राष्ट्रीय खेल दिवस 2017 पर इन खिलाड़ीयों को किया राष्ट्रपति ने सम्मानित

राष्ट्रीय खेल दिवस 2017 : राष्ट्रीय खेल दिवस हाँकी के सम्राट मेजर ध्यानचंद की जयंती 29 अगस्त को मनाई जाती हैं | मेजर ध्यानचंद की जंयती के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में आज राष्ट्रपति कई खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे। भारत के महान हॉकी खिलाड़ी ‘मेजर ध्यानचंद सिंह’ का जन्म आज ही के दिन 1905 में इलाहाबाद में हुआ था। अपने लाजबाब खेल प्रदर्शन पर ध्यानचंद ने न केवल भारत को ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलवाया बल्कि हॉकी को एक नई ऊंचाई तक भी ले कर गए। हॉकी में मेजर ध्यानचंद के योगदान को देखते हुए सरकार ने 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि उनके जन्मदिन को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में आयोजित किया जाए। इस मौके पर प्रत्येक साल भारत के राष्ट्रपति विभिन्न खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को पुरस्कार देते हैं।

 

आज राष्ट्रपति कोविंद के हाथों से सम्मानित होंगे ये खिलाड़ी

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार : राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देश का सर्वोच्च खेल रत्न पुरस्कार हैं | इस साल राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दो खिलाडियों को दिया जायेगा | जिसमे –

1. हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह और
2. पैरा एथलीट देवेंद्र झाझरिया को राजीव गांधी खेल रत्न दिया जाएगा।

ये 17 खिलाड़ी हैं जिन्हें राष्ट्रपति ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया –

  1. चेतेश्वर पुजारा(क्रिकेट),
  2. हरमनप्रीत कौर(क्रिकेट),
  3. वरूण सिंह भाटी(पैरा एथलीट),
  4. प्रशांती सिंह(बास्केटबॉल),
  5. एसएसपी चौरसिया(गोल्फ),
  6. ओनम बेमबेम देवी(महिला फुटबाल),
  7. साकेत मिनैनी(टेनिस),
  8. मरियपन्न थंगावेलू (पैरा एथलीट),
  9. वीजे सुरेखा(तीरंदाजी),
  10. खुशबीर कौर(एथलेटिक्स),
  11. आरोकिया राजीव(एथलेटिक्स),
  12. एस वी सुनील(हॉकी),
  13. सत्यव्रत कादियान(कुश्ती),
  14. एंथोनी अमलराज(टेबल टेनिस),
  15. पीएन प्रकाश(निशानेबाजी),
  16. जसवीर सिंह(कबड्डी),
  17. देवेंद्रो सिंह(मुक्केबाजी)।

द्रोणाचार्य अवार्ड 2017 से सम्मानित खिलाड़ी

द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित होंगे ये कोच, कोचिंग के क्षेत्र में मिलने वाले द्रोणाचार्य राष्ट्रीय अवार्ड से इस साल दो कोच सम्मानित किए होगे।

1. एथलेटिक्स के क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले डा. रामक़ष्णन गांधी को मरणोपरांत यह अवार्ड मिलेगा।
2 .जबकि कबड्डी के क्षेत्र से हीरानंद कटारिया को द्रोणाचार्य अवार्ड मिलेगा।

लाइफटाइम द्रोणाचार्य अवार्ड

लाइफटाइम द्रोणाचार्य अवार्ड की श्रेणी में पांच लोगों को सम्मानित किया जायगा ।

  1. बैडमिंटन से जीएसएसवी प्रसाद,
  2. मुक्केबाजी से बृजभूषण मोहंती,
  3. हॉकी से पी ए रफेल,
  4.  निशानेबाजी से संजय चक्रवर्ती और
  5. कुश्ती के क्षेत्र से रौशन लाल को यह सम्मान मिलेगा।

मेजर ध्यानचंद अवार्ड 2017

ध्यानचंद अवार्ड की श्रेणी से तीन लोगों को इस साल सम्मानित किया जाएगा। जिसमें-

  1. एथलेटिक्स से भूपेंद्र सिंह,
  2. फुटबाल से सैयद शाहिद हकीम और
  3. हॉकी के क्षेत्र से सुमरई टेटे इस सम्मान को हासिल करेंगे।

हांकी के राजा मेजर ध्यानचंद से जुड़ी ये 13 बातें

  1. 21 वर्ष की उम्र में उन्हें न्यूजीलैंड जानेवाली भारतीय टीम में चुन लिया गया। इस दौरे में भारतीय सेना की टीम ने 21 में से 18 मैच जीते।
  2. 23 वर्ष की उम्र में ध्यानचंद 1928 के एम्सटरडम ओलंपिक में पहली बार हिस्सा ले रही भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे। यहां चार मैचों में भारतीय टीम ने 23 गोल किए।
  3. ध्यानचंद के बारे में मशहूर है कि उन्होंने हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल किए।
  4. 1932 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत ने अमेरिका को 24-1 के रिकॉर्ड अंतर से हराया। इस मैच में ध्यानचंद और उनके बड़े भाई रूप सिंह ने आठ-आठ गोल ठोंके।

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  1. 1936 के बर्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद भारतीय हॉकी टीम के कप्तान थे। 15 अगस्त, 1936 को हुए फाइनल में भारत ने जर्मनी को 8-1 से हराया।
  2. 1948 में 43 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतरराट्रीय हॉकी को अलविदा कहा।
  3. हिटलर ने स्वयं ध्यानचंद को जर्मन सेना में शामिल कर एक बड़ा पद देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने भारत में ही रहना पसंद किया।
  4. वियना के एक स्पोर्ट्स क्लब में उनकी एक मूर्ति लगाई गई है, जिसमें उनको चार हाथों में चार स्टिक पकड़े हुए दिखाया गया है।
  5. 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके जन्मदिन को भारत का राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित किया गया है।
  6. इसी दिन खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
  7. विश्व हॉकी जगत के शिखर पर जादूगर की तरह छाए रहने वाले मेजर ध्यानचंद का 3 दिसम्बर, 1979 को देहांत हो गया।
  8. झांसी में उनका अंतिम संस्कार किसी घाट पर न होकर उस मैदान पर किया गया, जहां वो हॉकी खेला करते थे।
  9. अपनी आत्मकथा ‘गोल’ में उन्होंने लिखा था, आपको मालूम होना चाहिए कि मैं बहुत साधारण आदमी हूं।

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