इस बार कृष्ण जन्माष्टमी 2020 पर कृं कृष्णाय नमः का जाप कर अधूरी इच्छा कर लें पूरी

भाद्रपद की अष्टमी को रात के 12 बजे मथुरा नगरी की जैल में भगवान कृष्ण ने देवकी के गर्भ से जन्म लिया था। भगवान विष्णु के सभी अवतारों में से श्रीकृष्ण एकमात्र ऐसे अवतार थे जो 16 कलाओं में निपुण थे। जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्णा अपनी 16 कलाओं का प्रदर्शन करेंगे | हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का त्योंहार और जश्न मनाया जाएगा। इस बार जन्माष्टमी का पर्व 11 अगस्त को मानाया जाएगा। इस बार जन्माष्ठमी रोहिणी नक्षत्र मैं है।भगवान श्रीकृष्ण श्री विष्णु के आठवें अवतार हैं। सोलह कलाओं से परिपूर्ण दिव्यतम अवतार है मुरलीधर कान्हा। भारतीय जनमानस को हर रंग में रंगे उत्सवप्रिय श्रीकृष्ण हर अवतार से ज्यादा प्रिय लगते हैं।

इस बार कृष्ण जन्माष्टमी 2020 पर कृं कृष्णाय नमः का जाप कर अधूरी इच्छा कर लें पूरी

कृष्ण यानी जो आकर्षित करें, आकृष्ट करें। सही मायनों में श्रीकृष्ण  जनमानस को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। प्रस्तुत हैं हर मनोकामना के लिए भगवान श्रीकृष्ण के 7 असरकारी अचूक मंत्र. गृहस्थों को पूर्वोक्त द्वादशाक्षर मंत्र से दूसरे दिन प्रात: हवन करके व्रत का पारण करना चाहिए। जिन भी लोगो को संतान न हो, वंश वृद्धि न हो, पितृ दोष से पीडि़त हो, जन्मकुंडली में कई सारे दुर्गुण, दुर्योग हो, शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को पूर्ण निष्ठा से करने वाले को एक सुयोग्य,संस्कारी,दिव्य संतान की प्राप्ति होती है, कुंडली के सारे दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाते है और उनके पितरो को नारायण स्वयं अपने हाथो से जल दे के मुक्तिधाम प्रदान करते है। जिन परिवारों में कलह-क्लेश के कारण अशांति का वातावरण हो, वहां घर के लोग जन्माष्टमी का व्रत करने के साथ निम्न किसी भी मंत्र का अधिकाधिक जप |

कृष्ण जन्माष्टमी 2020 मनोकामना पूर्ण करने वाला मंत्र

ऊॅ नमो नारायणाय

ऊॅ नमों भगवते वासुदेवाय

ऊॅ श्री कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत: क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नम:॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवाय

गोविन्द, गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवाय 

ममखिलपापप्रशमनपूर्वक सर्वाभीष्ट सिद्धये

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रतमहं करिष्ये॥

प्रणमे देव जननी त्वया जातस्तु वामन:।

वसुदेवात तथा कृष्णो नमस्तुभ्यं नमो नम:।

सुपुत्रार्घ्यं प्रदत्तं में गृहाणेमं नमोऽस्तुते।

“कृं कृष्णाय नमः”

यह कृष्ण का मूलमंत्र है जिसके जाप से व्यक्ति का अटका हुआ धन प्राप्त होता है। और घर परिवार में हमेशा सुख शांति बनी रहती है।

सर्व शिद्ही मनोकामना पूर्ण मन्त्र –

॥ कृष्णःकर्षति आकर्षति सर्वान जीवान्  इति कृष्णः॥ ॥ ओम्  वेदाः वेतं पुरुषः महंतां देवानुजं प्रतिरंत जीव से ॥ श्रीकृष्ण के इस मंत्र में तैंतीस (33) अक्षर हैं, जिसके नियमित जाप से धन से संबंधित किसी भी प्रकार का संकट टल जाता है

“ॐ कृष्ण कृष्ण महाकृष्ण सर्वज्ञ त्वं प्रसीद मे. रमारमण विद्येश विद्यामाशु प्रयच्छ मे”… 33 अक्षरों वाले इस मंत्र में ऐसी चमत्कारी शक्तियां हैं जिस पर आप विश्वास नहीं कर पाएंगे. इस श्रीकृष्ण मंत्र का जो भी साधक जाप करता है उसे समस्त प्रकार की विद्याएं निःसंदेह प्राप्त होती हैं

“नन्दपुत्राय श्यामलांगाय बालवपुषे कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”… श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया यह मंत्र 32 अक्षरों वाला है. इस मंत्र के जाप से समस्त आर्थिक मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

“लीलादंड गोपीजनसंसक्तदोर्दण्ड बालरूप मेघश्याम भगवन विष्णो स्वाहा”… श्रीकृष्ण के इस मंत्र में उन्तीस (29) अक्षर हैं, जिसका जो भी साधक एक लाख जप के साथ घी, शक्कर तथा शहद में तिल व अक्षत को मिलाकर हवन भी करे तो उसे स्थिर लक्ष्मी अर्थात स्थायी संपत्ति की प्राप्ति होती है.

