मिट्टी ने ऐसे लाल दिए , गर्व हैं हमारे देश भारत को, जिन वीर शहिदों की बदोलत भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बना, अपने नाम और वर्चस्व की विश्व धरातल पर पहचान बनाई | आज उस स्वतंत्र भारत की सवा करोड़ जनता उन अमर शहीदों को सर झुकाकर हजार नहीं लाखों करोड़ो बार सत सत नमन करती हैं और करते रहेंगे – —-जय भारत ,जय हिन्द |

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देश के लिए वतन परस्ती शायरी

है लिये हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर,
और हम तैयार हैं सीना लिये अपना इधर।
खून से खेलेंगे होली अगर वतन मुश्किल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है… जय हिन्द ।।

स्वतन्त्रता दिवश पर चीन के लिए संकेत शायरी

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चाइना जिद्द छोड़े ,हिंदुस्तान हमारा हैं
1962 का वो टाइम नहीं जो पीछे हट जायेगे ,
देश के लिए मर जायेंगे मिट जायेंगे ,
लेकिन डोकलाम को चाइना के हाथ मैं नहीं जाने देंगे ||

देश भक्ति शायरी हिंदी में

कतरा – कतरा भी दिया वतन के वास्ते,
एक बूँद तक ना बचाई इस तन के वास्ते,
यूं तो मरते है लाखो लोग रोज़,
पर मरना वो है दोस्तों जो जान जाये वतन के वास्ते… जय हिन्द ।।

स्वतन्त्रता दिवश पर शहीदों को सलाम शायरी

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जब शहीदों की डोली उठे धूम से, देशवालों तुम आँसू बहाना नहीं !
पर मनाओ जब आज़ाद भारत का दिन, उस घड़ी तुम हमें भूल जाना नहीं… जय हिन्द ।

15 अगस्त पर देश भक्ति शायरी

या तो रब दिलों को दर्द से खाली कर दे,
या वतन को फूल बना दे, और हमें माली कर दे… जय हिन्द ।।

शहीदों की अमरत्व की ज्योत जलती रहें,
रगों में शहादत की पौध फलती रहे,
कोई कैसे डिगादे ईमान हम नौजवानों का,
सीने में आग वतनपरस्ती की फलती रहें… जय हिन्द ।।

देश भक्ति जाट शायरी

हम जाट दिवाने हैं तेरे भी और वतन के भी,
अगर जान देने की बात आई तो…
तुझसे बेवफाई करेंगे लेकिन वतन से नहीं… जय हिन्द ।।

देश भक्ति वतन परस्ती शायरी :-

वक़्त आ गया है अब दुनिया को साफ़ साफ़ कहना होगा,
देश प्रेम की प्रबल धार में हर मन को बहना होगा,
जिसे तिरंगा नहीं लगे प्यारा, मेरा देश छोड़ जाये,
हिंदुस्तान में हिंदुस्तानी बनकर ही रहना होगा… जय हिन्द ।।

Desh bhakti dialogue in hindi :

ना मरो सनम बेवफा के लिए,
दो गज जमीन न मिलेगी दफन के लिए,
मरना है तो मरो वतन के लिए,
हसीना भी दुपट्टा फाङ देगी कफन के लिए… जय हिन्द ।।

ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता… जय हिन्द ।।

Deshbhakti poems in hindi

हजारो शत्रु आये पर, पर हमको कौन जीता है,
कभी हिम्मत के दौलत से न हमारा हाथ रीता है,
वंशज है भारत के हम, धर्म पर मर मिटने वाले,
हथियार एक हाथ में थामे तो दूजे हाथ में गीता है… जय हिन्द ।।

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