स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2018 पर देश भक्ति कविताएँ व देश भक्ति नारे

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2018 पर देश भक्ति कविताएँ व देश भक्ति नारे : स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2018 स्वतंत्रता दिवस के देशभक्त और देशवासियों के लिए हम लेकर आ रहे है | वे छोटी छोटी कविताएं और देश भक्ति नारे जो इस दिवस का जश्न मनाते हैं। आजादी के इस दिन को हम सभी भारतीय एक राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाते हैं। उन सभी के लिए जो भारत देश का 72वें स्वतंत्रता दिवस 2018 मना रहे है वे सभी भारतीय जानते हैं की श्री मोहन दास करम चंद्र गांधी, जो देश के पिता थे, ने सभी भारतीय जनता को इकट्ठा किया और स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह अजाद, लाल बहादुर शास्त्री, सरोजनी नायडू, विजय लक्ष्मी पंडित, सुभाष चंद्र बोस, कमला नेहरू, बाल गंगाधर तिलक और बहुत से भारतीय ब्रिटिश राज से आजादी के लिए लड़े थे । उनकी याद में हम आपके लिए छोटी छोटी कविताएं और देश भक्ति नारे प्रस्तुत कर रहे है |

राष्ट्र ध्वज के प्रति देश भक्ति कविता National flag

भारत के गौरव-दीप,जाग्रति के नव स्वर,
है नमन तुम्हें ओ राष्ट्र ध्वजा उन्नत भास्कर.
सागर की लहराती लहरों के नर्तन पर,
तुम अडिग हिमालय से अखंड एकता शिखर.
जन-मन की आशाओं के कोमल भाव सुमन,
तुमने ही दिया विश्व को नव जीवन-दर्शन
जो तीन रंग में लहराता वैभव तेरा,
है स्नेह सुधा सिंचित भारत की पुण्य धरा.
अभिमान शहीदों की बलिदानी गाथा. ,
केशर रंजित तव, उन्नत करते हो माथा.
लहराती हरियाली खेतों की सीमा पर,
गुन गुन गाती समृद्धि, शक्ति के गीत प्रखर.
वह सत्य अहिंसा प्रतिबिंबित तेरे पट पर,
तुम शांति दूत ,सादगी, प्रेम के जीवित स्वर,
इतिहास, सभ्यता का करते हो अभिनन्दन,
है चक्र सुदर्शन करता सबका दिग्दर्शन.
है गूंज रहा सब और समीरण के रथ पर,
जन-गण-मन अधिनायक जय हे!” दीपित स्वर.
तुम अमर, समय के पथ पर, तेरा ही वंदन,
हे क्रांति-दीप!,तव अभिनन्दन, चिर अभिनन्दन |

कारगिल दिवस पर शहीदों के नाम कविता Poem on martyrdom day

उन कारगिल शहीदों के नाम
आग, बारूद ,गोली धुंए से किये होंगे रोशन ,
तुमने ही कुर्बानियों के ये दीप जलाये होंगे,
आज हमने भी यहाँ मनाई है यहाँ दीवाली ,
आज हम भी तुम्हे याद तो आये होंगे.
याद होगी तुम्हे वो बाबा की वो भींगी आँखें,
माँ के आँचल को भी तरसा खा रहा होगा ये तन-मन,
इस बरसात में टूटे हुए घर की छत से ,
बूंदें पानी की तुम्हे याद तो आई होंगी .
याद होगी प्रिय की सिंदूरी वो बिंदिया ,
गूंज उठी उन चूड़ियों की तुम ने भी सुनी होगी.
चुपके चुपके से कभी बर्फ के बिछौनो पर ,
एक अहसास भरी रेशमी छुआन होगी.
याद होगा तुम्हे वो प्यार भरा वादा भी,
अपने नन्हे से कभी तुमने जो किया होगा,
एक बंदूक और ढेर से खिलौनों की,
चाह मासूम कभी याद तो आई होगी.
मेरे वतन की उंची आन पर मिटने वालो,
सारा जहाँ तुम्हारे सामने झुक जायेगा,
हमें कारगिल की उस पावन सी धरा की कसम,
ये झंडा वहां शान से लहराएगा.
वतन वाले सब मनाएंगे यहाँ दीवाली भी,
और उन शहीदों के नमन में झुकी होंगी आँखें तुम्हारी .
अपने कन्धों पे उठाएगा तुम्हे सारा जहाँ,
तेरे स्वागत में खुली पुरे देश की बाहें होंगी.

देश की मातृभूमि की वंदना Poem on the country’s Homeland

कोटि कोटि कंठों से मुखरित
मातु तुम्हारी चरण वन्दना
राष्ट्रगान बन गुंजित नभ-तल ,
देश प्रेम की मधुर भावना.
बनूँ जागरण-गीत ,मातु ऐसा वर देना.
भूख,गरीबी,संघर्षों के विकट निशाचर,
घूम रहे चहुँ ओर,शष्यश्यामला धरा पर
अपने हाथों में कलम थाम,अक्षर-योद्धा,
जब लिख देंगे श्रम गान ,अभावों के पट पर,
मै सृजन सूर्य बन जागूं ,मातु इतना वर देना.
शब्द शब्द बन ज्योति प्रखर,
जागे शिखरों पर,
शत शत दीप जले, भारत माँ के चरणों पर,
मै विरल दीपबन जलूं ,मातु इतना कर देना.

