Hindi Diwas Poem 2021 स्कूल व कॉलेज विद्यार्थियों के लिए हिंदी दिवस पर कविताए Top New Best Hindi Diwas Par Short & Small Kavita For Class 1 To 12

Hindi Diwas Poem 2021 Hindi Diwas Par Kavita Top New Best Hindi Diwas Par Short & Small Kavita For Class 1 To 12 स्कूल व कॉलेज विद्यार्थियों के लिए हिंदी दिवस पर कविताए : हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह के जन्मदिन पर हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है | हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को जन-जन तक पहुंचाना है और पूरे देश को एकसूत्र में बांधना है | हिन्दी दिवस 2021 के शुभ अवसर पर हिन्दी भाषा के लिए लिखी हुईं प्रसिद्ध लेखको द्वारा लिखी गई हिंदी दिवस पर कविताएं Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Par Kavita लेकर आये है |

Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Par Best Kavita Poem

Contents

भारत और भारतवासियों में हिंदी को केवल एक भाषा का दर्जा नहीं दिया गया है बल्कि इसे मातृभाषा कहा गया हैं | हिंदी का साहित्य दुनिया के सबसे समृद्ध साहित्य में गिना जाता है | हिंदी के विकास को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने और सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से हिंदी दिवस मनाया जाता है | इस लेख के माध्यम से हिंदी दिवस पर कुछ चुनिन्दा कविता Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Par Kavita Top New Best Hindi Diwas Par Short & Small Kavita For Class 1 To 12 लेकर आये है | इन कविताओ को आप हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गाकर व बोलकर सुना सकते है | आइये पढ़ते है Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Par Best Kavita Poem.

हिंदी दिवस की कविता Hindi Diwas Kavita 2021 Hindi Diwas Par Best Poem Hindi Diwas Poem Small

करो अपनी भाषा पर प्यार
जिसके बिना मूक रहते तुम, रुकते सब व्यवहार

जिसमें पुत्र पिता कहता है, पतनी प्राणाधार
और प्रकट करते हो जिसमें तुम निज निखिल विचार
बढ़ायो बस उसका विस्तार
करो अपनी भाषा पर प्यार

भाषा विना व्यर्थ ही जाता ईश्वरीय भी ज्ञान
सब दानों से बहुत बड़ा है ईश्वर का यह दान
असंख्यक हैं इसके उपकार
करो अपनी भाषा पर प्यार

यही पूर्वजों का देती है तुमको ज्ञान-प्रसाद
और तुमहारा भी भविष्य को देगी शुभ संवाद
बनाओ इसे गले का हार
करो अपनी भाषा पर प्यार

Hindi Diwas Par Kavita 14 September Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Kavita Short Hindi Diwas Best Poem

हिंदी थी वो जो लोगो के दिलों में उमंग भरा करती थी
हिंदी थी वह भाषा जो लोगों के दिलों मे बसा करती थी
हिंदी को ना जाने क्या हुआ, रहने लगी हैरान परेशान
पूछा तो कहती है, अब कहां है मेरा पहले सा सम्मान

Hindi Diwas Poem Easy Hindi Diwas Kavita Kosh Hindi Diwas Poem 2021 Hindi Diwas Special Kavita

हिंदी-हिंदू हिन्दुस्तान
कहते हैं, सब सीना तान
पल भर के लिये जरा सोंचे इन्सान
रख पाते हैं हम इसका कितना ध्यान
सिर्फ 14 सितम्बर को ही करते है
अपनी हिंदी भाषा का सम्मान

Happy Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Kavita in Hindi Hindi Diwas Par Kavita in Short

हम सबकी प्यारी
लगती सबसे न्यारी
कश्मीर से कन्याकुमारी
राष्ट्रभाषा हमारी
साहित्य की फुलवारी
सरल-सुबोध पर है भारी
अंग्रेजी से जंग जारी
सम्मान की है अधिकारी
जन-जन की हो दुलारी
हिन्दी ही पहचान हमारी

Hindi Diwas Par Kavita in Hindi Language Hindi Diwas Ki Hasya Kavita Hindi Diwas Poem Short

