New National Education Policy नई शिक्षा निति 2020 PDF New / Nayi Shiksha Niti in Hindi English

नई शिक्षा निति New Shiksha Niti 2020 in Hindi English Download New National Education Policy 2020 PDF Nayi Shiksha Niti 2020 in Hindi PDF Sarkar Ki Nai Shiksha Niti नई शिक्षा निति क्या है कब से लागू होगी निर्देश मुख्य बिंदु हिंदी पीडीऍफ़ : The Union Cabinet has approved the new National Education Policy (NEP) New / Nayi Shiksha Niti 2020. And the Ministry of Human Resource Development has been renamed as Ministry of Education. Many major changes have been made in the New Education Policy 2020, from school education to higher education. You can get information about whether changes in new education policy will be inspiring or not (Nai Shiksha Niti Ke Bare Mein Jankari) And New National Education Policy 2020 PDF Nayi New Shiksha Niti 2020 in Hindi PDF Download.

New National Education Policy 2020 Nayi Shiksha Niti 2020 PDF नई शिक्षा निति क्या निर्देश मुख्य बिंदु हिंदी पीडीऍफ़

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केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 New Education Policy 2020 New / Nayi Shiksha Niti 2020 की घोषणा कर दी है | इससे पहले 1986 में शिक्षा नीति लागू की गई थी और 1992 में इस नीति में कुछ संशोधन किए गए थे | भारत की अपेक्षाओं व आकांक्षाओं के आलोक में 29 जुलाई 2020, बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने ‘नई शिक्षा नीति 2020’ New / Nayi Shiksha Niti 2020 को स्वीकृति प्रदान की है | किसी राष्ट्र को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में शिक्षा की अहम भूमिका है |

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में 34 साल बाद देश में एक नई शिक्षा नीति को मंज़ूरी दी गई | इस New Education Policy 2020 नई शिक्षा नीति से शिक्षा जगत में काफ़ी महत्वपूर्ण सुधार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है | नए भारत के निर्माण व सर्वसमावेशी शिक्षा व्यवस्था हेतु यह नीति अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी | आपको बतादे की तीन दशक बाद नई शिक्षा नीति New Education Policy को कैबिनेट की मंज़ूरी मिली है | देश की श‍िक्षा नीति में 34 साल बाद नये बदलाव किए गए हैं | नई श‍िक्षा नीति में स्कूल के बस्ते, प्री प्राइमरी क्लासेस से लेकर बोर्ड परीक्षाओं, रिपोर्ट कार्ड, यूजी एडमिशन के तरीके, एमफिल तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं | यहां जान सकते है की इतने सालों बाद नई शिक्षा नीति 2020 New Education Policy 2020 में क्या बदला है और इससे बच्चो की पढ़ाई पर कैसा फर्क पड़ेगा |

नई शिक्षा नीति 2020 पढ़ाई, परीक्षा, रिपोर्ट कार्ड सब में किए गए बड़े बदलाव

The Cabinet, under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, has approved the New Education Policy 2020 to take India’s educational landscape to a new height. The new education policy was very important for the country. The NEP that was necessitated to shape the students and prepare them to face the challenges of the new age world, will remain a testimony to the widest ever consultations done in preparing a policy to meet the requirements of New India. If you want to get information about New Education Policy, then you can scroll through this page and get information about Nayi Shiksha Niti 2020 Nai Shiksha Niti Ke Bare Mein Jankari and download New National Education Policy 2020 PDF New / Nayi Shiksha Niti 2020 in Hindi English.

