विश्व पर्यावरण दिवस पर बाल कविता और नारे हिंदी में विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस  2018 विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस : विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है | एक स्वस्थ वातावरण स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रकृति  का संरक्षण होना बहुत जरूरी हैं | हमारे चारों और हरियाली रहेगी ,हरे भरे पेड़ पौधे रहेगे तो हमे सुध हवा और सुद्ध वातावरण मिलेगा जिससे हम सभी स्वस्थ और निरोगी रहेगे | संस्कृत मैं लिखे श्लोक सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।। |अथार्थ पहला सुख निरोगी काया | हमारा शरीर अगर स्वस्थ रहेगा तो हम सब कुछ कर सकते हैं | इसलिए स्वस्थ बनने के लिए हमे हरियाली लानी होगी हमे पेड़ लगाने का पर्ण करना होगा | प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाने वाला विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमे ये याद दिलाता हैं की हमे प्रकृति की रक्षा करनी चहिये | और अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए |

प्रकृति  का हमारे जीवन में महत्व

प्रकृति  का हमारे जीवन में बड़ा महत्व हैं प्रकृति  के बिना कुछ भी सम्भव नहीं हैं | हम सभी प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर हैं जैसे कि पानी, हवा, मिट्टी, खनिज, वृक्ष, पशु, भोजन और गैस, ये सभी हमारे दैनिक जीवन जीने के लिए उपयोगी तत्व हैं इनके बिना प्रथ्वी पर मानव जीवन सम्भव नहीं हैं |प्राकृतिक दुनिया में संतुलन बनाए रखने के लिए, हमें विभिन्न प्रजातियों को भी अस्तित्व में रखने में मदद करनी चाहिए।

प्रक्रति का संरक्षण करना हमारा धर्म

प्रकृति का संरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है, वैज्ञानिक निकट भविष्य में प्रक्रति के नष्ट होने की चेतावनी बार बार दे रहे हैं। कई प्रकृति वृत्तचित्र ऐसे संसाधन दिखाते हैं जो बर्बाद हो रहे हैं। हमने इस ग्रह को मानवता को बनाए रखने के लिए स्टील और कंक्रीट की एक दुनिया बनायी है, लेकिन अन्य प्रजातियों की कीमत पर, और यह हमारे लिए इन संसाधनों को बचाने के लिए अनिवार्य हो गया है जो कि मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

World Nature Conservation Day 2018

World Nature Conservation Day is celebrated every year on 28th July. To live healthy lives in a healthy environment it is important to be aware of the nature of the process. All four of us will live in greenery, green plants will be planted, we will get good air and clean environment, so that all of us will be healthy and healthy.

The first happiness is the healthy body. If our body is healthy then we can do everything. Therefore, to become healthy, we have to get greenery, we will have to fill the tree plantation. The World Nature Conservation Day celebrated on July 28 every year reminds us that we should protect the process. More trees should be planted.

We are dependent on all natural resources such as water, air, soil, minerals, trees, animals, food and gas, all these are useful elements for living our daily lives without human life on this planet are not possible.To maintain balance in the natural world, we must help different species in existence too.Conservation of nature is very important, scientists warn of collective extinction in the near future. Many nature documentaries show such resources that are being ruined. We have made this planet a world of steel and concrete to maintain humanity, but at the expense of other species, and it has become mandatory for us to save these resources which are important for human life.

पर्यावरण दिवस पर नारे : Slogans on Environment Day in Hindi

जन जन में चेतना लाओ, पर्यावरण का अलख जगाओ

पर्यावरण की रक्षा, दुनियाँ की सुरक्षा

जीव – जन्तुओ को मत भगाओ, पर्यावरण बचाओ, पर्यावरण बचाओ.

जब हरियाली छाती है, जीवन में खुशियाँ आती है

पेड़ पौधे लगाओ, पर्यावरण को बचाओ

जब पेड़ लगाओगे, तब जीवन सुरक्षित पाओगे

जो देता पेड़ो को पानी, वही व्यक्ति है सच्चा ज्ञानी

पेड़ होंगे तो मिलेगी छाँव, वरना जलेंगे हमारे पाँव

मत काटो इन पेड़ो को इन में होती हे जान, बिन पेड़ो के हो जायेगा हम सब का जीवन सुनसान

एक दो एक दो, पेड़ काटना छोड़ दो

पर्यावरण को नहीं पहुँचाओ नुकसान, यह है जीवन का अपमान

ग्लोबल वार्मिंग से है खतरे में जान, पर्यावरण की रक्षा करना सबकी शान

विश्व पर्यावरण दिवस पर कविता : Kavita on World Environment Day

आसमां के बादल से पूछो,

मुझको कैसे पाला है।

हर मौसम में सींचा हमको,

मिट्टी-करकट झाड़ा है।
उन मंद हवाओं से पूछो,

जो झूला हमें झुलाया है।

पल-पल मेरा ख्याल रखा है,

अंकुर तभी उगाया है।
तुम सूखे इस उपवन में,

पेड़ों का एक बाग लगा लो।

रो-रोकर पुकार रहा हूं,

हमें जमीं से मत उखाड़ो।
इस धरा की सुंदर छाया,

हम पेड़ों से बनी हुई है।

मधुर-मधुर ये मंद हवाएं,

अमृत बन के चली हुई हैं

हमीं से नाता है जीवों का,

जो धरा पर आएंगे।

हमीं से रिश्ता है जन-जन का,

जो इस धरा से जाएंगे।
गली-गली में पेड़ लगाओ,

हर प्राणी में आस जगा दो।

रो-रोकर पुकार रहा हूं,

हमें जमीं से मत उखाड़ो।

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