Ardeshir Godrej Profile, Biography or Life History

अर्देशिर गोदरेज की जीवनी (आत्मकथा)

गोदरेज परिवार, एक भारतीय पारसी परिवार है जो रियल एस्टेट, उपभोक्ता उत्पाद, औद्योगिक इंजीनियरिंग, उपकरण, फर्नीचर के रूप में विविध क्षेत्रों में फैला हुआ हैं उनका पहला व्यवसाय – सर्जिकल उपकरण अच्छा नहीं था, लेकिन अर्देशर भारत में एक विनिर्माण व्यवसाय को जारी रखने के लिए निर्धारित किया गया था। एक नए लॉक-टूइंग व्यवसाय शुरू करने के लिए, वह मर्वानजी काम, पारसी व्यापारी और परोपकारी व्यक्ति से ऋण प्राप्त किया। सुरक्षा और कृषि उत्पादों अपने भाई, नादिर गोदरेज और चचेरे भाई जमशेद गोदरेज के साथ आदि गोदरेज का नेतृत्व किया, गोदरेज भारत के सबसे धनी उद्योगपतियों में से एक हैं। आदि कई सारे भारतीय उद्योग संगठनों के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सन 2011 से वे इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नस बोर्ड के अध्यक्ष थे और कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे एम.आई.टी. स्लोअन प्रबंधन संस्थान के संकायाध्यक्ष के सलाहकार समिति के सदस्य भी हें |

भारत के सबसे अमीर परिवारों में से एक गोदरेज परिवार हें

गोदरेज एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति और प्रसिद्द औद्योगिक घराने गोदरेज समूह के अध्यक्ष हैं। नारसी मोंजी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के भी अध्यक्ष हैं और व्हार्टन एशियन एग्जीक्यूटिव बोर्ड के मेम्बर हैं। इसके साथ-साथ आदि हिमालयन क्लब’ के संरक्षक भी हैं। उन्होंने गोदरेज को एक परंपरागत ढंग से काम करने वाली कंपनी से एक ‘पेशेवर कंपनी बनाया है |

अर्देशिर गोदरेज प्रारंभिक जीवन

प्रारंभिक जीवन में उन्हें किसी प्रकार से कोई कठनाई का सामना नही करना पड़ा क्यूकि परिवार के हालात अच्छे थे तो इस कारण से उन्हें पढाई करने में कोई दिक्कत नही आई आदि गोदरेज का जन्म 3 अप्रैल 1942 को मुंबई शहर में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में ही हुई। आदि गोदरेज एक होनहार लड़का था पढाई में हमेशा से ही अच्छा था उन्होंने एच. एल. कॉलेज से स्नातक किया और ‘एम.आई.टी. स्लोअन स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट’ से एम.बी.ए. किया। अपने प्रबंधन के पढ़ाई के दौरान वे ‘पाई लैम्ब्डा फाई’ और ‘ताऊ बीटा पाई’ के सदस्य थे। सन 1963 में उन्होंने अपनी प्रबंधन की पढ़ाई पूरी की थी |

अर्देशिर गोदरेज का करियर

करियर की शुरुवात उन्होंने अपने पारिवारिक व्यवसाय से किया था | परिवार वालो को उनसे बहुत सी उम्मीदें थी क्योंकि प्रबंधन की शिक्षा ग्रहण करने के बाद कंपनी में शामिल होने वाले वे पहले व्यक्ति थे। इस से पहले कंपनी में पुराने तरीके से ही काम हो रहा था आदि के आने के बाद कम्पनी नए तरीके से कार्य प्रराम्भ किया और गोदरेज को एक परिवार कम्पनी से एक पेशेवर कम्पनी बनाया और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैसे पदों पर परिवार के बाहर से पेशेवर लोगों को भर्ती किया। भारत में लाइसेंस राज के दौर में भी वे ‘गोदरेज समूह’ को सफलता के नए शिखर पर ले गए।

गोदरेज को सम्मान और पुरस्कार

  • बिज़नस लीडर ऑफ़ द इयर 2015
  • इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द इयर 2013
  • भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित, 2012
  • अर्न्स्ट एंड यंग इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द इयर 2012
  • किम्प्रो प्लैटिनम स्टैण्डर्ड अवार्ड फॉर बिज़नस 2011
  • मैनेजमेंट ऑफ़ द इयर पुरस्कार 2010-2011
  • एआईएमए- जेआरडी टाटा कॉर्पोरेट लीडरशिप सम्मान 2010
  • राजीव गाँधी पुरस्कार 2002
  • द अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन लीडरशिप इन फिलान्थ्रोप्य अवार्ड, 2010
  • एशिया पसिफ़िक इंटरप्रेन्योरशिप सम्मान 2010 में ‘इंटरप्रेन्योर ऑफ़ द इयर’ पुरस्कार से सम्मानित
  • बेस्ट बिजनेसमैन ऑफ़ द इयर’ पुरस्कार से सम्मानित
  • चेमेक्सिल के ‘लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ 2010 से सम्मानित

वैवाहिक जीवन

आदि गोदरेज का विवाह मशहूर सोशलाइट और लोकोपकारी परमेश्वर गोदरेज से हुआ आदि गोदरेज के 3 संतान हें उनकी सबसे बड़ी बेटी तान्या गोदरेज इंडस्ट्रीज में कार्यकारी निदेशक और विपणन विभाग की अध्यक्ष हैं। उनकी दूसरी बेटी निशा गोदरेज ने अमेरिका के हार्वर्ड बिज़नस स्कूल से प्रबंधन की शिक्षा ली है और गोदरेज समूह में कार्यरत हैं। उनके बेटे पिरोजशा गोदरेज ने भी अमेरिका से प्रबंधन की शिक्षा ली है और ‘गोदरेज प्रॉपर्टीज’ से जुड़े हैं।

विशेष सूचना: परमेश्वर गोदरेज और गोदरेज समूह के अध्यक्ष आदि गोदरेज की पत्नी परमेश्वर गोदरेज का निधन हो गया। उन्होंने ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली

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