हिन्दी इस देश का गौरव है, हिन्दी भविष्य की आशा है
हिन्दी हर दिल की धड़कन है, हिन्दी जनता की भाषा है
इसको कबीर ने अपनाया, मीराबाई ने मान दिया
आज़ादी के दीवानों ने इस हिन्दी को सम्मान दिया
जन-जन ने अपनी वाणी से हिन्दी का रूप तराशा है
हिन्दी हर क्षेत्र में आगे है, इसको अपनाकर नाम करें
हम देशभक्त कहलाएंगे, जब हिन्दी में सब काम करें
हिन्दी चरित्र है भारत का, नैतिकता की परिभाषा है
हिन्दी हम सबकी ख़ुशहाली है
हिन्दी विकास की रेखा है
हिन्दी में ही इस धरती ने हर ख़्वाब सुनहरा देखा है
हिन्दी हम सबका स्वाभिमान, यह जनता की अभिलाषा है

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वैसे तो हर वर्ष बजता है नगाड़ा
नाम लूँ तो नाम है हिंदी पखवाड़ा

हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दुस्तान हमारा
कितना अच्छा व कितना प्यारा है ये नारा

हिंदी में बात करें तो मूर्ख समझे जाते हैं
अंग्रेजी में बात करें तो जैंटलमेल हो जाते

अंग्रेजी का हम पर असर हो गया
हिंदी का मुश्किल सफ़र हो गया

देसी घी आजकल बटर हो गया
चाकू भी आजकल कटर हो गया

अब मैं आपसे इज़ाज़त चाहती हूँ
हिंदी की सबसे हिफाज़त चाहती हूँ

Hindi Diwas Kavita in Hindi Language Hindi Diwas Ke Upar Poem Hindi Kavita Hindi Diwas

मैं भारत माँ के मस्तक पर सबसे चमकीली बिंदी हूँ
मैं सब की जानी पहचानी भारत की भाषा हिंदी हूँ
मेरी बोली में मीरा ने मनमोहक काव्य सुनाया है
कवि सूरदास के गीतों में मैंने कम मान न पाया है
तुलसीकृत रामचरितमानस मेरे मुख में चरितार्थ हुई
विद्वानों संतों की वाणी गुंजित हुई, साकार हुई
भारत की जितनी भाषाएँ सब मेरी सखी सहेली हैं
हम आपस में क्यों टकराएं हम बहने भोली भाली हैं
सब भाषाओं के शब्दों को मैंने गले लगाया है
इसलिए भारत के जन-जन ने मुझे अपनाया है
मैंने अनगिनत फिल्मों में खूब धूम मचाई है
इसलिए विदेशियों ने भी अपनी प्रीति दिखाई है
सीधा-साधा रूप ही मेरा सबके मन को भाता है
भारत के जनमानस से मेरा सदियों पुराना नाता है
मैं भारत माँ के मस्तक पर सबसे चमकीली बिंदी हूँ
मैं सब की जानी पहचानी भारत की भाषा हिंदी हूँ

[Best] Hindi Diwas Shayari हिंदी दिवस पर शायरी

Hindi Diwas Quotes Thoughts हिंदी दिवस पर अनमोल वचन सुविचार

हिंदी भाषा पर नारे स्लोगन Hindi Diwas Slogan

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हिंदी दिवस के पोस्टर बैनर फोटो Hindi Day Poster Banner 2021

Hindi Diwas Ke Upar Kavita Hindi Diwas Par Poetry Hindi Diwas Ki Kavita Hindi Mein

बनने चली विश्व भाषा जो
अपने घर में दासी
सिंहासन पर अंग्रेजी है
लखकर दुनिया हांसी

लखकर दुनिया हांसी
हिन्दी दां बनते चपरासी
अफसर सारे अंग्रेजी मय
अवधी या मद्रासी

कह कैदी कविराय
विश्व की चिंता छोड़ो
पहले घर में
अंग्रेजी के गढ़ को तोड़ो

हिंदी दिवस पर कविता New Best Beautiful Hindi Diwas Short & Small Poem Kavita

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Hindi Divas Per Kavita हिंदी दिवस 2021 कविता Famous Hindi Divas Poems 2021 हिंदी दिवस पर कविता

गूंजी हिन्दी विश्व में
गूंजी हिन्दी विश्व में
स्वप्न हुआ साकार
राष्ट्र संघ के मंच से
हिन्दी का जयकार

