ATHITI KAX KAISA HO VASTU KE ANUSAR अतिथि कक्ष कैसा हो वास्तु के अनुसार – अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) से जुड़ें कुछ खास वास्तु टिप्स Vastu Tips For Guest Room In Hindi

ATHITI KAX KAISA HO VASTU KE ANUSARअतिथि कक्ष कैसा हो वास्तु के अनुसार – अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) से जुड़ें कुछ खास वास्तु टिप्स VASTU TIPS FOR GUEST ROOM IN HINDI : बैठकरूम (Living room) और अतिथि कक्ष (Guest room) में क्या फर्क होता है। वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए अतिथि कक्ष (बैठकरूम) | आपको बता दे की कुछ वास्तुकार अतिथि कक्ष को वाव्यव कोण में होना उचित मानते है | क्योकि इस दिशा के स्वामी वायु तथा चंद्रमा होते हैं| और इस दिशा में (वायव्य कोण में) बैठकरूम (Living room) और अतिथि कक्ष (Guest room) होने से अतिथि कुछ ही समय के लिए घर में रहता है तथा पूर्व आदर-सत्कार पाकर वापिस लौट जाता है| इसके अलावा आपको बता दे की अतिथि कक्ष दक्षि‍ण-पश्चि‍म दि‍शा अर्थात नैऋत्य में नहीं बनाना चाहि‍ए क्योकि यह दि‍शा केवल घर के स्‍वामी के लि‍ए होती है। इसके अलावा आप वास्तुशास्‍त्री से पूछकर आग्‍नेय कोण अर्थात दक्षि‍ण-पूर्वी या दक्षिण दि‍शा में भी गेस्‍टरूम बना सकते हैं| आपका बैठकरूम (Living room) और अतिथि कक्ष (Guest room) बिलकुल साफ़ होना चाहिए जिसे देखकर मेहमान का मन खुश हो जाए। इसके अलावा अतिथि के कक्ष में ही लेटबाथ होना चाहिए। और यदि हम बैठकरूम (Living room) और अतिथि कक्ष (Guest room) के दरवाजे इ बात करे तो वास्तु के हिसाब से एक दरवाजा पूर्व दिशा में तथा दूसरा दक्षिण दिशा में होना चाहिए। इसके अलावा गेस्टरूम में खिड़की उत्तर दिशा, पश्चिमी दिशा में या फिर उत्तर-पूर्व कोने में होनी चाहिए।

ATHITI KAX KAISA HO VASTU KE ANUSAR
  • वास्तु के अनुसार गेस्टरूम में भारी लोहे का सामान नहीं रखना चाहिए |
  • वास्तु के अनुसार गेस्टरूम को ज्यादा से ज्यादा खाली रखें।
  • वास्तु के अनुसार आप गेस्टरूम में फोल्डिंग बेड, सोफा कम बेड या दो अलग-अलग बेड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं |
  • इसके अलावा यदि अतिथि कक्ष में एक ऐसी अलमारी की व्यवस्था हो, जिसके ऊपरी भाग में आपकी मेहमान अपना सामान रख सकें जैसे ट्राफी या अवार्ड ।

अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) से जुड़ें कुछ खास वास्तु टिप्स VASTU TIPS FOR GUEST ROOM IN HINDI

अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) से जुड़ें कुछ खास वास्तु टिप्स VASTU TIPS FOR GUEST ROOM IN HINDI : आप सभी जानते है की अतिथि देवो भव भारतीय संस्कृति में अतिथि को भगवान का दर्जा दिया गया है। क्योकि मेहमान का स्वागत-सत्कार करने की परम्परा पुराने समय से चली आ रही है | क्योकि जब भी मेहमान घर में आता है तो हम उनकी हर पसंद नापसंद का ख्याल रखते है। आप अपने घर के अतिथि कक्ष में अपने परिवार वालों की तस्वीर और म्यूरल व पेंटिंग आदि भी लगा सकते है। और यदि रंग की बात करे तो इसे हमेशा हल्के रंग का पुतवना चाहिये। पीला, हरा, नीला, नारंगी या लेवेंडर रंग अतिथि कक्ष के लिए वास्तू के हिसाब से अच्छा होता है। वास्तु के अनुसार उत्तर पश्चिम दिशा में मेहमानों के लिए अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) बनाना शुभ रहता है।

