Essay on Rakshabandhan in Hindi रक्षाबंधन पर निबंध हिंदी , मराठी , संस्कृत में डाउनलोड करे

Essay on Raksha Bandhan in Hindi रक्षाबंधन पर निबंध (रक्षाबंधन का निबंध हिंदी में) हिंदी ,मराठी,संस्कृत में डाउनलोड करे : Essay on Raksha Bandhan in Hindi रक्षाबंधन पर निबंध (रक्षाबंधन का निबंध हिंदी में) हिंदी ,रक्षाबंधन पर निबंध मराठी ,रक्षाबंधन पर निबंध संस्कृत में  नमस्कार दोस्तों आप सभी को www.Rkalert.in परिवार की तरफ से रक्षाबंधन 2020 की ढेर सारी सुभकामनाऐं | दोस्तों भारत देश को त्योहारो का देश कहा जाता है | हमारे भारत देश में हर महीने कोई न कोई त्यौहार आता ही है परन्तु जिस त्यौहार की हम बात कर रहे है वह रक्षाबंधन Rakshabandhan का त्यौहार है | रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहिन के अटूट प्रेम और स्नेह के रूप में मनाया जाता है | या इसे दुसरे शब्दों में कहे तो गुरु-शिष्य की परम्परा को चरितार्थ करने वाला दिन होता है |रक्षाबंधन हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है | यह त्यौहार भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक मना जाता है । इस दिन सभी बहने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं और अपने भाई की लंबी आयु की प्रार्थना करती हैं | भाई अपनी बहन रक्षाकरने का वचन देता है | आज हम इस शुभ Raksha Bandhan के मोंके पर आप सभी के लिए लेकर आये है | रक्षाबंधन पर निबंध, रक्षाबंधन का निबंध हिंदी में,रक्षा बंधन पर 10 लाइन निबंध,रक्षा बंधन पर निबंध in Sanskrit और रक्षाबंधन का महत्व जो आप निचे स्क्रोल करके आसानी से अध्यन और डाउनलोड कर सकते है | 

रक्षाबंधन

Essay on Rakshabandhan in Hindi  रक्षाबंधन पर निबंध

Essay on Rakshabandhan in Hindi रक्षाबंधन पर निबंध : दोस्तों रक्षाबंधन का यह पवित्र त्यौहार प्रतेक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को धूम-धाम से मनाया जाता है | रक्षाबंधन के इस पवित्र दिन को बहिन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और अपने भाई का मिठाई से मुह मीठा करवाती है| इस दिन भाई खुश होकर अपनी बहन के लिए उपहार स्वरूप भेट प्रदान करता है जैसे नये कपडे / नये आभूषण जैसा उनसे बन पाता है वे उन्हें ख़ुशी-ख़ुशी देते है इस दिन बही अपनी बहन की रक्षा करने का वचन भी देते है |

रक्षाबंधन का निबंध हिंदी में

रक्षाबंधन का निबंध हिंदी में:  दोस्तों इस दिन हमारे घरो में विशेष प्रकार की चहल-पहल रहती है | इस दिन शादी शुदा या विवाहित बहने अपने ससुराल से अपने भाई के राखी बंधने अपने पीहर / मायके आती है | रक्षाबंधन का त्यौहार मेल-मिलाप का त्यौहार है इस दिन परिवार के सभी सदस्य अपने घर पर इकठ्ठा होते है | रक्षाबंधन के दिन हमारे घरो में विशेष प्रकार के भोजन/पकवान बनाये जाते है छोटे बच्चे नये-नये कपडे पहन कर घर आँगन को खुशियों से भर देते है | इसी लिए कहा जाता है की रक्षाबंधन का त्यौहार आपसी प्रेम और भाईचारे का बढ़ावा देने वाला त्योहार कहा जाता है | इस रक्षाबंधन के त्यौहार से हामरे देश की संस्कृति की वो झलक दिखाई देती है जिसकी कल्पना करना मुशकिल है |

Raksha Bandhan Essay in Hindi

रक्षाबंधन पर निबंध 10 लाइन

रक्षाबंधन पर निबंध 10 लाइन : दोस्तों श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है | इस दिन भगवान शिव के लिया लोग कावड़ से पानी लाकर (गंगाजल ) चढ़ाया जाता है | कई मंदिरों में इस दिन मेले का आयोजन किया जाता है | भक्त इस दिन अपने-अपने घरो में पूजा-अर्चना करते है गरीबो को दान पुण्य करते है पुरोहितो को अपने घर पर भोजन करवाकर उन्हें दान देते है तथा शिव मंदिरों में भजनों का आयोजन किया जाता है | साधू संत इस दिन अपने आश्रम में यग करते है और अपने भक्तो को रक्षा-सूत्र बंधाते है |

दोस्तों सन् 1535 की बात है जब मेवाड़ की रानी कर्णावती पर बहादुर शाह ने आक्रमण कर दिया | तब उसने अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर रानी कर्णावती ने अपने राज्य को बचाने के लिए मदद मांगी थी | दोस्तों जैसे की आप जानते है रानी कर्णावती स्वयं एक वीर योद्धा थीं | इसलिए बहादुर शाह का सामना करने के लिए वह स्वयं युद्ध के मैदान में कूद पड़ी थीं | परंतु मुगल बादशाह हुमायूँ का साथ भी रानी कर्णावती को सफलता नहीं दिला सका था |

