भारत के दिलचस्प और आश्चर्यजनक तथ्य हिंदी में

हमारा भारत देश बहुत सारी विविधाताओं का इतिहास व रोचकता तथ्यों से भरपूर है। बहुत सारी ऐसी महीन जानकारी है जो भारत देश को रोचक बनाती हैं| जो भारत देश के अधिकांश लोगो को अभी तक पता नही है । इस पैराग्राफ में हम आपके लिए लेकर आये है कुछ रोचक जानकारी जो आप की पहुच से दूर है | कुछ छोटे-छोटे पर महत्वपूर्ण भारत के रोचक तथ्य जिसकी जानकारी हम सभी को होनी चाहिए ।हम सभी जानते है की भारत बहुत तेजी से बढ़ रहा है भारत में ऐसी बहुत सी बाते है जिनके बारे में ऐसे तथ्‍य,और इंट्रेस्टिंग फैक्ट जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे | पुरे भारतवर्ष में गली गली में आप को टेलेंट देखने को मिलेगा | और सबसे बड़ी बाद यह की यहाँ धार्मिक प्रवर्ती वाले लोग ज्यादा मिलेंगे | पूरा भारत वैसे देखे तो रहस्यो से भरा हुआ हैं | भारत वीरो की भूमि हैं |

राष्ट्रीय भाषा हिंदी National Language

भारत बहुत बड़ा देश है तो देश में बहुत सारी राष्ट्रीय भाषा भी बोली जाती होंगी जबकि रास्ट्रीय भाषा हिंदी का अधिकारिक है जो कि देश के कई राज्यों में बोली जाती है। इसके अलावा अंग्रेजी भी देश के कई राज्यों में बोली जाती है। इसके अलावा देश में तमिल, तेलगू, कन्नड़, मलयालम , मराठी ऐसी भाषाये हैं जो कि देश के 22 राज्यों में बोली जाती है। भारत में 1,652 बोलियां और लिखी जाती है |

तिरूपति मंदिर में सबसे ज्‍यादा श्रद्धालु आते है – Largest Numbers of Pilgrims in Tirupati Teample

तिरूपति स्थित विष्‍णु मंदिर दुनिया का एक मात्र ऐसा मंदिर है जो 10वी सदी में बना हुआ है | जहां सबसे ज्‍यादा 30,000हजार श्रद्धालु प्रति दिन आते हैं। और लगभग 4 करोड़ चढ़ावा प्रति दिन आता है | यहां रोम और मक्‍का से भी श्रद्धालु आते हैं। यह मंदिर भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं | भारतीये संस्कति और सनातन धर्म का परिचय देते हैं | कहा जाता हैं की तिरूपति स्थित विष्‍णु मंदिर  में लगी मूर्ति असली लगती हैं | जीवित दिखाई देती हैं |

दुनिया का सबसे ऊंचा ग्राउंड World’s highest ground

चायल हिमाचल प्रदेश में एक ऐसा स्थान है इस ग्राउंड को 1893 में बनाया गया था और यह 2,444 मीटर के ऐल्टिट्यूड पर है | यह पूरी दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड में से एक है |इस मैदान का निर्माण 1893 में पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के द्वारा करवाया गया था। इस मैदान की समुन्द्र तल से कुल ऊंचाई 2444 मीटर है। इस  मैदान का उपयोग क्रिकेट खेलने के साथ साथ पोलो मैदान के रूप में भी किया जाता था। इस मैदान के निर्माण को ले कर कहा जाता है कि इस मैदान का निर्माण महाराजा भूपेंद्र सिंह ने अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेलने के लिए करवाया था।

शिंगणापुर गांव महाराष्ट्र Shinganapur village, Maharashtra

महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर नामक गांव में लोग पीढ़ियों से कोई दरवाजे वाले घर में नहीं रह रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका मानना है कि जो भी इस जगह से कुछ भी चुरा लेता है वह शनि देवता का क्रोध उठाएगा और अपने पापों के लिए बहुत प्यारा भुगतान करना होगा। इस गांव में आज तक कोई पुलिस स्टेशन नहीं खुला है। ना ही कभी चोरी डकेती हुये हैं ना ही कभी चोरी का सामान इस गाँव से बहार गया हैं |