New National Education Policy 2020 Highlights

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तैयार करने के लिए विश्व की सबसे बड़ी परामर्श प्रक्रिया अपनाई गई | नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा प्रणाली में बदलाव का सुझाव इसरो के पूर्व प्रमुख के कस्तूरीरंगन दिया था | मंत्रालय के तहत प्रस्तावित बड़े बदलावों में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) को शिक्षा मंत्रालय का नाम देना, एक केंद्रीय निकाय का होना जो राज्य स्तरीय शिक्षा बोर्डों को विनियमित करेगा, क्षेत्रीय भाषाओं सहित कई भाषाओं में शिक्षण आदि शामिल हैं | नेशनल ट्यूटर्स प्रोग्राम (NTP), रेमेडियल इंस्ट्रक्शनल एड्स प्रोग्राम (RIAP), शिक्षा का अधिकार (RTE) का एक विस्तार NEP के तहत कई सुझावों में से है | भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली है जिसमें 1028 विश्‍वविद्यालय, 45 हजार कॉलेज, 14 लाख स्‍कूल तथा 33 करोड़ स्‍टूडेंट्स शामिल हैं | देश में तीन दशक के इंतजार के बाद नई शिक्षा नीति लागू की गई |

New National Education Policy 2020 Nayi Shiksha Niti 2020 in Hindi
  • नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक देश के 100 प्रतिशत बच्‍चों को स्‍कूली शिक्षा में नामांकन कराने का लक्ष्‍य रखा गया है | अभी भी गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्‍चे बेसिक शिक्षा से वंचित हैं जिन तक शिक्षा का प्रसार बेहद जरूरी है |
  • शिक्षा नीति में सुधार के साथ-साथ एससी, एसटी, ओबीसी, और अन्य एसईडीजी से संबंधित छात्रों की योग्यता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा | राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल का समर्थन करने, बढ़ावा देने और छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्रों की प्रगति को ट्रैक करने के लिए विस्तारित किया जाएगा | निजी HEI को अपने छात्रों को बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा |
  • स्‍कूली शिक्षा की गुणवत्‍ता की अब से हर 5 वर्षों में समीक्षा की जाएगी |
  • नीति के अनुसार छात्र अब उन विषयों का खुद चुनाव कर सकेंगे जिनके लिए वे बोर्ड परीक्षा देना चाह रहे हैं |
  • बोर्ड परीक्षा के नंबरों का महत्‍व अब कम होगा जबकि कॉन्‍सेप्‍ट और प्रैक्टिकल नॉलेज का महत्‍व ज्‍यादा होगा | सभी छात्रों को किसी भी स्कूल वर्ष के दौरान दो बार एक मुख्य परीक्षा और एक सुधार के लिए बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी |
  • राजनीतिक दलों द्वारा विरोध के बाद, थ्री-लैंग्‍वेज फार्मूले के बारे में NEP के मसौदे में हिंदी और अंग्रेजी के संदर्भ को अंतिम नीति दस्तावेज से हटा दिया गया है |
  • शिक्षक शिक्षा के लिए एक नया और व्यापक नेशनल करिकुलम तैयार किया जाएगा, जिसे NCFTE 2021, NCERT द्वारा NCERT के परामर्श से बनाया जाएगा | 2030 तक, शिक्षण के लिए न्यूनतम डिग्री योग्यता 4-वर्षीय एकीकृत बी.एड. डिग्री |
  • घटिया स्टैंड-अलोन शिक्षक शिक्षा संस्थानों (TEIs) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी |
  • नई शिक्षा नीति के अनुसार जहां भी संभव हो, निर्देश का माध्यम कम से कम ग्रेड 5 तक, मातृभाषा / स्थानीय भाषा / क्षेत्रीय भाषा होगी। इसके बाद, स्थानीय भाषा को जहाँ भी संभव हो भाषा के रूप में पढ़ाया जावेगा | यह नियम सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के स्कूल में लागू होंगे |
  • एक अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) की स्थापना की जाएगी जो विभिन्न मान्यता प्राप्त HEI से अर्जित शैक्षणिक क्रेडिट को डिजिटल रूप से सेव करेगा | क्रेडिट बैंक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में छात्रों की गतिशीलता को सुगम बनाना होगा, इस बैंक में छात्रों के क्रेडिट सेव किए जाएंगे ताकि अपनी डिग्री पूरी करने के लिए छात्र किसी भी समय इनका उपयोग कर सकें |
  • सार्वजनिक और निजी एचईआई के लिए सामान्य मानदंड दिए गए है अर्थात शुल्क नियामक ढांचे के भीतर तय किया जाएगा और कैप से ज्यादा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा |
  • बोर्ड परीक्षा को सरल बनाने और छात्रों पर से पाठ्यक्रम का बोझ कर करने पर जोर दिया जाएगा | स्‍कूली पाठ्यक्रम को अब 10+2 की जगह 5+3+3+4 की नई पाठ्यक्रम संरचना लागू की जाएगी |
  • सभी कॉलेजों में एडमिशन के लिए NTA द्वारा केवल एक ही ऑप्शनल एग्जाम आयोजित कराया जाएगा |
  • सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय में विशेष रूप से नि: शुल्क बोर्डिंग सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा |
  • अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन के लिए कैरिकुलम एनसीईआरटी द्वारा तैयार होगा | इसमें 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित किया जाएगा। बुनियाद शिक्षा (6 से 9 वर्ष के लिए) के लिए फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु किया जाएगा | पढ़ाई की रुपरेखा 5+3+3+4 के आधार पर तैयारी की जाएगी | इसमें अंतिम 4 वर्ष 9वीं से 12वीं शामिल हैं |
    हर एक विषय में पाठ्यचर्या की सामग्री को मूल अनिवार्यता को कम किया जाएगा और सीखने के लिए महत्वपूर्ण सोच और अधिक समग्र, इंक्वायरी-आधारित, डिस्कवरी-आधारित, चर्चा-आधारित और एनालिसिस यानी विश्लेषण-आधारित तरीकों पर जोर किया जाएगा |
  • नई शिक्षा नीति 2020 शिक्षण, मूल्यांकन, शिक्षक, स्कूल और छात्र प्रशिक्षण का हिस्सा है | ई-सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध करवाई जावेगी | हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध ई-पाठ्यक्रमों में शामिल होने के लिए 8 प्रमुख भाषाओं – कन्नड़, ओडिया, बंगाली के साथ शुरू किया जावेगा |
  • भाषा, साहित्य, संगीत, फिलॉसफी, कला, नृत्य, रंगमंच, शिक्षा, गणित, स्टैटिक्स, प्योर एंड अप्लाईड साइंस, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, खेल, अनुवाद और व्याख्या, आदि विभागों को सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में स्थापित और जोर दिया जाएगा |
    मल्टिपल एंट्री, एग्जिट पॉइंट्स, एमफिल को बंद किया जाए | इसके अलावा यूजी, पीजी, पीएचडी लेव के कोर्सेज चलते रहेंगे |
  • मैथमेटिकल थिंकिंग, साइंटिफिक टेंपर कोर्स का हिस्सा होंगे | खेल, व्यावसायिक, कला, वाणिज्य, विज्ञान जैसे सह-पाठ्यक्रम विषय समान स्तर पर होंगे | छात्र अपनी पसंद के अनुसार पाठ्यक्रम चुन सकते हैं | कक्षा 6 से छात्रों को कोडिंग की अनुमति दी गई |
  • जो रिसर्च में जाना चाहते हैं उनके लिए 4 साल का डिग्री प्रोग्राम होगा | जबकि जो लोग नौकरी में जाना चाहते हैं वो तीन साल का ही डिग्री प्रोग्राम करेंगे | लेकिन जो रिसर्च में जाना चाहते हैं वो एक साल के MA के साथ चार साल के डिग्री प्रोग्राम के बाद PhD कर सकते हैं | इसके लिए M.Phil की जरूरत नहीं होगी |
  • मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है | आज की व्यवस्था में अगर चार साल इंजीनियरंग पढ़ने या 6 सेमेस्टर पढ़ने के बाद किसी कारणवश आगे नहीं पढ़ पाते हैं तो कोई उपाय नहीं होता, लेकिन मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम में 1 साल के बाद सर्टिफिकेट, 2 साल के बाद डिप्लोमा और 3-4 साल के बाद डिग्री मिल जाएगी | स्टूडेंट्स के हित में यह एक बड़ा फैसला है |
  • नई शिक्षा नीति में बदलाव करते हुए हाईयर एजुकेशन और व्यापक शिक्षा तक सबकी पहुंच सुनिश्चित की गई है | इसके जरिए भारत का लगातार विकास सुनिश्चित होगा साथ ही वैश्विक मंचों पर आर्थिक विकास, सामाजिक विकास, समानता और पर्यावरण की देख-रेख, वैज्ञानिक उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के नेतृत्व का समर्थन करेगा |
  • 2013 में शुरू की गई BVoc डिग्री अब भी जारी रहेगी, लेकिन चार वर्षीय बहु-विषयक (multidisciplinary) बैचलर प्रोग्राम सहित अन्य सभी बैचलर डिग्री कार्यक्रमों में नामांकित छात्रों के लिए वोकेशनल पाठ्यक्रम भी उपलब्ध होंगे | ‘लोक विद्या’, अर्थात, भारत में विकसित महत्वपूर्ण व्यावसायिक ज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में एकीकरण के माध्यम से छात्रों के लिए सुलभ बनाया जाएगा |
New Shiksha Niti in Hindi नई शिक्षा नीति 2020 की मुख्य बातें
  • नई शिक्षा नीति में पाँचवी क्लास तक मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई का माध्यम रखा जावेगा | इसे क्लास आठ या उससे आगे भी बढ़ाया जा सकता है | विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सेकेंडरी लेवल से होगी | हालांकि नई शिक्षा नीति में यह भी कहा गया है कि किसी भी भाषा को थोपा नहीं जाएगा |
  • स्कूल पाठ्यक्रम के 10 + 2 ढांचे की जगह 5 + 3 + 3 + 4 का नया पाठयक्रम संरचना लागू किया जाएगा जो क्रमशः 3-8, 8-11, 11-14, और 14-18 उम्र के बच्चों के लिए है | इसमें अब तक दूर रखे गए 3-6 साल के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाने का प्रावधान है, जिसे विश्व स्तर पर बच्चे के मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण चरण के रूप में मान्यता दी गई है |