हिन्दी का जयकार
हिन्दी हिन्दी में बोला
देख स्वभाषा-प्रेम
विश्व अचरज से डोला

कह कैदी कविराय
मेम की माया टूटी
भारत माता धन्य
स्नेह की सरिता फूटी

Hindi Diwas Kavita in Hindi For Students Hindi Diwas Poem 2021

‘हिन्दी हमारी राष्ट्रीय भाषा’

हिन्दी-हिन्दु-हिन्दुस्तान
कहते है, सब सीना तान
पल भर के लिये जरा सोचे इन्सान
रख पाते है हम इसका कितना ध्यान
सिर्फ 14 सितम्बर को ही करते है
अपनी राष्टृ भाषा का सम्मान
हर पल हर दिन करते है हम
हिन्दी बोलने वालो का अपमान
14 सितम्बर को ही क्यों
याद आता है बस हिन्दी बचाओं अभियान
क्यों भूल जाते है हम
हिन्दी को अपमानित करते है खुद हिन्दुस्तानी इंसान
क्यों बस 14 सितम्बर को ही हिन्दी में
भाषण देते है हमारे नेता महान
क्यों बाद में समझते है अपना
हिन्दी बोलने में अपमान
क्यों समझते है सब अंग्रेजी बोलने में खुद को महान
भूल गये हम क्यों इसी अंग्रेजी ने
बनाया था हमें वर्षों पहले गुलाम
आज उन्हीं की भाषा को क्यों करते है
हम शत् शत् प्रणाम
अरे ओ खोये हुये भारतीय इंसान
अब तो जगाओ अपना सोया हुआ स्वाभिमान
उठे खडे हो करें मिलकर प्रयास हम
दिलाये अपनी मातृभाषा को हम
अन्तरार्ष्टृीय पहचान
ताकि कहे फिर से हम
हिन्दी-हिन्दु-हिन्दुस्तान
कहते है, सब सीना तान

Hindi Diwas Poem in Hindi For Students Hindi Diwas Kavitayen

हिंदी का सम्मान करो, यह हमारी राज भाषा
मिलाती देशवाशियों के दिलों को यह, पूरी करती अभिलाषा

देखो प्रेमचंद और भारतेन्दु के यह हिंदी साहित्य
जो लोगो के जीवन में ठहाको और मनोरंजन के रंग भरते नित्य

हिंदी भाषा की यह कथा पुरानी लगभग एक हजार वर्ष
जो बनी क्रांति की ज्वाला तो कभी स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष

आजाद भारत में भी इसका कम नही योगदान
इसलिए हिंदी दिवस के रुप में इसे मिला यह विशेष स्थान

विनती बस यही हिंदी को ना दो तुम यह दोयम दर्जे का मान
हिंदी से सदा करो प्रेम तुम दो इसे विशेष सम्मान

रोज मनाओ तुम हिंदी दिवस बनाओ इसे अपना अभिमान
हिंदी है हमारी राजभाषा इसलिए दो इसे अपने ह्रदयों में विशेष स्थान

अंग्रेजी की माला जपकर ना करो हिंदी का अपमान
आओ मिलकर सब प्रण ले नित्य करेंगे हिंदी का सम्मान

Hindi Diwas Poem in Hindi Hindi Diwas Par Kavita 2021

हिंदी थी वह जो लोगो के ह्रदयों में उमंग भरा करती थी
हिंदी थी वह भाषा जो लोगो के दिलों मे बसा करती थी

हिंदी को ना जाने क्या हुआ रहने लगी हैरान परेशान
पूछा तो कहती है अब कहां है मेरा पहले सा सम्मान

मैं तो थी लोगो की भाषा, मैं तो थी क्रांति की परिभाषा
मैं थी विचार-संचार का साधन मैं थी लोगो की अभिलाषा

मुझको देख अपनी दुर्दशा आज होती है बड़ी निराशा
सुन यह दुर्दशा व्यथा हिंदी की ह्रदय में हुआ बड़ा आघात
बात तो सच है वास्तव में हिंदी के साथ हुआ बड़ा पक्षपात

हिंदी जो थी जन-जन की भाषा और क्रांति की परिभाषा
वह हिंदी कहती है लौटा दो उसका सम्मान यही हैं उसकी अभिलाषा

