Raksha Bandhan Kavita Poem 2022 in Hindi English भाई बहन के लिए रक्षाबंधन पर कविता Rakhi Poem For Brother and Sister

Raksha Bandhan Kavita Poem 2022 राखी पर कविता Rakhi Poem Hindi Raksha Bandhan Hindi Kavita Poem रक्षाबंधन पर भाई बहन के लिए कवितायेँ और दोहे Rakhi Poem For Brother and Sister 2022 : दोस्तों रक्षाबंधन का त्यौहार प्रतेक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को सम्पूर्ण भारत में मनाया जाता है | यह दिन इसलिए खास होता है क्योकि बहिन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिये उस दिन का बेसब्री से इंतज़ार करती है | जैसे रक्षाबंधन का त्यौहार आता बहिन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बाधते समय कुछ Raksha Bandhan Kavita (Poems) Rakhi Poem Kavita जो उन्हें सुनती है |

आप ये Raksha Bandhan Bhai Behan Kavita / Raksha Bandhan Kavita (Poem) Hindi Rakhi Poem for Brother and Sister डाउनलोड कर आप अपने whatsapp, Facebook पर भेज कर अपने भाई/बहिन को बधाई दे सकते है | हम यहाँ Raksha Bandhan Poems कविताओ का संग्रह लेकर आये है जो निचे दी जा रही है |

Raksha Bandhan Poem Kavita

Raksha Bandhan Par Kavita राखी पर कविता Raksha Bandhan Poem Dohe Brother Sister in Hindi

Contents

Raksha Bandhan Poem Kavita For Brother Sister in Hindi 2022 : रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहिन के प्यार का दिन होता है | दोस्तों Raksha Bandhan का त्यौहार पर हम आपके लिए लेकर आये है | प्रसिद्ध कविता Rakhi Poem Rakhi Par Kavita Raksha Bandhan Par Kavita Poem जो एक बहिन अपने भाई के लिए कहती है रक्षा बंधन की ये है डोर पवित्र पावन और है बेजोड़ है जो आपको शायद पसंद आएगी |

रक्षाबंधन की कविता – भाई बहिन का प्यार रक्षाबंधन का त्यौंहार

रहे मेरा भाई कुशल, बहन चाहती है
आया राखी त्यौंहार, बहन फुले नहीं समाती है
राखी रोली मिठाई से, थाली सजाती है
लगाकर तिलक कलाई पे राखी बांधती है
भाई की कलाई, पे रक्षासूत्र का बांधती है धागा
करवाती है भाई से, रक्षा करने का वादा
भैया रखनी है लाज राखी की, इसको निभाना
संकट आये बहन पे तो, रक्षक बनकर तुम रहना
भाई अपनी बहन को देते है वचन
संकट आने पर, संकट का करुगा में हरण
भाई बहन का पवित्र रिश्ता, होता है बड़ा प्यारा
प्यार पवित्र रिश्ते से, फैले घर घर उजियारा
जगत में भाई बहन का रिश्ता है बड़ा ही प्यारा
रक्षाबंधन का त्यौहार है, सबसे ही न्यारा
हर भाई को बहिन का रिश्ता सदा निभाना है
बना रहे प्यार भाई बहिन में, सुरेश का यही कहना है।

सुरेश कुमार भार्गव सेवानिवृत व्याख्याता
मु. पो. बबाई जिला झुन्झुनू [राजस्थान]
333501

Raksha Bandhan Kavita For Suresh Bhargav

Raksha Bandhan Poem – रहे भाई बहन का प्यार सदा

बेटा – बेटी की चुहलबाजी, सबको आनंदीत करती है
छोटी है बहन का रखना ध्यान, सीख की बात बताई जाती है
होती है बचपन में, भाई – बहन में नोक-झोक
सीख की बताकर, करते है, माता पिता रोक-टोक
रूठने – मनाने के, चलते रहते हैं दौर
भाई-बहन आपस में खेले, मचाये रखते है शौर
देते नसीहत माता-पिता, बहन का ध्यान रखना
हैं भाई-बहन का पवित्र रिश्ता, होते जग में गुणगान
लगता है अच्छा बहन का भाई के घर में आना-जाना
भाई कहे बहन से, रक्षाबंधन पे जरुर तुम आना
खत्म हुआ इंतजार, आ गया राखी का त्यौहार
बहन आई भाई के घर, भाई करे बहन की मनुहार
भाई की कलाई पर, बहन बांधती है रक्षा सूत्र का धागा
बहन की करे सुरक्षा, करे बहन से रक्षा का वादा
बना रहे भाई बहन का प्यार, सदा निभाओ अपना फर्ज
रहे भाई बहन में प्यार सदा, सुरेश करे आपसे अर्ज