“ॐ नमो भगवते नन्दपुत्राय आनन्दवपुषे गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”…. यह श्रीकृष्ण का 28 अक्षरों वाला मंत्र है, जिसका जाप करने से मनोवांछित फल प्राप्ति होते हैं. जो भी साधक इस मंत्र का जाप करता है उसको समस्त अभीष्ट वांछित वस्तुएं प्राप्त होती हैं.

“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीकृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय श्रीं श्रीं श्री”… यह 23 अक्षरों वाला श्रीकृष्ण मंत्र है जो जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा को दूर करने मंं सहायक सिद्ध होता है.

“ऐं क्लीं कृष्णाय ह्रीं गोविंदाय श्रीं गोपीजनवल्लभाय स्वाहा ह्र्सो”… यह मंत्र उच्चारण में थोड़ा कठिन जरूर है लेकिन इसका प्रभाव उतना ही तेज़ है. यह मंत्र वाणी का वरदान देता है.

“ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय”… अभी तक जितने भी मंत्र हमने बताए वह सभी सुख एवं संपदा से जुड़े हैं लेकिन यह ऐसा मंत्र है जो विवाह से जुड़ा है. जी हां… जो जातक प्रेम विवाह करना चाहते हैं लेकिन किन्हीं कारणों से हो नहीं रहा तो वे प्रात: काल में स्नान के बाद ध्यानपूर्वक इस मंत्र का 108 बार जाप करें

“क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः”… आर्थिक स्थिति को सुधारने वाले इस मंत्र का प्रयोग जो भी साधक करता है उसे संपूर्ण सिद्धियों की प्राप्ति होती है.

गोकुल नाथाय नमः”… इस आठ अक्षरों वाले श्रीकृष्णमंत्र का जो भी साधक जाप करता है उसकी सभी इच्छाएं व अभिलाषाएं पूर्ण होती हैं.

“गोवल्लभाय स्वाहा”… देखने में यह केवल दो शब्द दिखाई दे रहे हैं लेकिन धार्मिक संदर्भ से देखें तो इन शब्दों को बनाने के लिए प्रयोग में आए सात अक्षर बेहद महत्वपूर्ण हैं.

“ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा”… यह कोई साधारण मंत्र नहीं बल्कि श्रीकृष्ण का सप्तदशाक्षर महामंत्र है. अन्य मंत्र शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार 108 बार जाप करने से ही सिद्ध हो जाते हैं लेकिन इस महामंत्र का पांच लाख जाप करने से ही सिद्ध होता है.

कृं कृष्णाय नमः”… यह श्रीकृष्ण का बताया मूलमंत्र है जिसके प्रयोग से व्यक्ति का अटका हुआ धन प्राप्त होता है

“गोकुल नाथाय नमः”
,
सभी मंत्रों में यह मंत्र सबसे ज्यादा असरदार है। इस मंत्र के उच्चारण के समय में एक भी अक्षर में गलती नहीं करनी चाहिए। ऐसा होने से इसका असर खत्म हो जाता है।आठ अक्षरों के इस मंत्र का जो भी जाप करता है उसकी सभी इच्छाएं और मनोकामनाएं भगवान श्री कृष्ण की कृपा से पूर्ण होती हैँ।

जन्माष्टमी मन्त्र विधि –

इन मंत्रों का जाप करने के लिए जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें। उसके बाद भगवान कृष्ण के सामने घी का दीपक जलाएं व उत्तर दिशा की ओर मुंह करके 21 बार जाप करे ।ऐसा करने से कुछ दिनों बाद ही आपके घर मैं अचानक परिवर्तन होगा | और हर क्षेत्र में आपको सफलता ही सफलता मिलेगी |

भगवान् श्री कृष्ण की सोलह कलाएँ –

श्री-धन संपदा,भू- अचल संपत्ति,कीर्ति- यश प्रसिद्धि,इला-वाणी की सम्मोहकता,लीला- आनंद उत्सव,कांति- सौदर्य और आभा,विद्या- मेधा बुद्धि,विमला-पारदर्शिता,उत्कर्षिणि-प्रेरणा और नियोजन,ज्ञान-नीर क्षीर विवेक,क्रिया-कर्मण्यता,योग-चित्तलय,प्रहवि- अत्यंतिक विनय,सत्य-यथार्य,इसना -आधिपत्य,अनुग्रह-उपकार,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.