मलाला यूसुफजई की बायोग्राफी कहानी पुरस्कार और मलाला के बारे मैं रोचक तथ्य

Malala Yousufzai : मलाला युसुफ़ज़ई को बच्चों के अधिकारों की कार्यकर्ता होने के लिए जाना जाता है। वह पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के स्वात जिले में स्थित मिंगोरा शहर की एक छात्रा है। 13 साल की उम्र में ही वह तहरीक-ए-तालिबान शासन के अत्याचारों के बारे में एक कूट नाम के तहत बीबीसी के लिए ब्लॉगिंग द्वारा स्वात के लोगों में नायिका बन गयी। अक्टूबर 2012 में, मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने उदारवादी प्रयासों के कारण वे आतंकवादियों के हमले का शिकार बनी, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गई और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गई। मलाला युसूफजई एक ऐसी पाकिस्तानी सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिसने अपने कामों से पूरे विश्व में पाकिस्तान का नाम रोशन किया जो अब तब केवल एक आतंकवादी देश के रूप में जाना जाता था. मलाला सबसे कम उम्र में नोबल पुरस्कार पाने वाली प्रथम व्यक्तित्व हैं. अपने सामजिक कार्यों की वजह से पूरे विश्व का ध्यान इस लड़की पर पड़ा जिसने पूरे विश्व में शान्ति की अलख को जगाया है.

मलाला यूसुफजई की बायोग्राफी : Malala  Yousufzai Biography

नाम : मलाला युसुफ़ज़ई
जन्म : 12 जुलाई 1997
माता पिता : तोर पेकई व जियाउदीन
जन्म स्थान : पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के स्वात जिले में स्थित मिंगोरा शहर
राष्ट्रीयता : पाकिस्तानी
पुरस्कार : नोबेल शांति पुरस्कार, अन्य
शिक्षा : Khushal Public School (2012), Edgbaston High School
मूवी : हे नेम्ड मी मलाला

कौन है मलाला युसुफजई – Who is malala yousafzai

मलाला युसुफजई : 17 साल की मलाला युसुफजई सबसे कम उम्र की नोबेल पुरस्कार विजेता है और इन्हें ये पुरस्कार पाकिस्तान में नारी के अधिकारों और उनकी शिक्षा के लिए आवाज उठाने के लिए दिया गया था | पाकिस्तान के एक छोटे से इलाके खैबर प्ख्तुन्ख्वा की रहने वाली मलाला युसुफजई को आतंकी संगठन तालिबान द्वारा नारी शिक्षा को प्रतिबंधित कर दिए जाने के बाद उसका विरोध किये जाने के कारण आतंकियों ने मलाला के सिर में गोली मार दी थी लेकिन किस्मत से सही समय पर इलाज़ उपलब्ध हो जाने के कारण मलाला को बचाया जा सका और इसी वजह से तालिबान द्वारा प्रतिबंधित नारी शिक्षा को अन्तराष्ट्रीय पहचान मिली |

मलाला यूसुफजई का बचपन : Malala Yousufzai’s childhood

मलाला युसूफजई का जन्म 12 जुलाई 1997 को पाकिस्तान के मिंगोरा प्रान्त में एक पश्तो परिवार में हुआ था | उसके पिता का नाम जियाउदीन और माँ का नाम तोर पेकई है | मलाला ने जिस गाँव में जन्म लिया वहा पर लडकी के जन्म पर उत्सव नही मनाते है उसके बावजूद उसके पिता ने उसके जन्म पर खुशिया मनाई थी | माता पिता ने बच्ची का नाम मलाला रकः जो अफ़ग़ानिस्तान की एक कलाकार का नाम था | उनकी पश्तो जाति पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच फ़ैली हुयी है |

मलाला युसूफजई की प्रेरणादायक कहानी : Inspirational story of Malala Yousafzai

मलाला युसूफजई एक ऐसी पाकिस्तानी सामाजिक कार्यकर्ता है जिसने अपने कामो से पुरे विश्व में पाकिस्तान का नाम रोशन किया जो अब तब केवल एक आतंकवादी देश के रूप में जाना जाता था | मलाला सबसे कम उम्र में नोबल पुरुस्कार पाने वाली भी प्रथम व्यक्तित्व है | अपने सामजिक कार्यो की वजह से पुरे विश्व का ध्यान इस लडकी पर पड़ा है जिसके कारण पुरे विश्व में शान्ति की अलख को जगाया है |

मलाला को मिले पुरूस्कार और सम्मान : Awards and honors to Malala yousafzai

  1. पाकिस्तान का राष्ट्रीय युवा शांति पुरस्कार – 2011
  2. अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार के लिए नामाँकन (2011)
  3. अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार (2013)
  4. साख़ारफ़ (सखारोव) पुरस्कार (2013)
  5. मैक्सिको का समानता पुरस्कार (2013)
  6. संयुक्त राष्ट्र का 2013 मानवाधिकार सम्मान (ह्यूमन राइट अवॉर्ड)

नोबेल पुरस्कार

बच्चों और युवाओं के दमन के ख़िलाफ़ और सभी को शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करने वाले भारतीय समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। 10 दिसंबर 2014 को नार्वे मे आयोजित एक कार्यक्रम मे यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार प्रदान करते ही सभागृह में उपस्थित सभी ने खड़े होते ही तालियों की गुंज की। 17 वर्ष की आयु में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली मलाला दुनिया की सबसे कम उम्र वाली नोबेल विजेती बन गयी।

मलाला युसुफ़ज़ई के जीवन से जुड़ी 10 अनसुनी बातें

1. Malala Yousafzai पर तालिबान द्वारा हमला किया गया था जब वह 15 साल की थी, स्कूल में बस के समय में सिर पर गोली मार दी थी।
2. 2014 में, बच्चों के लिए लड़ने और महिलाओं के शिक्षा के अधिकार के लिए लड़ने के लिए, मलाला को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
3. वह सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं जिसे सम्मान दिया गया | (वह जब 17 वर्ष की थी)।
4. अपने परिवार के जीवन के बारे में एक नई वृत्तचित्र, उन्होंने मुझे मलाला नामित किया, अक्टूबर 2015 में सिनेमाघरों को हिट कर दिया।
5. वह बर्मिंघम के एजबस्टन हाई स्कूल ब्रिटेन में सभी लड़कियों के स्कूल में जाती है।
6. उसने अपनी स्वयं की पुस्तक रिलीज की है, जिसे आई एम मलाला कहा जाता है: द गर्ल व्हा स्टड अप फॉर एजुकेशन एंड वास शॉट टू द तालिबान।
7. भयानक, जिस दिन मलाला को गोली मार दी गई वह दिन भी उसी दिन था जब उसकी मां ने पड़ना और लिखना सिखाना शुरू किया।
8. वह बर्मिंघम के एक अस्पताल में तालिबान हमले से पूरी तरह ठीक हो गई
9. उन्हें सिर्फ पांच लाख डॉलर से अधिक सम्मानित किया गया था।
10. वह उस दिन तक नोबेल शांति पुरस्कार जीता है जो उसे गोली मार दी गई थी।

 

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