तालाब, नदी में सिक्का क्यों फेंकते है : नदी में सिक्का फेकने से क्या होता है?, क्या है इस परंपरा का सच

नदी में सिक्का क्यों फेंकते है Nadi Me Sikka Kyo Fekate Hai नदी में सिक्का फेकने से क्या होता है Nadi Me Sikka Fekne Se Kya Hota Hai : जब हम रेल या बस में यात्रा करते है तो रास्ते में आने वाले नदी, तालाब या बड़े जलाशयों में लोग सिक्का डालते / फेंकते हैं | उस समय हम सभी यही सोचते है की नदी में सिक्का क्यों फेंकते है Nadi Me Sikka Fekne Se Kya Hota Hai नदी में सिक्का फेंकने से क्या होता है?.

अगर आप जानना चाहते है की तालाब, नदी में सिक्का क्यों फेंकते है नदी में सिक्का फेकने के संकेत, क्या है इस परंपरा का सच तो इस पेज को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़े और जाने की Nadi Me Sikka Kyo Fekate Hai.

Nadi Me Sikka Kyo Fekate Hai

Nadi Me Sikka Kyo Fekate Hai नदी में सिक्का फेकने से क्या होता है

यात्रा के दौरान जब भी कोई नदी आती है उसमें लोग सिक्का डालते हैं | नदी में सिक्का क्यों डालते हैं? इसके पीछे भी एक रहस्य है | नदी में सिक्का फेकने का इतिहास बहुत रोचक है। शास्त्रों के अनुसार सिक्का डालने की यह परंपरा दान व स्वास्थ्य से जुड़ी है | यहाँ हम आपको विस्तारपुर्वक बताएँगे की नदी में सिक्का क्यों फेंकते है Nadi Me Sikka Kyo Fekate Hai नदी में सिक्का फेकने से क्या होता है Nadi Me Sikka Fekne Se Kya Hota Hai तालाब, नदी में सिक्का फेंकने की कहानी परंपरा.

तालाब, नदी में सिक्का क्यों फेंकते है Nadi Me Sikka Kyo Fekate Hai

शास्त्रों में दान को बहुत पुण्य का कार्य माना गया है | नदी, तालाब या बड़े जलाशयों में सिक्का फेंकना या डालना दान का ही एक दूसरा रूप है | जल जीवनदाता होता है और इसका संबंध विभिन्न देवी-देवताओं से है | जब नदी या जलाशय आदि में सिक्का डालते हैं तो यह उसके दैवीय स्वरूप को एक भेंट चढ़ाने का तरीका होता है |

नदी में सिक्का फेकने से क्या होता है Nadi Me Sikka Fekne Se Kya Hota Hai

प्राचीन काल में तांबे के सिक्कों का प्रचलन था | और तांबा जल के शुद्धिकरण में काम आता है | आयुर्वेद में भी कहा गया है कि तांबे के बर्तन में रखा शुद्ध जल स्वास्थ्य के लिए अतिउत्तम होता है | इसलिए जब जलाशय या नदी में तांबे का सिक्का डालते थे तो यह उसे शुद्ध करता था |

जब हम किसी नदी या तालाब में सिक्का फेंकते है तो वह धरातल में जाकर कई दिनों तक वहां जमा होते रहते थे | इससे उनका अंश धीरे-धीरे जल में घुलता रहता है | इससे जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया जारी रहती है | जिससे पानी से हानिकारक जीवाणु समाप्त हो जाते है | लेकिन आज तांबे के सिक्को का प्रचालन नहीं है | लेकिन तालाब, नदी में सिक्का फेकने / डालने की परंपरा आज भी जारी है |

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ग्रहों के दोष निवारण के लिए फेंका जाता है नदी में सिक्का Nadi Me Sikka Fekne Ki Parampara

इसके अलावा ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के दोष निवारण के लिए विशेष वस्तुएं जल में प्रवाहित करने का विधान है | खासतौर से जिनकी कुंडली में चंद्रमा का दोष है उन्हें कई मानसिक समस्याओ का सामना करना पड़ता है | ऐसे लोगो को सफेद रंग का सिक्का या चांदी का सिक्का बहते जल में डाल देना चाहिए | इससे चंद्रमा शुभ फल देने लगता है |

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Nadi me sikke kyu dalte hai | क्यों फेंकते हैं नदी में सिक्का | जानें नदी में सिक्का डालने का रहस्य

विशेष सूचना : ये सभी जानकारी विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध करवाई गई हैं जो की धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है | Rkalert.in इस बात की पुष्टि नहीं करता है |

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