गैंगस्टर आनंदपाल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया

आनंदपाल सितंबर 2015 में नागौर की एक अदालत में पेशी के बाद वापस अजमेर जेल में भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच लाते समय पुलिस अभिरक्षा से आनंदपाल फरार हो गया था. जिसकी तलास में एसओजी की टीम पिछलें एक महीने से आनंदपाल व उसके गुर्गों की तलाश में हरियाणा में रुकी हुई थी। सिरसा गई टीम में उप अधीक्षक विद्याप्रकाश, निरीक्षक सूर्यवीर सिंह, एसओजी के कांस्टेबल हरिराम व दो स्पेशल कमांडो थे। जानकारी के अनुसार दोपहर में आनंदपाल के भाई विक्की और गिरोह के मुख्य गुर्गे देवेन्द्र उर्फ गट्टू को पुलिस टीम ने सिरसा हरियाणा से पकड़ लिया। उन दोनों ने पुलिस को बताया की आनंदपाल चुरू के मालासर गाँव में किराए के मकान में रहता है।

Rajasthan Police Encounter in Churu

इस पर मालसर पुलिस की मदद से पहले उस मकान को चिन्हित किया गया। जहां आनंदपाल रुका हुआ था | इसके बाद स्थानीय पुलिस व एसओजी व क्यूआरटी की टीम ने पूरे क्षेत्र को चारो तरफ से घेर लिया। अत्याधुनिक हथियारों से लैस टीम ने आगे का मोर्चा सम्भाला और बाकी टीम ने और श्रवण सिंह के उस मकान को घेर लिया, जहां आनंदपाल था। इस बीच पुलिस को देखते ही आनंदपाल ने एके-47 से फायरिंग शुरू कर दी। आनंदपाल करीब सौ से अधिक राउंड फायर किए। वह पुलिस टीम को पीछे धकेलना चाह रहा था, लेकिन इस बार वह पुलिस के चंगुल में बुरी तरह फंस चुका था। पुलिस टीम ने भी लगातार फायरिंग की। दोनों तरफ से लगातार फायरिंग के बाद गोली लगने से आनंदपाल की मौत हो गई

कब कैसे हुआ पुलिस एनकाउंटर

1. दोपहर 4 बजे आनंदपाल के भाई विक्की और गिरोह के मुख्य गुर्गे देवेन्द्र उर्फ गट्टू को पुलिस ने पकड़ा |
2. कुख्यात अपराधी आनंदपाल को शनिवार रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया |
3. आमने सामने फाईरिंग में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए |
4.आनंदपाल को छह गोलियां लगी जिससे उसकी मौत हो गई |

कौन है कुविख्यात अपराधी आनंदपाल

आनंदपाल कुविख्यात अपराधी जो नागौर के लाडनूं  तहसील के गांव सांवराद का रहने वाला था आनंदपाल पर करीब दो दर्जनों मामलों में डीडवाना, जयपुर, सीकर, सुजानगढ, चूरू, सांगानेर सहित अन्य स्थानों पर वांछित था. वह नागौर के डीडवाना में जीवन राम गोदारा की हत्या, सीकर जिलें में गोपाल फोगावट हत्या मामले में वांछित था. आनंदपाल सितंबर 2015 में नागौर की एक अदालत में पेशी के बाद वापस अजमेर जेल में भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच लाते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था. यह पांच लाख का इनामी कुख्यात अपराधी आनंदपाल शनिवार रात पुलिस की मुठ भेड़ में मारा गया |

कोर्ट द्वारा आनंदपाल के लगे मामले

आनंदपाल ने 2006 में डीडवाना में जीवनराम गोदारा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। गोदारा की हत्या के अलावा आनंदपाल के नाम डीडवाना में ही 13 मामले दर्ज है। जहां 8 मामलों में कोर्ट ने आनंदपाल को भगौड़ा घोषित कर रखा था। सीकर के गोपाल फोगावट हत्याकांड को भी आनंद पाल ने ही अंजाम दिया। गोदारा और फोगावट की हत्या करने का मामला समय-समय पर विधानसभा में गूंजता रहा है।29 जून 2011 को आनंद पाल ने सुजानगढ़ में भोजलाई चौराहे पर गोलियां चलाकर तीन लोगों को घायल कर दिया। उसी दिन गनौड़ा में शराब ठेके पर सेल्समैन के भाई की हत्या के आरोप में भी आनंद पाल का हाथ होने की बात सामने आई। उसके बाद आनंद पाल ने बीकानेर जेल में ही अपने प्रतिद्वंदी को गोलियों से उड़ा दिया। सेंट्रल जेल में मचे रक्तपात में अपराध जगत के दो और लोगों को आनंदपाल की गैंग ने मार गिराया

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