अपने ही देश में हिंदी दिवस को तुम बस एक दिन ना बनाओ
मैं तो कहता हुं हिंदी दिवस का यह त्योहार तुम रोज मनाओ

आओ मिलकर प्रण ले हम सब करेंगे हिंदी का सम्मान
पूरी करेंगे हिंदी की अभिलाषा देंगे उसे दिलों में विशेष स्थान

Hindi Diwas Kavita in Hindi Hindi Diwas Ke Liye Ek Poem

पड़ने लगती है पियूष की शिर पर धारा
हो जाता है रुचिर ज्योति मय लोचन-तारा
बर बिनोद की लहर हृदय में है लहराती
कुछ बिजली सी दौड़ सब नसों में है जाती
आते ही मुख पर अति सुखद जिसका पावन नामही
इक्कीस कोटि-जन-पूजिता हिन्दी भाषा है वही

हिंदी दिवस में कविता Hindi Diwas Poem Hindi Hindi Diwas Par Achi Kavita

हिंदुस्तानी हैं हम गर्व करो हिंदी भाषा पर
उसे सम्मान दिलाना और देना कर्तव्य हैं हम पर
ख़त्म हुआ विदेशी शासन
तोड़दो अब उन बेड़ियों को
खुले दिल से अपनाओ इस खुले आसमां को
लेकिन ना छोड़ो धरती माँ के प्यार को
हिंदी हैं राष्ट्रभाषा हमारी
इस पर करो जिन्दगी न्यौछावर सारी

[Best] Hindi Diwas Shayari हिंदी दिवस पर शायरी

Hindi Diwas Quotes Thoughts हिंदी दिवस पर अनमोल वचन सुविचार

हिंदी भाषा पर नारे स्लोगन Hindi Diwas Slogan

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Hindi Diwas Ke Liye Kavita Hindi Diwas Best Kavita Hindi Diwas Essay in Hindi Poem

संस्कृत की एक लाड़ली बेटी है ये हिन्दी
बहनों को साथ लेकर चलती है ये हिन्दी
सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है
ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिन्दी
पाथेय है, प्रवास में, परिचय का सूत्र है
मैत्री को जोड़ने की सांकल है ये हिन्दी
पढ़ने व पढ़ाने में सहज है, ये सुगम है
साहित्य का असीम सागर है ये हिन्दी
तुलसी, कबीर, मीरा ने इसमें ही लिखा है
कवि सूर के सागर की गागर है ये हिन्दी
वागेश्वरी का माथे पर वरदहस्त है
निश्चय ही वंदनीय मां-सम है ये हिंदी
अंग्रेजी से भी इसका कोई बैर नहीं है
उसको भी अपनेपन से लुभाती है ये हिन्दी
यूं तो देश में कई भाषाएं और हैं
पर राष्ट्र के माथे की बिंदी है ये हिन्दी

Hindi Diwas 2021 Poem in Hindi Hindi Diwas Par Best Kavita

हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दुस्तान हमारा
कितना अच्छा व कितना प्यारा है ये नारा
हिंदी में बात करें तो मूर्ख समझे जाते हैं
अंग्रेजी में बात करें तो जैंटलमेल हो जाते
अंग्रेजी का हम पर असर हो गया
हिंदी का मुश्किल सफ़र हो गया
देसी घी आजकल बटर हो गया
चाकू भी आजकल कटर हो गया
अब मैं आपसे इज़ाज़त चाहती हूँ
हिंदी की सबसे हिफाज़त चाहती हूँ

Hindi Diwas Par Bal Kavita Hindi Diwas Poem in Hindi Language

जन-जन की भाषा है हिंदी
भारत की आशा है हिंदी
जिसने पूरे देश को जोड़े रखा है
वो मजबूत धागा है हिंद
हिन्दुस्तान की गौरवगाथा है हिंदी
एकता की अनुपम परम्परा है हिंदी
जिसके बिना हिन्द थम जाए
ऐसी जीवनरेखा है हिंदी
जिसने काल को जीत लिया है
ऐसी कालजयी भाषा है हिंदी
सरल शब्दों में कहा जाए तो
जीवन की परिभाषा है हिंदी

Hindi Diwas Par Poem New Best Hindi Diwas Ki Kavita For School & College Students

