Womens hair cutting incidents hair cutting continues in rajasthan Haryana Delhi

In some places in Delhi and NCR there have been cases of women hair cutting. The villagers wake up in the night and watch out who is in back of mahilao ki bal katane ki ghatanaye, but do not know who is cutting the tops of women

राजस्थान, हरियाणा के बाद अब दिल्ली में काटी जा रही हैं महिलाओं की चोटिया अभी तक अपराधियों का पता नही लग पा रहा हैं आखिर क्यों काटे जा रहें हैं बाल यह घटना काफी दिनों से चर्चा में हैं सबसे पहले जैसलमेर के एक गाँव में यह घटना घटी थी उस के बाद जोधपुर, नागोर, सीकर, झुंझुनू, हरियाणा और अब दिल्ली में काटे जा रहें हैं ओरतो के बाल गाँवो में महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया गाँवो में डर का माहोल बना हुआ हैं गाँव के लोग रात भर जाग कर पहरा दे रहें हैं क्या यह महिलाओं को फिर से घरों में बंद करने की साजिश तो नही हैं |

दिल्ली की बाल काटने की घटना

दिल्ली के कगनहेरी गांव में विमलेश और मनोज की मां की चोटी काटी गई है. विमलेश ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11.30 बजे उनकी मां सिर में अचानक से दर्द शुरू हुआ और लेट गई. जब उनकी नींद खुली तो देखा कि बिस्तर के नीचे चोटी कटी हुई थी. इसी तरह मनोज की मां की दो बार चोटी काटी गई. पूरे गांव में दहशत का माहौल है.

आगरा में भी काटे गये ओरतो के बाल

मंगलवार की सुबह अछनेरा के गांव मंगरौला जाट लाल सिंह की पत्नी मछला देवी की चोटी कट गई। उसने कहा, अचानक आसमान से बिजली चमकने लगी और घर की लाईट चली गये सिर में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गई। होश आया तो चोटी कटी हुई थी।

दूसरी घटना कागारौल में हुई, जब चीतापुर गांव में आठवीं की छात्रा अपनी मां के साथ सो रही थी। जब वह जगी तो बाल कटे हुए थे। ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।

क्यों काटे जा रहें हैं ओरतो के बाल क्या रहस्य हैं

चोटी काटने वाली एक औरत को जोड़िया कोटकासीम ग्रामवासियों ने पकड़ लिया है और पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस की पूछताछ में उस औरत ने बताया कि हमारे 100 लोगों की टीम है, जिसमें 46 औरत और 54 आदमी है। हम आसपास के कई गांवो में फैले हुए हैं। हमें 1008 चोटी काटनी है। इससे हमें गायब होने की शक्ति प्राप्त होगी |

मनोचिकित्सको की माने तो

देश के अलग अलग इलाकों में एक ही तरह की वारदात से ये नतीजा निकालना गलत होगा कि सभी महिलाओं में एक ही तरह की बीमारी हैं ये किसी सोची समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसके जरिए इस बात की कोशिश की जा रही हो कि महिलाएं सड़कों पर न निकल सकें। अंधविश्वास फैलाकर महिलाओं और लड़कियों को घरों में कैद करने की कोशिश की जा रही है। मनोचिकित्सक आर के बंसल |

जैसे महिलाओं पर देवी आना या माता आना दरअसल, देवी आती नहीं हैं, वे ऐसा नाटक करके लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इस बीमारी को मास हिस्‍टीरिया कहते हैं। मुझे लगता है कि गांव में प्रतिष्ठित होना या लोगों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए महिलाएं खुद ही बाल काट रही हैं। मानसिक विशेषज्ञ डॉ. अजय श्रीवास्तव

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