बृहदेश्‍वर मंदिर तंजौर तमिलनाडु Brideshwar Temple Tanjore Tamil Nadu

तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर जो विश्व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर हैं। इस मंदिर का शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़ों से बने हुआ हैं। यह भव्य बृहदेश्‍वर मंदिर राजाराज चोल के राज्य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 एडी और 1009 एडी के दौरान) बनाया गया था । बृहदेश्‍वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक भवन है और यहां इन्‍होंने भगवान का नाम अपने बाद राज राजेश्‍वरम उडयार रखा है। यह मंदिर ग्रेनाइट से निर्मित है और अधिकांशत: पत्‍थर के बड़े खण्‍ड इसमें इस्‍तेमाल किए गए हैं, ये शिलाखण्‍ड आस पास उपलब्‍ध नहीं है इसलिए इन्‍हें किसी दूर के स्‍थान से लाया गया था।

26 मई का ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से संबध May 26, Related to A.P.J. Abdul Kalam

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जो 26 मई को स्विट्ज़रलैंड दौर पर गए थे | स्विट्ज़रलैंड में उनके सामान देने के लये प्रति वर्ष साइंस डे के रूप में मनाया जाता है |

पांडवों का अज्ञातवास Pandavas’ anonymity

अज्ञातवास से तात्पर्य है बिना किसी को अपनी पहचान बताए किसी की शरण में रहना। यानी कि आप को अपनी असली पहचान छिपानी होती है। द्यूत में पराजित होने पर पांडवों को 12 वर्ष घने जंगल में बिताने थे। 12 वर्ष समाप्त होने के बाद 13वां वर्ष पांडवों को अज्ञातवास में बिताना थे । परंतु अपनी पहचान छिपाना उनके लिए एक कठिन कार्य हो गया था, इसीलिए उन्होंने अपना नाम बदल लीया था ।

द्रोणाचार्य का जन्म Birth of Dronacharya

पाण्डवों और कौरवों के आचार्य द्रोण के कुछ रोचक तथ्य आज तक कम लोग ही जानते हैं। उनके जन्म से जुड़ी कहानी बेहद रोचक कहानी है। आचार्य द्रोण जन्म गर्भ में नहीं बल्कि बिना किसी गर्भ के हुआ था। एक बार उनके पिता भारद्वाज अपने साथियों के साथ स्नान करने गंगा नदी गए थे । वहां उन्होंने एक खूबसूरत अप्सरा को भी स्नान करते हुए देख लिया।
उस अप्सरा की खूबसूरती से वे इतने आकर्षित हो गए कि उनमें उससे संभोग करने की आकांक्षा उत्पन्न होने लगी। जिस कारणवश उनके वीर्य का निर्माण हुआ। इस स्थिति में उन्होंने पास में रखे एक घड़े में जिसका नाम द्रोण था, उसमें उस वीर्य को डाल दिया। इसी वीर्य से द्रोण का जन्म हुआ, जिसे बाद में द्रोणाचार्य कहकर बुलाया गया।

हिंदी भाषा का पहला वेब पोर्टल Hindi language first web portal

लगभग 2000 में हिंदी का पहला वेब पोर्टल काम में लिया गया था | तब से इंटरनेट की दुनिया में हिंदी भाषा ने अपनी छाप छोड़नी प्रारंभ कर दी थी जो अब एक मुखुय भाषा की पकड़ कर चुकी है.हिन्दी इंटरनेट जगत में 23 सितंबर 1999 एक क्रांति दिवस के रूप में आया जब विश्व के पहले हिन्दी पोर्टल वेबदुनिया डॉट कॉम की शुरुआत हुई

