नवरात्रा पर्व 2018 तिथि, मुहूर्त समय, मन्त्र, नौ देवियों की आराधना का महत्व और उनके लाभ

नवरात्र 2018 आश्विन माह के शुक्ल पक्ष नवरात्री भारत एक हिन्दू प्रधान देश है | और नवरात्र हिन्दुओ द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है | इस त्यौहार पर माता की 9 अलग अलग रूपों में पूजा अर्चना की जाती है | मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि मां ये 9 रूप है | वैसे तो एक साल में नवरात्री 04 बार आते है | जो चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीने में पड़ते है | इन चारो नवरात्री में मुख्य रूप से 2 नवरात्री प्रसिद्ध है | चैत्र नवरात्र को वासंती नवरात्र और आश्विन मास के नवरात्र को शारदीय नवरात्र को महानवरात्र भी कहा जाता है | आश्विन मास के नवरात्र दशहरे के पहले आते है इसलिए इनका उदायपन दशहरे के दिन खोला जाता है |

Navratri 2018

 

नौ देवियाँ और उनके अर्थ Nine Goddesses and Their Meaning

  • शैलपुत्री – इसका अर्थ- पहाड़ों की पुत्री होता है।
  • ब्रह्मचारिणी – इसका अर्थ- ब्रह्मचारीणी।
  • चंद्रघंटा – इसका अर्थ- चाँद की तरह चमकने वाली।
  • कूष्माण्डा – इसका अर्थ- पूरा जगत उनके पैर में है।
  • स्कंदमाता – इसका अर्थ- कार्तिक स्वामी की माता।
  • कात्यायनी – इसका अर्थ- कात्यायन आश्रम में जन्मि।
  • कालरात्रि – इसका अर्थ- काल का नाश करने वली।
  • महागौरी – इसका अर्थ- सफेद रंग वाली मां।
  • सिद्धिदात्री – इसका अर्थ- सर्व सिद्धि देने वाली।

नवरात्र 2018 का स्थापना दिन The Establishment of Navaratri 2018 is the day

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवरात्री की घटस्थापना 10 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2018 तक होगी | इसके बाद 9 दिन तक माता की पूजा व उपवास की जाता है | और 10वे दिन माता का कन्या पूजन के साथ उपवास खोला जाता है | कहा जाता है की आषाढ़ व माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले नवरात्र गुप्त नवरात्र होते है | ये गुप्त नवरात्र तांत्रिक साधना करने वालो को बहुत मायने रखते है |

नवरात्र पर्व तिथि व मुहूर्त 2018 Navaratri festival date and Muhurat 2018

आश्विन (शारदीय) महानवरात्र
10 से 18 अक्टूबर

नवरात्रि का महत्व Importance of Navratri in Hindi

कहा जाता है की नवरात्रि चेतना के अन्दर तीन गुण विद्य मान है जिनमे सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण आते है | इसी उत्सव को नवरात्रि कहते है | कहा जाता है की इन 9 दिनों के पहले तीन दिन तमोगुणी की आरधना वाले होते है | और दुसरे तीन दिन रजोगुणी की आरधना वाले होते है | आखरी के तीन दिन सतोगुणी आराधना का महत्व बताते है |

नवरात्रि में माता की आराधना Mother’s worship in Navaratri

नवरात्रि में दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती ये तीन रूपों में माता की पूजा की जाती है | नवरात्रि में माता के अलग अलग रूप का यह अति सुन्दर त्यौहार माना जाता है। जैसे की कहा जाता है की कोई शिशु अपनी माँ के गर्भ में 9 महीने रहता है | जिस तरह ही हम ये 9 दिन अपने आप में माता के अन्दर ध्यान मग्न होकर उनकी पूजा में रहने का महत्व है उसी प्रकार सृजनात्मकता और प्रक्रति में जीवन का महत्व लगता है।

नवरात्रि में माता की आराधना का मन्त्र Mantra worship in Navaratri

“या देवी सर्वभुतेषु चेतनेत्यभिधीयते” –
“सभी जीव जंतुओं में चेतना के रूप में ही माँ / देवी तुम स्थित हो”

मंत्रो के लाभ Benefits of mantras

‘मननत त्रायते इति मन्त्रः’ – जब आप इस पर मन्त्र का मनन करते हैं | तो आपकी ऊर्जा शक्ति बढ़ती है| ऐसा कहा गया है की मन्त्रों के अर्थ ज़रूर होते हैं | लेकिन इनका अर्थ केवल हिमशिला के कोने जैसा है| अर्थ इतना ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है परन्तु उसकी तरंगें ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं| ब्रह्माण्ड में हर किसी का एक दुसरे पर प्रभाव पड़ता है| जब आप मंत्रोचारण या हवन करते हैं | तों उसका वातावरण पर अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है| इससे आपको बहुत अच्छे कंपन प्राप्त होते हैं और पूरे वातावरण में सकारात्मक आयनों की वृद्धि होती हैं |जब हम गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हैं | तो उसका क्या कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ता है | परन्तु केवल उसका भाव ही महत्वपूर्ण होता है |

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.