  • एनसीईआरटी 8 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा (एनसीपीएफ़ईसीसीई) के लिए एक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचा विकसित करेगा |
  • स्कूलों में शैक्षणिक धाराओं, पाठ्येतर गतिविधियों और व्यावसायिक शिक्षा के बीच ख़ास अंतर नहीं किया जाएगा |
  • सामाजिक और आर्थिक नज़रिए से वंचित समूहों (SEDG) की शिक्षा पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा |
  • नई शिक्षा नीति का लक्ष्य 2030 तक 3-18 आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है |
  • नई शिक्षा नीति में छात्रों को ये आज़ादी भी होगी कि अगर वो कोई कोर्स बीच में छोड़कर दूसरे कोर्स में दाख़िला लेना चाहें तो वो पहले कोर्स से एक ख़ास निश्चित समय तक ब्रेक ले सकते हैं और दूसरा कोर्स ज्वाइन कर सकते हैं |
  • उच्च शिक्षा संस्थानों को फ़ीस चार्ज करने के मामले में और पारदर्शिता लानी होगी |
  • ई-पाठ्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में विकसित किए जाएंगे | वर्चुअल लैब विकसित की जा रही है और एक राष्ट्रीय शैक्षिक टेक्नोलॉजी फ़ोरम (NETF) बनाया जा रहा है |
  • इस नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा के साथ कृषि शिक्षा, कानूनी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसी व्यावसायिक शिक्षाओं को इसके दायरे में लाया गया है | इसका मुख्य उद्देश्य है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ साथ किसी लाइफ स्‍क‍िल से सीधा जोड़ना |
  • आयोग ने शिक्षकों के प्रशिक्षण पर खास जोर दिया है | जाहिर है कि एक अच्छा टीचर ही एक बेहतर स्टूडेंट तैयार करता है | इसलिए व्यापक सुधार के लिए शिक्षक प्रशिक्षण और सभी शिक्षा कार्यक्रमों को विश्वविद्यालयों या कॉलेजों के स्तर पर शामिल करने की सिफारिश की गई है |
  • बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में लाइफ स्किल्स को जोड़ा जाएगा जैसे कि आपने अगर स्कूल में कुछ रोजगारपरक सीखा है तो इसे आपके रिपोर्ट कार्ड में जगह मिलेगी | जिससे बच्चों में लाइफ स्किल्स का भी विकास हो सकेगा |
  • नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जाम का ऑफर दिया जाएगा | नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Education Policy, NEP) को अब देश भर के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए एडिशनल चार्ज दिया जाएगा | जिसमें वह हायर एजुकेशन के लिए आम यानी कॉमन एंट्रेंस परीक्षा का आयोजन कर सकता है |
  • पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान पद्धतियों को शामिल करने, ‘राष्ट्रीय शिक्षा आयोग’ का गठन करने और प्राइवेट स्कूलों को मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने से रोकने की सिफारिश की गई है | ये राष्ट्रीय श‍िक्षा आयोग भारत की प्राचीन ज्ञान पद्धतियों को समग्रता के साथ श‍िक्षा से जोड़ने का काम करेगा |
  • लड़कियों की शिक्षा जारी रहे इसके लिए उनको भावनात्मक रूप से सुरक्षित वातावरण देने का सुझाव दिया गया है | इसके लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का विस्तार 12वीं तक करने का सुझाव नई शिक्षा नीति-2019 में है |
  • पहली व दूसरी कक्षा में भाषा व गणित पर काम करने पर जोर देने की बात नई शिक्षा नीति में शामिल है | इसके साथ ही चौथी व पांचवीं के बच्चों के साथ लेखन कौशल पर काम करने पर भी ध्यान देने की बात कही गई है | इसके लिए भाषा सप्ताह, गणित सप्ताह व भाषा मेला या गणित मेला जैसे आयोजन होंगे |
  • पुस्तकालयों को जीवंत बनाने और अन्य एक्ट‍िविटी को कराना नई शिक्षा नीति में शामिल है जैसे बच्चे स्टोरी टेलिंग, रंगमंच, ग्रुप स्टडी, पोस्टर और डिस्प्ले से भी सीखें. बच्चों को किताबों के अलावा दूसरे माध्यमों से सिखाने पर जोर है, ये बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के उद्देश्य से भी जरूरी माना गया है |
  • शिक्षकों के सपोर्ट के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की बात भी नई शिक्षा नीति में शामिल है | इसके लिए कंप्यूटर, लैपटॉप व फोन इत्यादि के जरिए विभिन्न ऐप का इस्तेमाल करके शिक्षण को रोचक बनाने की बात कही गई है |
नई शिक्षा नीति 2020 – स्कूल शिक्षा का नया ढांचा, 5+3+3+4 फार्मूला

