Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi Dev Uthani Gyaras Ke Niyam Upay देवउठनी एकादशी को क्या करना चाहिए क्या नही देखे शुभ/अशुभ कार्य

Devuthani Ekadashi Ke Upay Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi Dev Uthani Gyaras Ke Niyam Dev Uthani Ekadashi Ko Kya Karna Chahiye Kya Nhi : भारत के विद्वान पंडितो और ज्योतिषाचार्य द्वारा बताये गए देवउठनी एकादशी व्रत के नियम Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi के बारे में आप पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है | अगर आप भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद पाना चाहते है Dev Uthani Ekadashi Gyaras Ke Niyam Upay का जरुर पालन करे | आइये देखे है Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi. देवउठनी एकादशी के शुभ/अशुभ कार्य |

Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi

Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Shubh Ashubh Upay

Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi Shubh Ashubh Upay Niyam : हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर देवउठनी एकादशी पर्व मनाया जाता है | मान्यता है कि आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन भगवान विष्णु सो जाते हैं | इसके बाद देव प्रबोधिनी यानी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी को भगवान जागते हैं | ये देव के जागने यानी उठने की तिथि है, इसीलिए इसे देवउठनी एकादशी कहा जाता है | चार माह की नींद से जागने के बाद ही मंगल काम शुरू होंगे | भगवान विष्णु के जागने की इस तिथि को सभी देवी-देवता व्रत पूजन द्वारा मनाते हैं |

अगर आपने देवउठनी एकादशी का व्रत किया है | और इसे सफलतापूर्वक कर मनवांछित फल की प्राप्ति करना चाहते है तो देवउठनी एकादशी व्रत के कुछ विशेष नियम है Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare जिन्हें करने से माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होंगे | आप यहाँ से देख सकते है की Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare देवउठनी एकादशी को क्या करना चाहिए क्या नही शुभ/अशुभ कार्य उपाय नियम |

देवउठनी एकादशी को क्या न करें? Dev Uthani Ekadashi Ko Kya Nahi Karna Chahiye

  • एकादशी के दिन नमक और चावल से बनें किसी भी तरह के खाद्य पद्वार्थ का सेवन ना करें |
  • एकादशी पर किसी भी पेड़-पौधों की पत्तियों को नहीं तोड़ना चाहिए |
  • इस तिथि पर गोभी, पालक, शलजम आदि का सेवन न करें |
  • एकादशी वाले दिन पर बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए |
  • एकादशी वाले दिन पर संयम और सरल जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए |
  • इस दिन कम से कम बोलने की किसी कोशिश करनी चाहिए | और भूल से भी किसी को कड़वी बातें नहीं बोलनी चाहिए |
  • हिंदू शास्त्रों में एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • एकादशी वाले दिन पर किसी अन्य के द्वारा दिया गया भोजन नहीं करना चाहिए |
  • एकादशी पर मन में किसी के प्रति विकार नहीं उत्पन्न करना चाहिए |
  • देवउठनी एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए |

Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare देवउठनी एकादशी को क्या करें?

इस साल देव उठनी एकादशी तिथि 25 नवंबर को 02:42 बजे से आरंभ होगी और 26 नवंबर, 2020 को शाम 05:10 पर समाप्त होगी | उपवास/व्रत रखने वाले Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi इन बातो का ध्यान रखे | इस पेज के अंत तक आप Dev Uthani Ekadashi Par Kya Kare Kya Nahi से सम्बंधित जानकरी प्राप्त करे |

  • देवउठनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर, स्नान कर गायत्री मंत्र का जाप कर. पूजा स्थान पर शुद्ध देसी घी के पांच दीपक रखें और उनका स्वागत करें |
  • देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें |
  • ग्यारस के दिन विष्णु मंदिर में एक नारियल व थोड़े बादाम चढ़ाएं |
  • देवउठनी एकादशी के दिन आप पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज पहले भगवान विष्णु को अर्पण करें | इसके बाद ये सभी वस्तुएं गरीबों व जरूरतमंदों में दान कर दें |
  • एकादशी के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीविष्णु जी का अभिषेक करें |
  • धन वृद्धि के लिए आप एकादशी के दिन विष्णु मंदिर में सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं | भोग में तुलसी के पत्ते जरुर डालें |

देवउठनी एकादशी (ग्यारस) व्रत की कथा कहानी पूजन विधि व शुभ मुहूर्त – यहाँ देखे

  • एकादशी के दिन किसी पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और पेड़ के नीचें शाम को दीपक लगाएं | पीपल में भी भगवान विष्णु का ही वास माना गया है |
  • एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करें और पूजा करते समय कुछ पैसे विष्णु भगवान की मूर्ति या तस्वीर के पास रख दें | पूजन करने के बाद यह पैसे फिर से अपने पर्स में रख लें |
  • देवउठनी एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक लगाएं | और ऊँ वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें |
  • घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि के लिए देवउठनी एकादशी के दिन घर में एक दीपक अवश्य जलाएं |
  • देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी का विवाह का आयोजन किया जाता है | इसलिए शाम के समय पूजा विधि विधान से करें |
  • देवउठनी एकादशी के दिन गाय को भोजन जरूर कराएं |
  • जिन लोगों की शादी नहीं हो रही है उन्हें इस दिन तुलसी नामाष्टक का पाठ करना चाहिए |
  • अगर किसी ने नया घर लिया हो तो उन्हें देवउठनी एकादशी को तुलसी का पौधा लगाना चाहिए | साथ ही घर में श्रीहरि नारायण की फोटो या मूर्ति रखनी चाहिए | जल से भरा कलश लेकर घर में प्रवेश करना चाहिए |
  • नौकरी पाने या कारोबार बढ़ाने के लिये इस दिन श्यामा तुलसी की जड़ पीले कपड़े में बांधकर, ऑफिस या दुकान में रखें |
  • इस दिन घर में तुलसी के साथ आंवले का गमला लगाएं |
  • मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए देवउठनी एकादशी के दिन सूक्त पाठ जरूर करें |
  • भगवान विष्णु की पूजा करने बाद उन्हें माखन का भोग लगाना हैं |
  • देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु को तुलसीदल अर्पित करना चाहिए |
  • देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के चरणों में विद्या यंत्र रखकर पूजा करनी चाहिए |
Dev Uthani Ekadashi Vrat Ke Niyam Upay देवउठनी एकादशी व्रत के दिन क्या करना चाहिए
  • देवउठनी एकादशी पर सुबह उठकर स्नान करें | इसके बाद एकादशी व्रत का संकल्प लेंकर पूजा आरंभ करनी चाहिए |
  • इस दिन घर के आंगन में भगवान विष्णु के चरणों की आकृति बनानी चाहिए |
  • देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीपक अवश्य जलाना चाहिए |
  • देवउठनी एकादशी के दिन निर्जल व्रत रखना चाहिए |
  • प्रसाद के रूप में कार्तिक मास में उत्पन्न होने वाले फलों का प्रयोग करना चाहिए |
  • देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन भी करना चाहिए |
  • पूजा की थाल में फल, मिठाई, बेर, सिंघाड़े और गन्ना सजाकर भगवान भोग लगाना चाहिए |
  • देवउठनी एकादशी की पूजा विभिन्न प्रकार से की जाती है. लेकिन इस पूजा में नियम और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए |
  • इस दिन तुलसी विवाह अवश्य करवाए |

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