2 अक्टूबर लाल बहादुर शास्त्री जयंती 2017 योगदान और जीवन परिचय

2 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री की जयंती सम्पूर्ण भारत में मनाई जाती है | महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री का जन्म एक साथ हुआ था | 2 अक्टूबर के दिन दो महान व्यक्ति जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया था | लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन सभी सरकारी कार्यालय,स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों और गैर सरकारी संगठनों में इस दिन अवकास रहता है |

लाल बहादुर शास्त्री जयंती 2017

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय उत्तर प्रदेश में जन्म हुआ था | उनके पिता मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव जो एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे | सब लोग उनको मुंशीजी ही कहते थे | लालबहादुर शास्त्री की माँ का नाम रामदुलारी था |लाल बहादुर शास्त्री ने ननिहाल में रहते हुए प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की थी | उसके बाद की शिक्षा हरिश्चन्द्र हाई स्कूल और काशी विद्यापीठ में हुई। काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि मिलने के बाद उन्होंने जन्म से चला आ रहा जातिसूचक शब्द श्रीवास्तव हमेशा हमेशा के लिये हटा दिया और अपने नाम के आगे ‘शास्त्री‘ लगा लिया।

शास्त्री जयंती 2017

लाल बहादुर शास्त्री ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई कार्य किये | लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्रता के बाद देश का दूसरा प्रधान मंत्री बना  | उन्होंने भारत में कृषि क्षेत्र बहुत बड़ी क्रांति पैदा की थी | कहा जाता है की गांधी और नेहरू एक कट्टर अनुयायी थे | जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद उन्होंने भारत के नया प्रधान मंत्री बनाया गया | लाल बहादुर शास्त्री प्रधान मंत्री बनाने के बाद भारत में अमूल दूध सहकारी की सफेद क्रांति भी उनके कार्य काल में हुई | इसके बाद शास्त्री ने नमक क्रांति में महात्मा गांधी का साथ दिया |

लाल बहादुर शास्त्री प्रसिद्ध नारे

‘जय जवान जय किसान’ सैनिक की जय हो, किसान जय हो जो आज भी प्रसिद्ध है

लाल बहादुर शास्त्री का योगदान

लाल बहादुर शास्त्री को 1964 में भारत का प्रधानमन्त्री बनाया गया | 1965 में अचानक पाकिस्तान ने भारत पर सायं 7.30 बजे हवाई हमला कर दिया | शास्त्रीजी ने इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और जय जवान-जय किसान का नारा दिया। इससे भारत की जनता का मनोबल बढ़ा और सारा देश एकजुट हो गया। 22 दिनों तक चले इस भारत-पाक युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों ने लाहौर शहर के बाहरी इलाके में प्रवेश कर लिया था | उन्होंने जय जवान जय किसान के नारे के साथ सैनिकों को प्रेरित किया और साथ ही किसानों को खाद्यान्नों के उत्पादन में वृद्धि के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके |

लाल बहादुर शास्त्री जयंती का उत्सव

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में देश के दो देशभक्तों के संघर्ष के लिए पूरे देश में समारोह आयोजित किया जाता है। इस दिन को शांति दिवस के रूप में भी मनाया जाता है | इस दिन भारत के प्रधानमंत्री और रास्ट्रपति द्वारा लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी की मूर्तियों पर फूलो की माला अर्पित की जाती है | और लाल किले पर इस दिन भाषण दिया जाता है उसमे उन महान व्यक्तियों द्वारा किये गए महान कार्यो पर चर्चा की जाती है | और उनकी सादगी और चरित्र का वर्णन किया जाता है | लाल बहादुर शास्त्री जयंती को
कृषि के क्षेत्र में उनके जीवन और विकास से संबंधित सभी मामलों में महान नेता की गहरी भागीदारी के कारण किसानों द्वारा बहुत उत्साह से मनाया जाता है।

लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर समारोह का आयोजन Organizing ceremony on Lal Bahadur Shastri Jayanti

लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में समारोह आयोजित किये जाते है | उस समारोह में छात्र लाल बहदुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देने के लिए किसानो के कपडे पहन कर आते है | और देश भक्ति गाने गाते है | लाल बहदुर शास्त्री को भारत को एक स्वतंत्र और प्रगतिशील राष्ट्र बनाने के लिय याद किया जाता है | भारत पाकिस्तान की 1965 की लड़ाई को शांति पूर्वक ढंग से समाप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी | इसलिए भी उन्हें बड़े सम्मान के साथ याद किया जाता है | इस अवसर पर छात्र छात्राओं द्वारा ‘शांति और गैर हिंसा’, ‘राजनीति में ईमानदारी’ आदि विषयो पर विचार विमर्श किया जाता है |

लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर कार्यकर्मो का आयोजन

लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस पर अनेक कार्यकर्मो का आयोजन किया जाता है | जैसे कृषि और किसानों से जुड़े विभिन्न एनजीओ करना | देश भक्ति गीतों का आयोजन किया जाता है | इस दिन कई सरकारी और गैरसरकारी संगठन किसानो को घुमाने का कार्यकर्म बनते है | यह इसलिय किया जाता है क्योकि लाल बहदुर शास्त्री ने कृषि के क्षेत्र में व ग्रामीण विकास योजनाएं लाकर उलेखनीय योगदान दिया था |

लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध शब्द Lal Bahadur Shastri Famous Words

“स्वतंत्रता का संरक्षण अकेले सैनिकों का काम नहीं है। पूरे राष्ट्र को मजबूत होना है।”

“हर देश के जीवन में एक समय आता है जब यह इतिहास की क्रॉस-सड़कों पर खड़ा होता है और हमें किस तरह से जाना चाहिए। लेकिन हमारे लिए कोई कठिनाई या झिझक नहीं होना चाहिए, दाए या बाएं नहीं दिख रहा है। हमारा तरीका है सीधे और स्पष्ट – स्वतंत्रता और सभी के लिए समृद्धि के साथ समाज में एक समाजवादी लोकतंत्र का निर्माण, और सभी देशों के साथ विश्व शांति और दोस्ती का रखरखाव। ”

लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु

लाल बहादुर शास्त्री को एक आदर्श व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। 11 जनवरी 1966 को उनका निधन हो गया। उन्हें मरणोपरांत “भारत रत्न ” पुरस्कार से सम्मानित किया गया था ।  गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के  आदर्शों के बारे में बताया  जाता है और लाल बहादुर शास्त्री को राष्ट्रीय हीरो के रूप में भी उतना ही सम्मानl मिलता है जितना महात्मा गाँधी जी को मिलता है |

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