फाउंडेशन स्टेज : पहले तीन साल बच्चे आंगनबाड़ी में प्री-स्कूलिंग शिक्षा लेंगे | फिर अगले दो साल कक्षा एक एवं दो में बच्चे स्कूल में पढ़ेंगे | इन पांच सालों की पढ़ाई के लिए एक नया पाठ्यक्रम तैयार होगा | इसमें तीन से आठ साल तक की आयु के बच्चे कवर होंगे |

प्रीप्रेटरी स्टेज : इस चरण में कक्षा तीन से पांच तक की पढ़ाई होगी | इस दौरान प्रयोगों के जरिए बच्चों को विज्ञान, गणित, कला आदि की पढ़ाई कराई जाएगी | आठ से 11 साल तक की उम्र के बच्चों को इसमें कवर किया जाएगा।

मिडिल स्टेज : इसमें कक्षा 6-8 की कक्षाओं की पढ़ाई होगी तथा 11-14 साल की उम्र के बच्चों को कवर किया जाएगा | इन कक्षाओं में विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा और साथ ही कौशल विकास कोर्स भी शुरू किये जावेंगे |

सेकेंडरी स्टेज : कक्षा 9 से 12 की पढ़ाई दो चरणों में होगी जिसमें विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा व विषयों को चुनने की आजादी भी होगी |