  • आपको अपने घर के अतिथि कक्ष में डेकोरेशन का खास तौर पर ख्याल रखना चाहिए। आप उसमे सजावटी वस्तुओं में ऐसी तस्वीरें लगाने से बचें-जैसे,जंगली जानवर, रोते हुए बच्चे, नंगे बच्चे, युद्ध के दृश्य, भगवान के चित्र, पेड़ आदि के चित्र।
  • इसके अलावा घर के अतिथि कक्ष को हमेशा साफ़ सुथरा रखे जिससे अतिथि का मन खुश हो जाए।
  • यदि संभव हो सके तो मेहमानों के कमरे के साथ ही बाथरूम बनवाएँ जिससे मेहमानों को ज्यादा परेशानी न हो और वो खुशी से रह सकें।

ATHITI KAX KAISA HO VASTU KE ANUSAR अतिथि कक्ष कैसा हो वास्तु के अनुसार

अतिथि का मतलब ‘अ-तिथि’ यानि जिसके आने की कोई तिथि ना हो अतिथि कहलाता है | यदि आपके पास जयादा जगहे हे तो आप अलग से भी अतिथि कक्ष बना सकते है | यदि आप घर में अतिथि कक्ष बना रहे है तो इसके लिए घर में कुछ स्थान और कुछ वास्तु नियम निर्धारित है |

  • अतिथि कक्ष के लिए लिए वायव्य कोण सबसे बढ़िया दिशा है |
  • पूर्व या ईशान (उत्तर-पूर्व) में भी अतिथियों के कमरे को बना सकते है |
  • इसके अलावा उत्तर दिशा में भी अतिथि कक्ष बनाया जा सकता है |
  • अतिथि कक्ष में बेड को कमरे की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखा जा सकता है |
  • अतिथि कक्ष में बेड को वायव्य दिशा में भी रखा जा सकता है |
  • अतिथि कक्ष में बेड इस तरह रखे की अतिथि का सिर सोते वक्त दक्षिण, पूर्व या पश्चिम में रहे |
  • अतिथि कक्ष में सामान रखने के लिए अलमारी की व्यवस्था दक्षिण, नैऋत्य या पश्चिम में करे |

अतिथियों के कमरे में क्या ना करे (Vastu Tips For Guest Room In Hindi)

  • किसी भी हालत में अतिथि कक्ष को नैऋत्य में ना बनाये | क्योकि इस दिशा में स्थित कमरा केवल घर के मुखिया के लिए होता है |
  • इसके अलावा ब्रह्मस्थान में भी अतिथि कक्ष बनाना सही नहीं होता है |
  • तहखाने के ऊपर कभी भी अतिथि कक्ष नहीं बनाना चहिये |
  • अतिथियों के कमरे में बेड की व्यवस्था इस प्रकार न करे की सोने वाले का सिर उत्तर की तरफ रहे |
  • अतिथि कक्ष में बेड के ऊपर किसी तरह की बीम या अलमारी नहीं होनी चाहिए |
  • कभी भी अतिथि कक्ष को लम्बे समय तक बंद ना रखे |
  • अतिथि कक्ष को भी अन्य कमरों की तरह लगातार उपयोग करे |
  • अतिथि कक्ष भी एक प्रकार से अन्य शयन कक्षों की तरह ही होता है |

Vastu Tips : कैसा हो आपके घर में आपके मेहमानों का कमरा (अतिथि कक्ष)?

भारतीय संस्कृति में अतिथि को देवता माना गया है इसलिए हम उनके सम्मान और सुख-सुविधा का ध्यान रखते है | वास्तु शास्त्र में कई नियमों का उल्लेख किया गया है जो स्वास्थ्य, वित्तीय, वैवाहिक एवं शिक्षा तथा करियर में लाभ प्राप्त करने में सहायता करते हैं। वास्तु में गेस्ट रूम/अतिथि कक्ष के स्थान को निर्धारित करने के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। गेस्ट रूम/अतिथि कक्ष को वास्तु-शास्त्र के नियमों के अनुरूप घर की सही दिशा में स्थापित करना चाहिए जिससे अतिथि के साथ अच्छे एवं सम्मानजनक संबंध स्थापित हो सके। आप यहाँ दी गई सभी परकार की वासु टिप्स को अपनों के साथ भी शेयर कर सकते है |

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