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Hindi Diwas Short Poem in Hindi Hindi Diwas Ke Bare Mein Kavita

हिन्दी मेरे रोम-रोम में
हिन्दी में मैं समाई हूँ
हिन्दी की मैं पूजा करती
हिन्दोस्तान की जाई हूँ
सबसे सुन्दर भाषा हिन्दी
ज्यों दुल्हन के माथे बिन्दी
सूर, जायसी, तुलसी कवियों की
सरित-लेखनी से बही हिन्दी
हिन्दी से पहचान हमारी
बढ़ती इससे शान हमारी
माँ की कोख से जाना जिसको
माँ,बहना, सखि-सहेली हिन्दी
निज भाषा पर गर्व जो करते
छू लेते आसमाँ न डरते
शत-शत प्रणाम सब उनको करते
स्वाभिमान….. अभिमान है हिन्दी…
हिन्दी मेरे रोम-रोम में
हिन्दी में मैं समाई हूँ
हिन्दी की मैं पूजा करती
हिन्दोस्तान की जाई हूँ

Hindi Diwas Hasya Kavita Hindi Diwas Poem Latest हिंदी दिवस का कविता

मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम गाते हंसते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपने सुख दुख रचते हो

मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम सपनाते हो, अलसाते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपनी कथा सुनाते हो

मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम जीवन साज पे संगत देते
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम, भाव नदी का अमृत पीते

मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुमने बचपन खेला और बढ़े
हूं वह भाषा, जिसमें तुमने यौवन, प्रीत के पाठ पढ़े

मां! मित्ती का ली मैंने… तुतलाकर मुझमें बोले
मां भी मेरे शब्दों में बोली थी – जा मुंह धो ले
जै जै करना सीखे थे, और बोले थे अल्ला-अल्ला
मेरे शब्द खजाने से ही खूब किया हल्ला गुल्ला

उर्दू मासी के संग भी खूब सजाया कॉलेज मंच
रची शायरी प्रेमिका पे और रचाए प्रेम प्रपंच

आंसू मेरे शब्दों के और प्रथम प्रीत का प्रथम बिछोह
पत्नी और बच्चों के संग फिर, मेरे भाव के मीठे मोह

सब कुछ कैसे तोड़ दिया और सागर पार में जा झूले
मैं तो तुमको भूल न पाई कैसे तुम मुझको भूले
भावों की जननी मैं, मां थी, मैं थी रंग तिरंगे का
जन-जन की आवाज भी थी, स्वर थी भूखे नंगों का

फिर क्यों एक पराई सी मैं, यों देहरी के बाहर खड़ी
इतने लालों की माई मैं, क्यों इतनी असहाय पड़ी

Hindi Diwas Ka Kavita Hindi Diwas Ke Liye Poem Hindi Kavita Hindi Diwas Ke Liye

अंग्रेजी में नंबर थोड़े कम आते हैं
अंग्रेजी बोलने से भी घबराते हैं
पर स्टाइल के लिए पूरी जान लगाते हैं
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं
एक वक्त था जब हमारे देश में हिंदी का बोलबाला था
मां की आवाज में भी सुबह का उजाला था
उस मां को अब हम Mom बुलाते हैं
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं
देश आगे बढ़ गया पर हिंदी पीछे रह गई
इस भाषा से अब हम नजर चुराते हैं
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं
माना, अंग्रेजी पूरी दुनिया को चलाती है
पर हिंदी भी तो हमारी पहचान दुनिया में कराती है
क्यों ना अपनी मातृभाषा को फिर से सराखों पर बिठाए
आओ हम सब मिलकर हिंदी दिवस मनाए

14 September Hindi Diwas Kavita Hindi Diwas Par Poem Hindi Mein

मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
राष्ट्रभाषा हूं मैं अभिलाषा हूं मैं
एक विद्या का घर पाठशाला हूं मैं
मेरा घर एक मंदिर बचा लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
देख इस भीड़ में कहां खो गई
ऐसा लगता है अब नींद से सो गई
प्यार की एक थपक से जगा लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
मैं ही गद्य भी बनी और पद्य भी बनी
दोहे, किससे बनी और छंद भी बनी
तुमने क्या-क्या ना सीखा बता दो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
मैं हूं भूखी तेरे प्यार की ऐ तू सुन
दूंगी तुझको मैं हर चीज तू मुझको चुन
अपने सीने से एक पल लगा लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
मैं कहां से शुरू में कहां आ गयी
सर जमी से चली आसमां पा गयी
वह हंसी पल मेरा फिर लौटा दो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
तेरी कविता हूं मैं हूं कलम तेरी
मां तो बनके रहूं हर जन्म में तेरी
अपना ए दोस्त आप बना लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे

Hindi Diwas Ki Kavita Hindi Diwas Par Poem Hindi Diwas Par Kavita in Hindi

हिंदी हमारी आन है हिंदी हमारी शान है
हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है
हिंदी हमारी वर्तनी हिंदी हमारा व्याकरण
हिंदी हमारी संस्कृति हिंदी हमारा आचरण
हिंदी हमारी वेदना हिंदी हमारा गान है
हिंदी हमारी आत्मा है भावना का साज़ है
हिंदी हमारे देश की हर तोतली आवाज़ है
हिंदी हमारी अस्मिता हिंदी हमारा मान है
हिंदी निराला, प्रेमचंद की लेखनी का गान है
हिंदी में बच्चन, पंत, दिनकर का मधुर संगीत है
हिंदी में तुलसी, सूर, मीरा जायसी की तान है
जब तक गगन में चांद, सूरज की लगी बिंदी रहे
तब तक वतन की राष्ट्रभाषा ये अमर हिंदी रहे
हिंदी हमारा शब्द, स्वर व्यंजन अमिट पहचान है
हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है

[Best] Hindi Diwas Shayari हिंदी दिवस पर शायरी

Hindi Diwas Quotes Thoughts हिंदी दिवस पर अनमोल वचन सुविचार

हिंदी भाषा पर नारे स्लोगन Hindi Diwas Slogan

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हिंदी दिवस के पोस्टर बैनर फोटो Hindi Day Poster Banner 2021

Hindi Diwas Par Sundar Kavita Hindi Diwas Par Kavita Ya Kahani Poem Hindi Diwas Par Kavita

राष्ट्रभाषा की व्यथा
दु:खभरी इसकी गाथ
क्षेत्रीयता से ग्रस्त है
राजनीति से त्रस्त है
हिन्दी का होता अपमान
घटता है भारत का मान
हिन्दी दिवस पर्व है
इस पर हमें गर्व है
सम्मानित हो राष्ट्रभाषा
सबकी यही अभिलाषा
सदा मने हिन्दी दिवस
शपथ लें मने पूरे बरस
स्वार्थ को छोड़ना होगा
हिन्दी से नाता जोड़ना होगा
हिन्दी का करे कोई अपमान
कड़ी सजा का हो प्रावधान
हम सबकी यह पुकार
सजग हो हिन्दी के लिए सरकार

Hindi Diwas Par Short Poem Hindi Diwas Par Kavita Short Hindi Diwas Par Swarachit Kavita

एक डोर में सबको जो है बांधती वह हिंदी है
हर भाषा को जो सगी बहन मानती वह हिंदी है
भरी-पूरी हो सभी बोलियां यही कामना हिंदी है
गहरी हो पहचान आपसी यही साधना हिंदी है
सोते विदेशी रह ने रानी यही भावना हिंदी है
तत्सम, तद्भव, देश विदेशी रंगों को अपनाती
जैसा आप बोलना चाहे वही मधुर वह मन भाती
नए अर्थ के रूप धारती हर प्रदेश की माटी पर
खाली पीली बोम मारती मुंबई की चौपाटी पर
चौरंगी से चली नवेली प्रीति प्यासी हिंदी है
बहुत-बहुत तुम हमको लगती भालो-बाशी हिंदी है
उच्च वर्ग की प्रिय अंग्रेजी हिंदी जन की बोली है
वर्ग भेद को खत्म करेगी हिंदी वह हमजोली है
सागर में मिलती धाराएं हिंदी सबकी संगम है
शब्द, नाद लिपि से भी आगे एक भरोसा अनुपम है
गंगा कावेरी की धारा साथ मिलाती हिंदी है
पूरब-पश्चिम कमल पंखुरी सेतु बनाती हिंदी है

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