पद्मावत फिल्म 25 जनवरी को ही होगी रिलीज Padmaavat के ये चार डायलॉग Story Trailer और Video देखे

संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म पद्मावती 1 दिसम्बर 2017 को ही रिलीज होने वाली थी लेकिन भारी मुसीबतों का सामना करते हुए आखिर सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म सेंसर बोर्ड के पक्ष में अपना फैसला सुना दिया हैं और पद्मावती फिल्म को रिलीज होने की हरी झंडी दे दी हैं | पद्मावत फिल्म 25 जनवरी को पुरे देश भर में सिनेमा हॉल और टीवी पर दिखायी जायेगी | पद्मावती फिल्म के बैन के बाद फिल्म में काफी बदलाव किया गया हैं | मुख्यतया: फिल्म का नाम पद्मावती से पद्मावत कर दिया गया हैं | फिल्म में रणवीर कपूर,दीपिका पादुकोण और शाहिद कपूर लीड रोल मैं दिखाए गये हैं | रणवीर कपूर अल्लाउदीन खिलजी ,दीपिका पादुकोण पद्मावती और शाहिद कपूर रावल रतन सिंह का किरदार निभा रहे हैं | फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं हैं जो की राजपूत समाज की महिलाओं की इज्जत को ठेश पहुंचाए | हमारे देश पर जब विदेशी आक्रांताओ का शासन था , उन विदेशी शाशको से हमारे देश के बाहदुर राजपूतों ने ही लोहा लिया था | राजपूत राजाओ ने मिलकर बाबर,अकबर,खिलजी जैसे महान सम्राटों का अंत किया और अपने देश की सत्ता को विदेसियो के हाथों से छुड़ाया | उन राजपूती वीरो की शोर्य गाथाएं इतिहास के पन्नो में लिखी गई हैं | पद्मावती भी राजस्थान की मेवाड़ रियाशत की एक शोर्य शाली राजपूत नारी थी | जिसकी सुन्दरता और शोर्य की मिसाल इतिहास में देखने को मिलती हैं | इसी राजपूत नारी के त्याग और शोर्ये पर संजय लीला भंसाली ने पद्मावती फिल्म बनाई जिसका गुजरात,उतर प्रदेश और राजस्थान में लोकेन्द्र कालवी की करनी सेना के द्वारा घोर विरोध किया गया | लेकिन असल में देखा जाये तो इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं हैं जिसको देखने पर राजपूती समाज व् राजपूत समाज की महिलाओं की इज्जत की खिलवाड़ हो बल्कि इस फिल्म में पद्मावती एक महिला शक्ति के रूप में सामने आईं हैं जो दया भी रखतीं हैं और जरूरत पड़ने पर दमन भी कर सकती हैं। जो पतिव्रता की प्रतिबिंब भी हैं और एक रानी के अधिकार को भी जानती हैं। जो राजनीति की बारीकियों को समझती हैं और छली को छल और बल दोनों से घुटने पर लाने की शक्ति रखती हैं। जो एक राजपूती समाज के लिए गर्व की बात हैं | लेकिन कुछ राजनितिक असमाजिक तत्वों ने मिलकर पुरे देश में विद्रोह की स्थति पैदा कर दी | लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावती फिल्म का बारीकी से अधयन्न करके फिल्म सेंसर बोर्ड को फिल्म रिलीज के आदेश दे दिए हैं | 25 जनवरी को पद्मावत फिल्म रिलीज होगी |

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25 जनवरी को होगी पद्मावती रिलीज : फिल्म का नाम पद्मावती से बदल कर किया पद्मावत

फिल्म पद्मावती को लेकर करणी सेना और प्रदर्शनकारियों का विरोध रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं | लेकिन इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावती फिल्म रिलीज को हरी झंडी दे दी हैं सेंसर बोर्ड ने भी अब इसे रिलीज की अनुमति दे दी है. ये फिल्म 25 जनवरी को ही रिलीज होगी | फिल्म रिलीज होने से पूर्व फिल्म की स्क्रिप्ट में काफी बदलाव किया गया हैं | फिल्म का नाम पद्मावती से पद्मावत कर दिया गया हैं और अब फिल्म में केवल 5 कट लगाकर ही इस फिल्म को रिलीज किया जाएगा |