भारतीय रेल Indian Rail

भारतीय रेल (आईआर) एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क तथा एकल सरकारी स्वामित्व वाला विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यह विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है, जिसके १३ लाख से भी अधिक कर्मचारी काम करते हैं। भारत में रेलों का आरम्भ 1853 में अंग्रेजों द्वारा अपनी प्राशासनिक सुविधा के लिये की गयी थी |सन् 1853 में भारत पहली अप ट्रेन जो मुंबई से थाणे के मध्य (34 कि॰मी॰ की दूरी) चली थी | भारतीय रेलवे 115,000 कि॰मी॰मार्ग की लंबाई पर 7,172 स्‍टेशन हैं।

कुम्भ मेला Kumbh Mela

कुंभ पर्व हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में स्नान करते हैं। इनमें से प्रत्येक स्थान पर प्रति बारहवें वर्ष इस पर्व का आयोजन होता है।हरिद्वार और प्रयाग में दो कुंभ पर्वों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ भी होता है।2013 का कुम्भ प्रयाग में हुआ था। कुम्भ के मेले को अन्तरिक्ष से भी देखा जा सकता है। हर चार वर्ष से एक स्थान पर कुंभ का मेला आयोजित होता हैं | और 12 वर्ष से एक पूर्ण महाकुंभ मेले का आयोजन होता हैं | मान्यता हैं हर कुंभ के मेले में समुन्द्र मंथन होता हैं और साधू संतो की भारी भीड़ एकत्रित होती हैं | यह मिला एक महीने तक चलता हैं | और करोडो भक्त जन पधारते हैं | मान्यता हैं की कुंभ स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं | और साधू संतो इस कुंभ स्नान करने से सिधि प्राप्त करते और मोक्ष प्राप्त होता हैं |

  • भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा ‘पाई’ का मूल्‍य ज्ञात किया गया था और उन्‍होंने जिस संकल्‍पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं। उन्‍होंने इसकी खोज छठवीं शताब्‍दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले की गई थी।
  • बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्‍पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्री धराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने 10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम 5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा: 10*12 (10 की घात12) है।
  • वर्ष 1896 तक भारत विश्‍व में हीरे का एक मात्र स्रोत था।(स्रोत: जेमोलॉजिकल इंस्‍टी‍ट्यूट ऑफ अमेरिका)
  • बेलीपुल विश्‍व‍ में सबसे ऊंचा पुल है। यह हिमाचल पर्वत में द्रास और सुरु नदियों के बीच लद्दाख घाटी में स्थित है। इसका निर्माण अगस्‍त 1982 में भारतीय सेना द्वारा किया गया था।
  • सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएं आदि की।
  • निश्‍चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा विज्ञान में भली भांति ज्ञात था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी, आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए जाते हैं।
  • भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है।
  • भारत में 4 धर्मों का जन्‍म हुआ – हिन्‍दु, बौद्ध, जैन और सिक्‍ख धर्म और जिनका पालन दुनिया की आबादी का 25 प्रतिशत हिस्‍सा करता है।
  • जैन धर्म और बौद्ध धर्म की स्‍थापना भारत में क्रमश: 600 बी सी और 500 बी सी में हुई थी।
  • इस्‍लाम भारत का और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।
  • भारत में 3,00,000 मस्जिदें हैं जो किसी अन्‍य देश से अधिक हैं, यहां तक कि मुस्लिम देशों से भी अधिक।
  • भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च और सिनागोग कोचीन शहर में है। इनका निर्माण क्रमश: 1503 और 1568 में किया गया था।
  • ज्‍यू और ईसाई व्‍यक्ति भारत में क्रमश: 200 बी सी और 52 ए डी से निवास करते हैं।
  • विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्‍दु मंदिर है जो कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था।
  • तिरुपति शहर में बना विष्‍णु मंदिर 10वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था, यह विश्‍व का सबसे बड़ा धार्मिक गंतव्‍य है। रोम या मक्‍का धार्मिक स्‍थलों से भी बड़े इस स्‍थान पर प्रतिदिन औसतन 30 हजार श्रद्धालु आते हैं और लगभग 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति दिन चढ़ावा आता है।
  • सिक्‍ख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था। यहां प्रसिद्ध स्‍वर्ण मंदिर की स्‍थापना 1577 में गई थी।
  • वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्‍व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है।
  • भारत द्वारा श्रीलंका, तिब्‍बत, भूटान, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश के 3,00,000 से अधिक शरणार्थियों को सुरक्षा दी जाती है, जो धार्मिक और राजनैतिक अभियोजन के फलस्‍वरूप वहां से निकल गए हैं।
  • माननीय दलाई लामा तिब्‍बती बौद्ध धर्म के निर्वासित धार्मिक नेता है, जो उत्तरी भारत के धर्मशाला में अपने निर्वासन में रह रहे हैं।
  • युद्ध कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौद्ध धर्म प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई।
  • योग कला का उद्भव भारत में हुआ है और यह 5,000 वर्ष से अधिक समय से मौजूद है।
  • भारत ने अपने आखिरी 100000 वर्षों के इतिहास में किसी भी देश पर हमला नहीं किया है।
  • जब कई संस्कृतियों में 5000 साल पहले घुमंतू वनवासी थे, तब भारतीयों ने सिंधु घाटी (सिंधु घाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।
  • भारत का अंग्रेजी में नाम ‘इंडिया’ इं‍डस नदी से बना है, जिसके आस पास की घाटी में आरंभिक सभ्‍यताएं निवास करती थी। आर्य पूजकों में इस इंडस नदी को सिंधु कहा।
  • ईरान से आए आक्रमणकारियों ने सिंधु को हिंदु की तरह प्रयोग किया। ‘हिंदुस्तान’ नाम सिंधु और हिंदु का संयोजन है, जो कि हिंदुओं की भूमि के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।
  • शतरंज की खोज भारत में की गई थी।
  • बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्‍ययन भारत में ही आरंभ हुआ था।
  • ‘स्‍थान मूल्‍य प्रणाली’ और ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास भारत में 100 बी सी में हुआ था।
  • विश्‍व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर है। इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़ों से बने हैं। यह भव्‍य मंदिर राजाराज चोल के राज्‍य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए डी के दौरान) निर्मित किया गया था।
  • भारत विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्‍व का सातवां सबसे बड़ा देश तथा प्राचीन सभ्‍यताओं में से एक है।
  • सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्‍दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे। इस खेल में सीढियां वरदानों का प्रतिनिधित्‍व करती थीं जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे। इस खेल को कौडियों तथा पांसे के साथ खेला जाता था। आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किए गए, परन्‍तु इसका अर्थ वहीं रहा अर्थात अच्‍छे काम लोगों को स्‍वर्ग की ओर ले जाते हैं जबकि बुरे काम दोबारा जन्‍म के चक्र में डाल देते हैं।
  • दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्‍थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1893 में तैयार किया गया था।
  • भारत में विश्‍व भर से सबसे अधिक संख्‍या में डाक खाने स्थित हैं।
  • भारतीय रेल देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है। यह दस लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
  • विश्‍व का सबसे प्रथम विश्‍वविद्यालय 700 बी सी में तक्षशिला में स्‍थापित किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से आकर अध्‍ययन करते थे। नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।
  • आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। शाखा विज्ञान के जनक माने जाने वाले चरक में 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद का समेकन किया था।
  • भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे सम्‍पन्‍न देश था। क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने चला और उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।
  • नौवहन की कला और नौवहन का जन्‍म 6000 वर्ष पहले सिंध नदी में हुआ था। दुनिया का सबसे पहला नौवहन संस्‍कृ‍त शब्‍द नव गति से उत्‍पन्‍न हुआ है। शब्‍द नौ सेना भी संस्‍कृत शब्‍द नोउ से हुआ।
  • भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है

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