सुरेश कुमार भार्गव सेवानिवृत व्याख्याता
मु. पो. बबाई जिला झुन्झुनू [राजस्थान]
333501

Raksha Bandhan Poem Kavita For Suresh Bhargav

रक्षाबंधन का त्यौहार भाई आया बहन के द्वार (रक्षाबंधन पर कविता)

ना आ पाऊँगी भैया मैं, रक्षाबंधन के त्यौहार
भेजी है मैंने राखी, है जो भाई – बहन के प्यार का आधार
हुआ चिंतित भाई, पूछा मोबाइल पर हाल चाल
तुम हो मेरा प्यारा भाई, तुम जीवो हजारो साल
आ गया, आ गया राखी बंधन का त्यौहार
भाई मिलने पहुँच गया, अपनी बहन के द्वार
देख अपने भैया को, अब फुले न समाये
बहन हो गई गदगद, जब भैया ने रक्षासूत्र बंधवाया
दिया समाचार आस-पड़ोस में, मेरा भाई आया
देखा नाता भाई बहन का, सबका मन हर्षाया
भाई-बहन के प्यार का, दुनिया में कोई तोल नहीं
कहे सुरेश आपसे, भाई बहन के प्यार का कोई मोल नहीं

सुरेश कुमार भार्गव सेवानिवृत व्याख्याता
मु. पो. बबाई जिला झुन्झुनू [राजस्थान]
333501

Raksha Bandhan Poem For Suresh Bhargav

Raksha Bandhan Par Best Poem Kavita

रक्षा बंधन की ये है डोर
पवित्र पावन और है बेजोड़
ये ऐसा त्यौहार अनोखा
जैसे हो सावन का पहला झोंका
दुआ से बहन की और मिठाई
सजती है भाई की कलाई
लम्बी दूरी करती सहन
निकले राखी लेकर के बहन
इस दिन बहना बांधे राखी
भाई की उम्र हो लम्बी ताकी
इस दिन लेते है भाई शपथ
हो बहन की रक्षा शत प्रतिशत
आओ जाने इसकी कहानी
जो बहुत निराली बहुत पुरानी
द्रोपती पर जब विपदा आई
सामने उसके खड़ा कसाई
एक ही बस आवाज लगाई,
आ पहुचे श्री कृष्णा भाई
यूँ त्योहारो से साल सजा है
रक्षाबंधन का अपना मजा है
रक्षा बंधन का ये है डोर
पवित्र, पावन और बेजोड़!

Rakshabandhan Kavita Hindi 2022 Rakhi Par Kavita

कैसी भी हो एक बहन होनी चाहिये
बड़ी हो तो माँ-बाप से बचाने वाली
छोटी हो तो हमारे पीठ पीछे छुपने वाली
बड़ी हो तो चुपचाप हमारे पॉकेट में पैसे रखने वाली
छोटी हो तो चुपचाप पैसे निकाल लेने वाली
छोटी हो या बड़ी छोटी-छोटी बातों पे
लड़ने वाली एक बहन होनी चाहिये
खुद से ज्यादा हमे प्यार करने वाली
एक बहन होनी चाहिये
Happy Rakshabandhan 2022

Raksha Bandhan Mehndi Design 2022 New Style Special रक्षाबंधन पर मेहंदी की नई-नई डिजाईन

रक्षाबंधन की राखी बनाने की विधि तरीका और सामग्री

Rakhi Par Bhai Behan Ke Liye Upahar राखी पर भाई-बहन एक- दूसरे को दे ये खास उपहार

Rakhi Gift Ideas For Married / Unmarried Sister & Brother

राखी पर भाई बहन के लिए कविता

प्रीत के धागो के बंधन में,
स्नेह का उमड़ रहा संसार,
सारे जग में सबसे सच्चा,
होता भाई बहन का प्यार,
नन्हे भैया का है कहना,
राखी बांधो प्यारी बहना
सावन की मस्तीली फुहार,
मधुरिम संगीत सुनती है,
मेघों की ढोल ताप पर,
वसुंधरा मुस्काती है
आया सावन का महीना,
राखी बांधो प्यारी बहना.
धरती ने चाँद मामा को.
इंद्रधनुषी राखी पहनाई,
बिजली चमकी खुशियों से,
रिमझिम जी ने झड़ी लगाई..
राजी ख़ुशी सदा तुम रहना,
राखी बाँधों प्यारी बहना.

Rakshabandhan Bhai Behan Poem in Hindi

Hello Friends we are providing here Raksha Bandhan Bhai Behan Poem in Hindi. You can listen to these poems and read and send your sister and Brother through social media. Here we are presenting Best Raksha Bandhan Bhai Behan Poem in Hindi which you will like .