नई शिक्षा नीति 2020 में स्कूली शिक्षा में अहम बदलाव
  • कक्षा 6 से ही बच्चे को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा दी जाएगी और साथ ही स्थानीय स्तर पर इंटर्नशिप भी कराई जाएगी | इसके अलावा संगीत और कला को पाठयक्रम में लागू कर बढ़ावा दिया जाएगा |
  • नई शिक्षा नीति में हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं के अलावा आठ क्षेत्रीय भाषाओं में भी ई-कोर्स होगा | कक्षा पांचवीं तक और जहां तक संभव हो सके आठवीं तक मातृभाषा में ही शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी |
  • नई शिक्षा नीति 2020 के तहत व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा |
  • नई शिक्षा नीति में शिक्षा प्रणाली से दूर रखे गए 3-6 साल के बच्चों को भी स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाया जाएगा |
  • 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को कम किया जाएगा | आने वाले समय में बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल मॉडल (वार्षिक, सेमिस्टर और मोड्यूलर बोर्ड परीक्षाएं) तैयार किया जावेगा |
  • कक्षा तीन, पांच एवं आठवीं में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करवाई जावेगी |
  • नेशनल एसेसमेंट सेंटर-परख बनाया जाएगा, जो बच्चों के सीखने की क्षमता का समय-समय पर परीक्षण करेगा |
  • बच्चों की रिपोर्ट कार्ड का आकलन तीन स्तर पर किया जाएग पहला स्वयं छात्र करेगा, दूसरा सहपाठी और तीसरा उसका शिक्षक |
  • पारदर्शी एवं आनलाइन शिक्षा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है |
  • 3 से 6 साल के बच्चों के लिए अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन |
  • एनसीईआरटी द्वारा फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु |
  • 9वीं से 12वीं की पढ़ाई की रुपरेखा 5+3+3+4 के आधार पर |
  • बच्चों के लिए नए कौशल: कोडिंग कोर्स शुरू |
  • एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज-मेन कैरिकुलम में शामिल |
  • वोकेशनल पर जोर: कक्षा 6 से शुरू होगी पढ़ाई |
  • नई नेशनल क्यूरिकुलम फ्रेमवर्क तैयार: बोर्ड एग्जाम दो भाग में |
  • रिपोर्ट कार्ड में लाइफ स्किल्स शामिल |
  • साल 2030 तक हर बच्चे के लिए शिक्षा सुनिश्चित |
नई शिक्षा नीति 2020 में उच्च शिक्षा में ये बदलाव
  • उच्च शिक्षा में मल्टीपल इंट्री और एग्जिट का विकल्प
  • पांच साल का कोर्स वालों एमफिल में छूट
  • कॉलेजों के एक्रेडिटेशन के आधार पर ऑटोनॉमी
  • मेंटरिंग के लिए राष्ट्रीय मिशन
  • हायर एजुकेशन के लिए एक ही रेग्यूलेटर
  • लीगल एवं मेडिकल एजुकेशन शामिल नहीं
  • सरकारी और प्राइवेट शिक्षा मानक समान
  • नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की होगी स्थापना
  • शिक्षा में तकनीकी को बढ़वा
  • दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा में बदलाव
  • 8 क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्सेस शुरू
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत ऐप, टीवी चैनल आदि के माध्यम से पढ़ाई

प्रौढ़ शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रौद्योगिकी-आधारित विकल्प जैसे ऐप, ऑनलाइन पाठ्यक्रम / मॉड्यूल, उपग्रह-आधारित टीवी चैनल, ऑनलाइन किताबें, और आईसीटी से सुसज्जित पुस्तकालय और वयस्क शिक्षा केंद्र आदि विकसित किए जाएंगे |

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DNA: नई शिक्षा नीति का संपूर्ण विश्लेषण | Sudhir Chaudhary | Education Policy | Analysis | Explained
National Education Policy 2020 Explained in Hindi | My Opinion | Vedant Maheshwari | NEP 2020
Modi cabinet ने New Education Policy को मंजूरी दी. शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव.Ministry of Education

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