गणेश चतुर्थी 2017 गणेश विसर्जन के लिए शुभ चोघडिया मुहूर्त गणपति स्थापना पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

गणेश विसर्जन के लिए शुभ चोघडिया मुहूर्त

सुबह का मुहूर्त (चार, लाभ, अमृत) – 09:32am- 14:11pm
दोपहर का मुहूर्त (शुभ) = 15:44pm – 17:17pm
शाम का मुहूर्त(प्रयोग) = 20:17pm- 21: 44pm
रात का मुहूर्त (शुभ, अमृत, चार) = 23:11pm

गणेश चतुर्थी 2017 Ganesh Chaturthi 2017 गणेश चतुर्थी हिन्दुओ का प्रमुख त्यौहार है | इस त्यौहार को विनायक चतुर्थी(  Vinayak Chaturthi )चतुर्थी का यह त्यौहार 25 अगस्त से प्रारम्भ होकर 05 सितम्बर 2017 तक मनाया जायेगा | गणेश चतुर्थी प्रतेक वर्ष भाद्रप्रदा माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (चौथा चंद्र दिवस) को आती है | और अनंत चतुर्दशी (चौदहवें चंद्र दिवस) पर समाप्त होती है। प्रचीन काल से ही गणेशजी हिन्दुओ का प्रथम पूज्यनीय देवता है | गणेश जी को अनेक नामो से जाना जाता है | इस प्रकार है |

Ganesh Chaturthi 2017

ॐ गणाधिपाय नम: 

ॐ उमापुत्राय नम:

ॐ विघ्ननाशनाय नम:

ॐ विनायकाय नम:

ॐ ईशपुत्राय नम:

ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नम:

ॐ एकदन्ताय नम:

ॐ इभवक्त्राय नम:

ॐ मूषकवाहनाय नम:

ॐ कुमारगुरवे नम: 

कहा की भगवान गणेश का जन्म भद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष के दौरान हुआ था। वर्तमान में गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi दिन अंग्रेजी कैलेंडर में अगस्त या सितंबर के महीने में आता है।

गणेश चतुर्थी 2017 गणपति स्थापना और पूजा मुहूर्त Ganesh Chaturthi 2017 Ganapati Sthapana and Puja Subh Mhurt

पुराणों में कहा गया है की भगवन गणेश का जन्म मध्यान्ह काल ( दोपहर )में हुआ था | पुराणों के अनुसार सूर्योदय से सूर्यास्त के मध्य की अवधि को पांच बह्गो में बाटा गया है | इन पांच भागों को प्रातःकाल , संगवा, मध्यान्ह, अपरहना काल और सायाकल के रूप में जाना जाता है | गणपति पूजा दिन के मध्यहना काल के दौरान की जाती है | गणेश पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है|

गणपति स्थापना और पूजा मुहूर्त

गणेश प्रतिमा को घर लाने का समय : 12:59PM 22-Aug-17

मध्याह्न के समय को गणेश पूजा : सुबह -11:25am से 1:57pm
24 अगस्त को चंद्रमा को नहीं देखने का समय -08:27pm से 09:02pm तक
25 अगस्त को चंद्रमा को नहीं देखने का समय -09:00am से 09:41pm तक

अनंत चतुर्दशी दिवस पर गणेश विसर्जन

 

गणेश चतुर्थी 2017 पूजा विधि Ganesh Chaturthi 2017 Puja Vidhi

गणेश चतुर्थी की पूजा सुबह ब्रह्मा मुहूर्त को ध्यान में रख कर करते हैं । पूजा करने वाला व्यक्ति सुबह नाहा धोकर लाल धोती और शोल पहनकर पुजारी मंत्रो का जाप करते हुए करते है | हिन्दू धर्म में रस्म प्राणप्रतिष्ठा अर्थात् मूर्ति की स्थापना कहलाती है | गणेश जी को 16 तरीको से श्रद्धांजलि दी जाती है| इस दिन लोग नारियल, 21 मोदक, 21 दूव- घास, लाल फूल, मिठाई, गुड़, धूप बत्ती, माला आदि की भेंट करते है | कहा जाता है की पूजा के दोरान सबसे पहले कुमकुम और चन्दन का लेप करते है |और पूजा हमेशा वैदिक मंत्रो द्वारा समपर्ण करवाई जाती है |कहा जाता है की गणेश जी को मोदक बहुत पिर्य है | इसलिय मोदक का भोग लगाना चाहिय |

गणेश चतुर्थी पूजा विधि

गणेश प्रतिमा के विसर्जन का महत्व Subh Mhurt of Ganesh visarjan

गणेश प्रतिमा के विसर्जन

भारत अनेक त्योहारों देश कहा जाता है यहाँ लोगो द्वारा देश के विभिन्न रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ विभिन्न राज्यों में जैसे महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी और दक्षिणी भारत के अन्य भागों सहित बड़े उत्साह के साथ अलग अलग अंदाज़ में मनाया जाता है | यह 10 दिनों का उत्सव है जो अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होता है | भगवान गणेश के भक्त 10 दिनों के लिए मूर्ति को घर लाते हैं और उनकी पूरी श्रद्धा से पूजा करते हैं | हिन्दू धर्म में गणेश विसर्जन का बहुत महत्व है | क्योकि 10 दिन की पूजा के बाद गणेश प्रतिमाओ का किसी पोखर या नदी , समुद्र में उसको विसर्जित की जाती है |गणेश जी की मूर्ति जो चिकनी मिट्टी की बनी होती है जो पानी में विसर्जित होने के बाद बेडौल या पिघल जाती है| इस का मतलब यह है की एक दिन दुनिया में मोक्ष या मुक्ति की प्रकिया है जो कभी ख़त्म नहीं होने वाला है | हम इसीलिए गणेश प्रतिमाओ का विसर्जन करते है | और नई प्रतिमा प्रतेक वर्ष को स्थापित करते है |

 

गणेश प्रतिमा विसर्जन का शुभ मुहूर्त Subh Mhurt of Ganesh idol immersion

भगवन गणेश की प्रतिमा का विसर्जन शुभ मुहूर्त के अनुसर करना चाहिय | इस वर्ष अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का पूरा समय 4 घंटे और 40 मिनट का है | जो सुबह 9:12 मिनट से लेकर दोपहर 1:54 मिनट तक रहेगा | इस शुभ मुहर्त में विसर्जन करना बहुत लाभ दाई रहता है |

Mithya Dosha Prevention Mantra मिथ्या दोष रोकथाम मंत्र

चतुर्थी प्रारंभ और समाप्ति के समय चंद्रमा को नहीं देखना चाहिय | क्योकि दो दिनों के लिए चंद्रमा देखना निषिद्ध होता है | और किसी ने गलती से गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा को देख लिया है तो उन्हें मंत्र को का जप करना चाहिए ताकि वह शाप से छुटकारा पा सके ।

सिंहः प्रसेनमवधत्सिंहो जाम्बवति ह्थे
सुकुमारक मारोडिस्तव हईशश स्यमानांतकः

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