जानिए कुख्यात गैंगस्टर आनदं पाल की हकीकत कहानी

राजस्थान का गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर पीछे की कहानी क्या हैं जानिए

राजस्थान में बढते गैंगस्टर और अपरिधिक गतिविधियों के चलते ही राजस्थान के सबसे खतरनाक गैंग चलाने वाला अपराधी आनन्द पाल का 24 जून की रात 11 बजे राजस्थान पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर दिया गया हैं | आनदं पाल के एनकाउंटर में कई प्रकार राज बताये जा रहें अभी तक कोई सही जानकारी नहीं मिल पा रही हैं | न्यूज़ चेनलो पर बताया जा रहा की आनंद पाल सिंह को 6 गोली लगी और दूसरी तरफ ये सामने आया हैं की आनंद पाल ने एनकाउंटर से पहले ही अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया था

जानिए आनंद पाल की कहानी

आनंदपाल राजस्थान के नागौर जिले की लाडनूं तहसील के एक छोटे से गांव का रहने वाला था. आनंदपाल की शादी राज कंवर से हुई थी आनंदपाल के 2 बेटी हैं बड़ी बेटी का नाम चरणजीत उर्फ चीनू हैं आनंद पाल बचपन से ही वह बढ़ा डॉन बनना चाहता था और शोक भी बड़े थे हमेशा से ही वह खुनी होली खेलने का शोकिन था | बताया जाता हैं की वह गरीबो का हमेशा से ही मशीहा रहा था लेकिन जुर्म की दुनिया का सबसे खतरनाक चेहरा बन चुका आनदं पाल ने कभी अपने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक जुर्म करता गया |

आनदं पाल के आपराधिक मामले

वह 2006 से अपराध की दुनिया आया था

वह राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर और भगोड़ा था

उसके ऊपर कई क्रिमिनल केस चल रहे हैं।

आनंदपाल लूट, डकैती, गैंगवार, हत्या जैसे कई मामलों में अपराधी है।

आनंदपाल एके 47, ऑटोमैटिक मशीन गन, बम और बुलेट प्रूफ जैकेट इस्तेमाल करता है।

आनंदपाल लूट, डकैती, गैंगवार, हत्या जैसे 24 मामलों का अपराधी है। – ऐसे मामलों में प्रदेश की पुलिस को मोस्ट वांटेड क्रिमिनल आनंद पाल की तलाश थी | राजस्थान के डीडवाना में जीवनराम गोदारा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। गोदारा की हत्या के अलावा आनंदपाल के नाम डीडवाना में ही 13 मामले दर्ज है। जहां 8 मामलों में कोर्ट ने आनंदपाल को भगौड़ा घोषित किया हुआ था। सीकर के गोपाल फोगावट हत्याकांड को भी आनंद पाल ने ही अंजाम दिया। गोदारा और फोगावट की हत्या करने का मामला समय-समय पर विधानसभा में गूंजता रहा है। आनंद पाल ने सुजानगढ़ में भोजलाई चौराहे पर गोलियां चलाकर तीन लोगों को घायल कर दिया।

कैसे आया जुर्म की दुनिया में आनंद पाल सिंह

आनंदपाल अपराध की दुनिया में बलबीर के गैंग की वजह से आया था कहानी शुरू होती है 1997 से। तब बलबीर बानूड़ा और राजू ठेहट दोस्त हुआ करते थे। दोनों शराब के धंधे से जुड़े हुए थे, 2005 में हुई एक हत्या ने दोनों दोस्तों के बीच दुश्मनी की दीवार खड़ी कर दी। शराब ठेके पर बैठने वाले सेल्समैन विजयपाल की राजू ठेहट से किसी बात पर कहासुनी हो गई। पुलिस के मुताबिक-विवाद इतना बढ़ा कि राजू ने अपने साथियों के साथ मिलकर विजयपाल की हत्या कर दी। विजयपाल रिश्ते में बलबीर का साला लगता था। विजय की हत्या से दोनों दोस्तों में दुश्मनी शुरू हो गई। बलबीर ने राजू के गैंग से निकलकर अपना गिरोह बना लिया। कुछ समय बाद बलबीर की गैंग में आनंदपाल शामिल हुआ तो इनके आतंक ने दहशत फैला दी। और बाद में राजस्थान का सबसे खतरनाक चेहरा बन गया आनंदपाल

क्या शौक थे आनंद पाल के

आनंदपाल को बुलेट प्रूफ जैकेट पहन खून की होली खेलने का शौक रहा है और आज भी उसकी यह फितरत में है।

आनदं पाल को देशी खाना बहुत पसंद था

हथियारों से खेलना बहुत पसंद था

जेल से भागने के लिए आनंदपाल ने जेल के डिप्टी से लेकर मुख्य प्रहरी को धन-बल के प्रभाव से काबू में कर लिया था।  बताया जाता है कि जेल में उसकी एक महिला सहयोगी अनुराधा चोधरी भी मिलने आती थी। आनंदपाल के खाते में हर महीने 20 हजार रुपए का दूध-छाछ जेल में पहुंचाए जाते थे। इसमें से आधा से भी ज्यादा दूध कुख्यात कैदी आनंदपाल खुद पीता था। वह जेल के भीतर स्मार्ट फोन इस्तेमाल करता था। जेल के भीतर से ही उसका सोशल मीडिया अकाउंट भी ऑपरेट होता था।

दाऊद बनना चाहता है आनंदपाल Anand pal encounter top story rajasthan gangster

दाऊद की तरह आनंदपाल को भी पार्टियां पसंद है। वह दाऊद की तरह ही गॉगल पहनता है और काफी फैशनेबल है। आनंदपाल दाऊद से बहुत इम्प्रेस है। वह दाऊद पर लिखी किताबें पढ़ता है। आनंदपाल की कमाई का जरिया भी फिरौती वसूलना और तस्करी का काम था | मोस्ट वांटेड गैंगस्टर आंनदपाल सिंह कोई भी अपराध करने से पहले उस अपराध का विवरण अपने फेसबुक प्रोफाइल पर डालता है और फिर उसके बाद घटना को अंजाम देता है. आनंदपाल जब-जब पुलिस को खुलेआम धमकी देता है, कोई ना कोई पुलिसवाला उसका निशाना बनता है.

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