Shikshak Diwas Par Hindi Nibandh

शिक्षक दिवस पर निबन्ध

शिक्षक दिवस को लेकर देश की सभी राजकीय व निजी संस्थाओ में जोरो से तैयारी चल रही हैं इस दिन सभी विद्यालयो में छात्र अपने शिक्षको को तोहफा देने की ख़ुशी में दुबे हुए हैं | शिक्षक दिवस के लिए सभी स्कूलों के प्राधानाध्यापकों को भी विद्यालयों में रेडियो उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं जिससे बच्चे शिक्षक दिवस की सम्पूर्ण जानकरी प्राप्त कर सके |

शिक्षक दिवस हमारे देश में हर वर्ष सितम्बर माह की 5 तारीख को मनाया जाता हैं | डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रथम उप राष्ट्रपति लेकिन ये सबसे पहले एक बड़े शिक्षक भी थे और उसके बाद में एक राजनेता भी थे | शिक्षक दिवस के दिन अच्छे शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से समानित किया जाता हैं | भारत के प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी ने जब से इस पद के दावेदार हुए हैं वे इस राष्ट्रिय पर्व पर देश के सभी बच्चो से मन की बात कार्यक्रम के द्वारा शिक्षक दिवस पर उनके मन की जिज्ञासा को जाने के लिए ऑनलाइन रेडियो के माध्यम से बातचीत करते हैं | और शिक्षक दिवस की जानकारी दी जाती हैं |

शिक्षक दिवस 05 सितम्बर 2017 को पुरे भारत देश में हर्षोल्लास व ख़ुशी के मनाया जाएगा | इस दिन सभी विद्यालयो में शिक्षको की महानता का गुणगान भाषण के द्वारा बताया जाएगा |और अपने शिक्षको को तरह के उपहार व तोहफे भेंट किये जाते हैं ,शिक्षक दिवस के लिए कई छात्र अपने शिक्षको से आशीर्वाद लेते हैं उनके चरणों की वन्दना करनी चाहिए | शिक्षक का स्थान सबसे ऊँचा माना गया हैं| छात्र के जीवन में शिक्षक का बहुत बड़ा महत्व माना जाता हैं , क्योकि बच्चो को माता पिता के बाद में शिक्षा देना के लिए उन्हें शिक्षक के सानिध्य में जाना होता हैं जिसके बाद में शिक्षक उन्हें अपने दिए ज्ञान के द्वारा देश के लिए एक अच्छा मनुष्य बना देता हैं , उन्हें जीवन में आने वाली कई परेशानियों से उभरने के लिए शिक्षा देता हैं शिक्षक के दिए हुए ज्ञान के द्वारा मनुष्य महान उपलब्धिया प्राप्त कर सकता हैं | कहा जाता हैं की ” गुरु बिना ज्ञान नही और ज्ञान बिना मुक्ति नही ”

 

कवि ने शिक्षक या गुरूजी के बारे में कहा हैं की :  गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि गढ़ि काढ़ै खोट ।
                                                                       अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट ।। |

जिस प्रकार कुम्हार मिटटी के घड़े को सुंदर व पक्का बनाने के लिए उसके अंदर अपने हाथ का सहारा देकर भर से उसके थाप मरता हैं उसी प्रकार शिक्षक रूपी कुम्हार अपने शिष्य रूपी घड़े के अंदर कठोर अनुसाशन का सहारा देकर उसके उपर ज्ञान रूपी प्रहार करता हैं उनको घड़े से भी अत्याधिक सुंदर व पक्का बना देते हैं |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.