पद्मावती फिल्म के रिलीज में आई मुसीबत

असली मुसीबत तो फिल्म है, जिसे बिना देखे प्रदर्शनकारियों को उसमें रानी पद्मावती की बेइज्जती दिखाई दे गई | खैर ऐसी ही बेइज्जती शायद सेंसर बोर्ड को भी दिखाई दी इस फिल्म के गाने घूमर में. इस गाने में रानी पद्मावती का किरदार निभा रही दीपिका पादुकोण घाघरा पहनकर नाचते हुए नजर आ रही हैं | कई लोगों के मन में ये सवाल उठा कि इस गाने में ऐसा क्या था कि इसको भी एडिट करने की जरूरत पड़ी | लेकिन आपने शायद दीपिका के घाघरे से झांकती कमर नहीं देखी जो रानी पद्मावती के चरित्र पर दाग लगा रही थी | इतनी महान राजपूत महिला की कमर भला कैसी दिखाई जा सकती है| हालांकि कमर साड़ी या घाघरा पहनने वाली एक आम महिला की भी दिखती है पर यहां बात राजपूत रानी पद्मावती की हो रही है और उनकी तुलना किसी अन्य महिला से करना नासमझी है. खैर अब सेंसर बोर्ड ने जब संजय लीला भंसाली की इस गलती को पकड़ ही लिया तो अब इसे ठीक भी करवाया गया |

Padmavati Movies Trailer Video

Padmaavat के ये चार डायलॉग Video देखे

  1. ‘चिंता को तलवार की नोक पे रखे, वो राजपूत…रेत की नाव लेकर समुंदर से शर्त लगाए, वो राजपूत…और जिसका सर कटे फिर भी धड़ दुश्मन से लड़ता रहे, वो राजपूत : शाहिद कपूर, राजा रतनसेन

2. ‘राजपूती कंगन में उतनी ही ताकत है जितनी राजपूती तलवार में…’दीपिका पादुकोण, पद्मावती

3. ‘कह दीजिए अपने सुल्तान से कि उनकी तलवार से ज्यादा लोहा हम सूर्यवंशी मेवाड़ियों के सीने में है…’शाहिद कपूर, राजा रतनसेन

4. ‘असुरों का विनाश करने के लिए देवी को भी गढ़ से उतरना पड़ा था. चित्तौड़ के आंगन में एक और लड़ाई होगी जो न किसी ने देखी होगी न सुनी होगी. और वो लड़ाई हम क्षत्राणियां लड़ेंगी. और यही अलाउद्दीन के जीवन की सबसे बड़ी हार होगी.’ दीपिका पादुकोण, पद्मावती

रानी पद्मावती, रावल रतन सिंह की वीरता का बखान

फिल्म को लेकर पिछले ढ़ाई तीन महीनों में विवादों का इतना गुबार उड़ा है कि आप फिल्म देखने जाएंगे तो पर्दे पर आने वाले हर सीन में कमी ढूंढने की कोशिश करेंगे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। तीन घंटे की फिल्म निकल गई तो उलझन बढ़ गई कि आखिर विरोध किस बात का.? अलाउद्दीन खिलजी को एक विकृत मानसिकता वाले विलासी और व्यभिचारी के रूप में दिखाया गया है इसका या रानी पद्मावती, रावल रतन सिंह और पूरे चित्तौड़ की रगों में वीरता और स्वाभिमान का खून दौड़ते दिखाया गया है इसका? घूमर के दृश्य में रावल रतन सिंह के अलावा चित्तौड़ का भी कोई मर्द मौजूद नहीं है।

एक वीरांगना के रूप में सामने आई हैं रानी पद्मावती

पद्मावती के रूप की चर्चा सुनकर पागल हुआ खिलजी केवल उनका प्रतिबिंब देखता है। दरअसल एक जिम्मेदार रानी के रूप में खुद रानी ने निर्णय लिया कि प्रजा की बड़ी भलाई को देखते हुए विलासी खिलजी की एक ओछी इच्छा पूरी कर युद्ध टालने की कोशिश की जाए। ऐसा न हो पाया। बाद में खिलजी के भवन में आकर रतन सिंह को छुड़ाना और जौहर जैसी घटनाओं तक हर दृश्य में रानी पद्मावती एक ऐसी वीरांगना के रूप में सामने आई हैं जो राजपूत आन बान शान और जिम्मेदार राजघराने की परंपरा को आगे बढ़ाती दिखीं हैं। वह एक ऐसी महिला शक्ति के रूप में सामने आईं हैं जो दया भी रखतीं हैं और जरूरत पड़ने पर दमन भी कर सकती हैं। जो पतिव्रता की प्रतिबिंब भी हैं और एक रानी के अधिकार को भी जानती हैं। जो राजनीति की बारीकियों को समझती हैं और छली को छल और बल दोनों से घुटने पर लाने की शक्ति रखती हैं।

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