राखी आई खुशियाँ लाई
बहन आज फूली ना समाई
राखी, रोली और मिठाई
इन सब से थाली खूब सजाई
बाँधे भाई की कलाई पे धागा
भाई से लेती है यह वादा
राखी की लाज भैया निभाना
बहना को कभी भूल ना जाना
भाई देता बहन को वचन
दुःख उसके सब कर लोग हरण
भाई बहन को प्यारा है
राखी का त्यौहार सबसे न्यारा है!

रक्षाबंधन पर कविता हिन्दी  राखी पर कविता हिन्दी में

धागा नहीं यह तो प्यारा का नाता है
तोहफे के लिए भी तो हम रोते हैं
फिर जाके मिठाई भी खिलाते हैं
नजर उतारते हैं हम यूं हीं
आरती की ताली से देख
प्यार के धागे होते हैं कोमल
हैं ये रिश्ते बचपन से
भैया मानो तो मेरी बात
मां -पापा का न छोडो साथ।

New Beautiful Fancy Rakhi Design 2022 अपने भाई के लिए नई डिजाईन की राखी यहाँ देखे

रक्षाबंधन 2022 वॉलपेपर इमेजेज फोटो

रक्षाबंधन शायरी भाई बहन के लिए राखी पर हार्दिक शुभकामनाएं मेसेज बधाई सन्देश

रक्षाबंधन पर बहन के लिए कविता

जाति-धर्म के तोड़ता बंधन, फिर भी सबको है भाता।
कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है आता।।
प्राणवायु नहीं दिखती फिर भी, जीवन उसी से है चलता।
बहन हो कितने दूर भी, फिर भी राज उसी का है चलता।।
जंजीरें भी जकड़ न पाएं, मन इतना चंचल होता।
पल में अवनि, पल में अंबर, पल में सागर में खोता।।
इतने चंचल मन को बांधा, इक रेशम के धागे ने,
हंसते-हंसते खुद बंध जाना, सबके मन को है भाता।
कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है आता।

रक्षाबंधन भाई पर कविता

भारत का प्रमुख त्यौहार रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है | इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँध कर उसकी लम्बी उम्र की कामना करती है | और इस दिन भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है | इसी लिए हम लेकर आये आपके लिए कुछ चुनिन्दा रक्षाबंधन भाई पर कविता जो निचे दी जा रही है |

बाजरो में राखी सजी है
अपनी भी कलाई में सजाने दो
रौनक हर जगह दिख रही है
मुझे भी उत्सव मानाने दो
नहीं चाहिय मेवे और उपहार बदले में
तुम बस रक्षा का वचन निभावो ना
भैया तुम आ जाओं ना
आओ मुझ को तिलक लगाने दो
मैंने फिर से पूजा की थाली सजाई है
देखो मैंने पसंद की बुंदिया बनाई है
साथ में मिठाई और लड्डू है
नहीं है इस बार कोई शिकायत तुमसे
तुम भी मन का बैर मिटाओ ना
भैया तुम आ जाओं ना

Raksha Bandhan Marathi Kavita or रक्षाबंधन वर मराठी कविता

नात हे प्रेमच तुझ आणि माझ
हरवलेले ते गोड दिवस , त्यांच्या मधुर आठवणी
आज सार सार आठवलाय
हातातल्या राखी सोबतच .
भाव मनी दाटतोय ..
बंध हे प्रेमाचे नात आहे
ताई तुझ आणि माझ नात जन्मो जन्मीचे आहे

Bhai Status 2022 (New) भाई पर ऐटिटूड स्टेटस Chote/Bade Bhai Ke Whatsapp Shayari Status

Sister Shayari Status बहन के लिए शायरी स्टेटस

Bhai Par Kavita Poem रक्षाबंधन पर छोटे-बड़े भाई पर हिंदी कविता

रक्षाबंधन भोजपुरी कविता Rakshabandhan Bhojpuri poem

गलिया क गलिया फिरइ मनिहरवा,
के लइहैं मोतिया क हार-हिंडोलवा।
मोतिया क हार लइहैं भैंया हो – भैया,
जेकर बहिनी दुलारी – हिंडोलवा।
पाछे लागी ठुनकई बहिनी रानी,
एक लर हमहूं क देहूं – हिंडोलवा।
एक लर टुटि हैं सहस मोती गिरि हैं।
एक लर बहिनि तुं लेउ – हिंडोलवा।

ठाढ़ी झरोखवा मैं चितवऊं,
नैहरे से कोई नाहीं आइ।
ओहिरे से केउ नाहीं बपई रे
जिन मोरी सुधियों न लीन।
ओहिरे बहिनिया कैसन बीरन,
ससुरे में सावन होई।