15 अगस्त पर बच्चों के लिए कविता Poem for children on 15th August

हम बाल बच्चे
हम बाल बच्चे मतवाले हैं
हम जो चाँद को छूने वाले हैं !
जो हम बच्चो से टकराएगा ,
कभी ना याह वो बच पाएगा !
हम भारत माता के प्यारे बच्चे है
देश के हम राज दुलारे हैं ,
इस आजादी के हम रखवाले
नये इस युग का आगाज करेंगे हम
देश का नाम सदा अमर करेंगे !
तिरंगे की शान बान रखेंगे हम
अपना यह जीवन हम सब
देश के नाम करेंगे हम !
हम बाल बच्चे मतवाले है
हम चाँद को छूने वाले हैं !

देश के जवानों के नाम कविता Poem of country’s Jawans

देश के जवानों आज ये आप बताओ
कौन है कहाँ है, देश के सितारे !
आज हर तरफ आंधियां चल रही है
भारत माँ हर तरफ आग सी जल रही है !
जो अपने इस लहू से सींच कर गये
भारत माँ के घायल दामन को ,
क्यों भूल गये हम उन वीर जवानों को
जो हर युग के पहरेदारों को
आज फिर समय की लल्लकर यही है
कोई बन जाओ सुभाष चन्द्र बोष कोई पंडित नेहरु
और पढाओ देश को शान्ति का पाठ ,
बनाओ गांधी के सपनों का संसार !
आज माँ के पुत्र ही माँ के शत्रु हो गये
कोई हिन्दू कोई सिख कोई ईसाई हो गये
क्यों भूल गये हम उनका बलिदान ,
जान-जहान कर गये जो हम पर कुर्बान हुए | |

देश की माहन विभूतियों द्वारा दिए गए देश भक्ति नारे Slogan

भारत आजादी के वो नारे Slogan जो भारत के महान विभूतियों द्वारा बोले गये नारे जो आज भी हमारे अन्दर जोश और जूनून भर देते हैं|

1. जय हिंद = नेताजी सुभाष चंद्र बोस
2. जय जवान, जय किसान = लाल बहादुर शास्त्री
3 .वंदे मातरम = बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
4. स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा = बाल गंगाधर तिलक द्वारा अंगीकृत
5. सत्यमेव जयते = पंडित मदनमोहन मालवीय द्वारा चर्चित
6. इंकलाब जिंदाबाद = भगत सिंह के साथ पर्याय, मुस्लिम लीडर हसरत मोहानी द्वारा निर्मित
7. सरफरोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है = रामप्रसाद बिस्मिल
8. दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे = चंद्र शेखर आजाद
9. आराम हराम है = जवाहरलाल नेहरू
10. तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा = नेताजी सुभाष चंद्र बोस
11. भारत माता की जय = महात्मा गांधी
12. अंग्रेजो भारत छोड़ो = महात्मा गांधी
13. करो या मरो = महात्मा गांधी
14. हे राम = महात्मा गांधी
15.साम्राज्‍यवाद का नाश हो = भगत सिंह
16.स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है. = लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक
17. दिल्‍ली चलो = सुभाष चंद्र बोस
18. जय हिंद. = सुभाष चंद्र बोस
19. वेदों की ओर लौटो. = दयानंद सरस्‍वती
20. सारे जहां से अच्‍छा हिन्दुस्तान हमारा. = इकबाल
21.साइमन कमीशन वापस जाओ. = लाल लाजपत राय
22. हू लिव्‍स इफ इंडिया डाइज. = जवाहर लाल नेहरू
23. जन-गण-मन अधिनायक जय हे = रवींद्र नाथ टैगोर

Short Poem on Independence Day 15 August 2018

1. देश भक्ति कविता मै मर जाऊँ तो

मैं मर जाऊँ तो सिर्फ मेरी इतनी पहचान लिख देना,
मेरे खून से मेरे माथे पर जन्मस्थान लिख देना,
कोई पूछे तुमसे स्वर्ग के बारे में तो एक कागज के टुकड़े में हिदुस्तान लिख देना,
ना दौलत पर गर्व करते है,
ना शोहरत पर गर्व करते है,
किया भगवान ने हिदुस्तान मै पैदा,
इसलिये अपनी किस्मत पर गर्व करते है
जय हिंद – जय भारत ॥

2. देश भक्ति कविता भड़क गये जो भारतीय

भड़क गये जो भारतीय सैनिक
तो कोई ना रोक पायेगा ।।
भारतीय सैनिक जहाँ गड़ेगा तिरंगा
वहाँ हिंदुस्तान कहलाएगा ।।
जब उठेगी भारतीय सैनिको की तलवार
तो जग में कोहराम मच जायेगा ।।
इतिहास की तुम चिंता ना करो
भूगोल ही बदल जायेगा ।।

3. देश भक्ति कविता भारतीय झुक नही सकता

भारतीय झुक नही सकता
भारतीय शौर्य के अखण्ड भाग हूँ ।
जला दे जो दुश्मन कि रुह तक
भारतीय वही भारत की आग हूँ ||
मत छेड़ो भारतीयों को
हम से लड़ना मुश्किल होगा
वरना लिखेंगे ऐसा इतिहास
की पढना भी मुश्किल होगा…

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