सुप्रीम कोर्ट ने IIT-JEE के दाखिले और काउंसिल पर लगी रोक को हटाया

IIT JEE Admission Council : अब आईआईटी में दाखिला पाने का रास्ता साफ हो गया है | सुप्रीम कोर्ट ने IIT के JEE के दाखिले और काउंसलिंग पर लगी रोक हटा दी हैं आपको बता दें कि सारा विवाद दो गलत सवालों के बदले सबको ग्रेस मार्क्स दिए जाने को लेकर था इस पर याचिकाकर्ता ने फिर से मेरिट लिस्ट बनाने की मांग की थी |इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी-जेईई एडवांस परीक्षा 2017 में बोनस अंक दिए जाने का मामला कोर्ट पहुंचने के बाद दाखिलों और काउंसिलिंग पर रोक लगा दी थी |जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस ए. एम खानविलकर की पीठ ने निर्देश दिया था कि देश का कोई भी हाईकोर्ट आईआईटी-जेईई एडवांस के संबंध में कोई भी याचिका को स्‍वीकार नहीं करेगा, पीठ ने कहा थाकि अगर गलत प्रश्‍नों को लेकर बोनस अंक देने पर छात्रों को समस्‍या है तो इसका जल्‍द से जल्‍द समाधान किया जाएगा |

Delhi Supreme Court Ban Removed on IIT JEE Council

सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी-जेईई के दाखिले और काउंसिल पर लगी रोक हटा ली है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी अर्जी खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेस मार्क को लेकर सभी याचिकाएं खारिज कर दीं. इससे पहले 7 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) को आईआईटी-जेईई (एडवान्स) 2017 के नतीजे के आधार पर छात्रों की आगे काउन्सिलिंग करने और प्रवेश देने से रोक दिया.
जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस ए एम खानविलकर की पीठ ने सभी हाई कोर्ट को भी इन आईआईटी में काउन्सिलिंग और प्रवेश से संबंधित किसी भी नई याचिका पर विचार करने से रोक दिया था. पीठ ने हाई कोर्ट की रजिस्ट्री को यह सूचित करने का निर्देश दिया कि आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) 2017 की रैंक सूची और इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली कितनी याचिकाएं दायर हुईं ?

पीठ ने इस आदेश की प्रतियां सभी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजने का निर्देश देते हुए मामले को 10 जुलाई को सुनवाई हेतु सूचीबद्ध किया था. इस मामले की सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कोर्ट से न्यायसंगत समाधान करने का अनुरोध किया कि क्योंकि इस परीक्षा में बहुत अधिक संख्या में छात्र शामिल हुए थे |कुछ अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह का कहना था कि जेईई (एडवान्स) 2017 परीक्षा में त्रुटिपूर्ण सवालों के लिये अभ्यर्थियों को बोनस अंक देने की आईआईटी की कार्रवाई पूरी तरह गलत है और इसने सभी छात्रों के अधिकार का हनन किया है |

IIT JEE के प्रश्नों का जवाब देने का प्रयास करने वाले छात्रों को बोनस अंक दिए जाएंगे

पीठ ने सुझाव दिया कि इन सवालों का जवाब देने का प्रयास करने वाले छात्रों को बोनस अंक दिए जाएंगे | पीठ ने कहा कि कोर्ट 2005 में दिए गए फैसले के आधार पर चलेगी और जिन छात्रों ने सवालों के जवाब देने का प्रयास नहीं किया उन्हें बोनस अंक नहीं दिए जा सकते |वेणुगोपाल ने कहा कि प्रत्येक असफल सवाल के लिये निगेटिव अंक थे और हो सकता है कि कुछ छात्रों ने निगेटिव अंक की आशंका में इन सवालों का जवाब देने का प्रयास ही नहीं किया हो. उन्होंने कहा कि अब तक 33000 से अधिक छात्र देश की इन प्रतिष्ठित संस्थानों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले चुके हैं.

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