राखी पर कविता Poem on Rakhi

राखी बांधत जसोदा मैया ।
विविध सिंगार किये पटभूषण, पुनि पुनि लेत बलैया ॥
हाथन लीये थार मुदित मन, कुमकुम अक्षत मांझ धरैया।
तिलक करत आरती उतारत अति हरख हरख मन भैया ॥
बदन चूमि चुचकारत अतिहि भरि भरि धरे पकवान मिठैया ।
नाना भांत भोग आगे धर, कहत लेहु दोउ मैया॥
नरनारी सब आय मिली तहां निरखत नंद ललैया ।
सूरदास गिरिधर चिर जीयो गोकुल बजत बधैया ॥

Raksha Bandhan Poetry Hindi for Brother and Sister

दीदी जब सावन में,
काली मिट्टी पर उग आए,
हरे पौधों को देखता हूँ,
तो मेरी साँवली कलाई पर,
हरे रंग का रेशम,
खुद ब खुद,
उग आता है,
मैं अपने माथे पर,
सुर्ख रोली ढूँढता हूँ,
और,
जब सहर आसमाँ के माथे पर,
वही लाल रोली मलती है,
तो हल्का-सा टीका मुझे भी,
लगा जाती है!!

बरसात जब बूँदों का अक्षत,
मेरे सर पर छिड़कती है,
तो मैं होश में आता हूँ,
और,
सूनी कलाई, सूनी दुनिया,
सूना माथा पाता हूँ!!
दीदी, कभी भोर, कभी मिट्टी,
कभी बारिश बन कर आओ,
शायद मैं अकेला हूँ,
मुझे साथ ले जाओ…

Raksha Bandhan Par Anmol Vachan Suvichar रक्षाबंधन पर अनमोल वचन सुविचार भाई बहन के लिए

Raksha Bandhan Jokes Funny Chutkule रक्षाबंधन के मजेदार चुटकुले जोक्स भाई-बहन, गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के लिए

[Top 20 +] Raksha Bandhan Quotes in Hindi English For Brother Sister

Raksha Bandhan Kavita In Marathi Punjabi Language रक्षाबंधन पर मराठी पंजाबी कविता

Bhai Bahan Raksha Bandhan Poem in Hindi

नमस्कार दोस्तों सबसे पहले www.Rkalert.in परिवार की तरफ रक्षाबंधन के इस पावन पर्व की ढेरसारी सुभकामनाऐं| इस कविता में दोस्तों एक बहन अपने भाई को ये समझा रही की मुझे माँ-बाबा की दौलत में कुछ नहीं चाहिय बस तुम भी इस कच्चे धागे का मान ज़रा-सा रख लेना कम से कम राखी के दिन बहना का रस्ता तक लेना | दोस्तों इस कविता में वास्तव में उस बहन और उसके भाई के बीच मौजूद असीम प्रेम की झलक दर्शाती है “|

नहीं चाहिए मुझको हिस्सा माँ-बाबा की दौलत में,
चाहे वो कुछ भी लिख जाएँ भैया मेरे! वसीयत में!!
नहीं चाहिए मुझको झुमका चूड़ी पायल और कंगन,
नहीं चाहिए अपनेपन की कीमत पर बेगानापन!!
मुझको नश्वेर चीज़ों की दिल से कोई दरकार नहीं,
संबंधों की कीमत पर कोई सुविधा स्वीकार नहीं!!
माँ के सारे गहने-कपड़े तुम भाभी को दे देना,
बाबूजी का जो कुछ है सब ख़ुशी ख़ुशी तुम ले लेना!!
चाहे पूरे वर्ष कोई भी चिट्ठी-पत्री मत लिखना,
मेरे स्नेह-निमंत्रण का भी चाहे मोल नहीं करना!!
नहीं भेजना तोहफे मुझको चाहे तीज-त्योहारों पर,
पर थोडा-सा हक दे देना बाबुल के गलियारों पर!!
रूपया पैसा कुछ ना चाहूँ.. बोले मेरी राखी है,,
आशीर्वाद मिले मैके से मुझको इतना काफी है!!
तोड़े से भी ना टूटे जो ये ऐसा मन -बंधन है,
इस बंधन को सारी दुनिया कहती रक्षाबंधन है!!
तुम भी इस कच्चे धागे का मान ज़रा-सा रख लेना,
कम से कम राखी के दिन बहना का रस्ता तक लेना!!

रक्षाबंधन पर कविता हिन्दी poem on Rakshabandhan  राखी पर कविता हिन्दी में rakhi hindi poem
रक्षाबंधन पर कविता Poem on Rakhi Brother Sister Festival

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.