Beautiful 10 Lines on Raksha Bandhan in Hindi 

रक्षाबंधन हुन्दुओं का प्रमुख त्योहारों में से एक है |
रक्षाबंधन का त्यौहार भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है|
रक्षाबंधन के दिन प्यारी बहना अपने भाईओं को तिलक लगाकर राखी बांधती है |
रक्षाबंधन पर हर भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देते है |
रक्षाबंधन के दिन भाई अपनी बहन को नये वस्त्र,गहने उपहार देता है |

रक्षाबंधन पर निबंध संस्कृत में निबंध Essay on Raksha Bandhan in Sanskrit

रक्षाबंधन पर निबंध संस्कृत में निबंध Essay on Raksha Bandhan in Sanskrit : रक्षाबन्धनं श्रावणमासस्य शुक्लपूर्णिमायाम् आचर्यते । भ्रातृभगिन्योः पवित्रसम्बन्धस्य सम्मानाय एतत् पर्व भारतीयाः आचरन्ति । निर्बलतन्तुना बद्धः भ्रातृभगिन्योः सबलसम्बन्धः भारतीयसंस्कृतेः गहनतायाः प्रतीकः ।

रक्षाबंधन मराठी निबंध | रक्षा बंधन पर निबंध मराठी

रक्षा बंधन पर निबंध मराठी: रक्षाबंधन म्हणजे बहिण-भावाच्या प्रेमाचे बंधन! या दिवशी बहिण भावाच्या हातावर राखी बांधून भावाचे ह्दय प्रेमाने जिंकून घेते. हा सण म्हणजे पराक्रम, प्रेम, साहस किंवा संयमाचा संयोग होय.जगातील सर्व नात्यांमध्ये भाऊ-बहिणीचे प्रेम निस्वार्थी आणि पवित्र असते. भारतीय संस्कृतीतील पूर्वजांनी या नात्यातील निस्पृहता आणि पवित्रतेचा महिमा गायला आहे. भारतीय संस्कृती मानव जीवनाच्या महानतेचे दर्शन घडविणारी संस्कृती आहे. स्त्रीला भोगवस्तू न समजता तिची पूजा करणारी संस्कृती आहे.

 

रक्षाबंधन के इस त्यौहार से कई ऐसे ऐतिहासिक तथ्य जुड़े हुए है जिसकी हम कल्पना मात्र कर सकते है जैसे पुराने ज़माने में राजपूत राजा युद्ध भूमि में जाते थे तो उनके मस्तक पर कुमकुम का तिलक और उनके हाथ में रक्षासूत्र या रेशमी धागा बांधा जाता था | यह तिलक और रेशमी धागा उन्हें युद्ध में विजय प्राप्त करवाकर सही सलामत घर ले आएगा |

Marathi Essay on Rakshabandhan

रक्षाबंधन की पौराणिक कथा 1 : –

दोस्तों रक्षाबंधन का त्यौहार कई पौराणिक कथाओ से जुडा हुआ है | महाभारत काल में जब भगवन श्रीकृष्ण ने अपने चक्र से शिशुपाल सर काटकर वध किया था तब भगवन श्रीकृष्ण का चक्र उनके पास वापस आया तो उनके एक अंगुली कट गई थी तब वह पर खड़ी द्रोपदी से यह सब देखा नहीं गया और अपनी साडी के पल्लू को फाड़ कर उसने भगवन श्रीकृष्ण की अंगुली के बांध दिया तब उनका खून रुक गया | उस दिन भगवन श्रीकृष्ण ने उसे बहन का दर्जा देकर उसकी हर समय रक्षा करने का वचन दिया था | एक बार की बात है जब कौरवों द्वारा भरी सभा में द्रोपदी को नग्न करने की कोशिश की गई थी तब भगवन श्रीकृष्ण ने उसकी लाज राखी थी | इस प्रकार दोस्तों रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के बीच परस्पर प्रेम की भावना को दर्शाता है और रक्षाबंधन के दिन बहने अपने भाई की शुखस्मर्द्धि की प्रार्थना करती है |

रक्षाबंधन की पौराणिक कथा 2 : –

रक्षाबंधन की पौराणिक कथा में एक बार की बात है की जब मुग़ल बादशाह हुमायूँ में चितौड़गढ़ पर आक्रमण करने की कोशिश की थी तो राणा सांगा की विधवा कर्मवती ने हुमायूँ को राखी भेज कर रक्षा वचन ले लिया था | हुमायूँ ने चितौड़गढ़ पर आक्रमण का अपना ख्याल दिमाग से निकाल कर बाहादुरशाह के विरुद्ध मेवाड़ की रक्षा की थी | एक मुसलमान होते हुए भी हुमायूँ ने चितौड़गढ़ की कर्मावती व मेवाड़ की रक्षा राखी के खातिर निभाई थी |

रक्षाबंधन की पौराणिक कथा 3 : –

एक बार की बात है की सिकंदर की पत्नी ने अपने पति के शत्रु पुरूवास को राखी बांध कर अपना भाई बनाया था | ओपर युद्ध में सिकंदर को न मारने ;का वचन ले लिया था | सिकंदर और पुरूवास के मध्य युद्ध चल रहा था तो पुरूवास ने अपने हाथ में बंधी राखी को देख कर अपनी बहन को दिया वचन याद आ गया | उस समय उसका दिया हुआ वचन याद आ गया और पुरूवास ने सिकंदर को जीवनदान दे दिया |

Click Here to Download :- रक्षाबंधन पर अनमोल सुविचार
Rakhi Par Nibandh | Raksha Bandhan Essay in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.