घर, भवन, मकान बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए Building House Ghar Makan Banate Samay Kin Bato Ka Dhyan Rakhe New House Building Making Vastu Tips

घर बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए Building House Ghar Makan Banate Samay Kin Bato Ka Dhyan Rakhe New House Building Making Vastu Tips : अगर आप नया घर बनाने के बारे में सोच रहे है तो आपको इन बातो के बारे में अवश्य जान लेना चाहिए की घर बनाते समय भूमि प्लाट का चयन कैसे करे, घर बनाते समय किस प्रकार की सामग्री काम में लेनी चाहिए, घर बनाने से पहले किन बातो का ध्यान रखना चाहिए House Building Home Making Vastu Tips. यहाँ से आप जान पाएंगे की एक अच्छा और मजबूत घर, भवन, मकान बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए नया मकान बनाते समय किन किन बातों का ध्यान रखे?.

House Ghar Makan Banate Samay Kin Bato Ka Dhayn Rakhe New House Building Making Vastu Tips

New House Building Making Tip घर, भवन, मकान बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

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हर व्यक्ति की सपना होता है कि उसका भी एक घर हो | जिसमें वह उसके परिवार के साथ ख़ुशी-ख़ुशी से रहे | लेकिन नया घर बनवाते समय बहुत सी बातो का ध्यान जरूर रखना चाहिए, जैसे घर बनाते समय वास्तु का ध्यान रखे सुदर और मजबूत घर बनाने के लिए किन बातो का ध्यान रखे, मकान निर्माण में किस प्रकार की सामग्रियों का उपयोग करना चाहिए इत्यादि | अगर आपने नया घर मकान बनवाते वक्त इन बातो का ध्यान नहीं रखा तो आपके सपनों का यह घर आपकी खुशिया बर्बाद कर देगा |

आज हम आपको कुछ New House Building Making Vastu Tips घर बनाने के नियम मकान निर्माण की जानकारी बताने जा रहे हैं जिन्हें अपना घर बनाते समय जरूर ध्यान रखना चाहिए | तो आइये जानते हैं घर, भवन, मकान बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए Building House Ghar Makan Banate Samay Kin Bato Ka Dhyan Rakhe के बारे में |

भवन निर्माण के लिए प्लाट / भूमि का चयन करते समय किन बातो का ध्यान रखना चाहिए : घर बनाने के लिए भूमि/जमीं का चयन कैसे करे

प्लाट समतल हो रोड से गहरा न हो, आयताकार हो आडा तिरछा न हो | इसके अलावा प्लाट नाले से दूर हो, प्लाट की मिट्टी निमार्ण योग्य हो, प्लाट की पहुंच मार्ग आसान हो, प्लाट पूर्ण नियोजित कालोनी में हो, उसके आसपास सामान्य आवश्यक सुविधाएं हो, पानी बिजली की सुविधा हो, ओर यदि वास्तु पर विश्वास करते हैं तो वास्तुसमत हो | अपने बजट एवं आपके उपयोग के अनुसार सही क्षेत्रफल का हो | और प्लाट कम से कम 20 फुट से ज्यादा चोडा हो |

Ghar Banane Ke Liye Jamin / Bhumi Ka Chayan kaise Kare / Kin Bato Ka Dhyan Rakhe

  • भूख्ंड खरीदेते समय यह ध्यान अवश्य दें कि भूखंड सूर्यवेधी या चन्द्रभेदी है |
  • प्राथमिक रूप से भवन निर्माण के लिए वर्गाकार या आयताकार भूमि का ही चयन करना चाहिए | विकृत भूमि का चयन कदापि न करें |
  • भूखंड के सामने कोई धार्मिक स्थल नहीं होना चाहिए | मन्दिर की छाया पड़ने पर वह भवन रहने के योग्य नहीं रहता है |
  • भवन के सामने किसी प्रकार का अवरोध जैसे-टीला, बड़ा वृ़क्ष, बिजली का खंभा, ट्रासंफार्मर आदि नहीं होना चाहिए |
  • घर बनाने के लिए यहाँ जानना बहुत जरुरी है की मिट्टी नर्म है या कठोर |
  • परिवार की जरूरत के हिसाब से घर का नक्शा बनवाएं |
  • घर निर्माण से पहले किसी तकनीकी जानकर व्यक्ति से जानकारी लें |
घर के निर्माण से पहले किन बातो का ध्यान रखे
  • अपनी उपयोग आवश्यकता किस कार्य हेतु क्या चाहिए जैसे बैठक कक्ष, किचिन, शयनकक्ष, शौचालय, पूजाकक्ष अन्य सभी को चिन्हित करलें इनका अनुमानित माप क्या हो परिवार से विचार-विमर्श कर लें |
  • मकान के लिए कितनी राशि की व्यवस्था हो पायेगी उसे सुनिश्चित करें यदि पर्याप्त राशी उपलब्ध है तो अच्छा है यदि मकान ऋण लेना है तो आपकी ऋण पात्रता कितनी है किसी बैंक से बताकर अपना बजट तैयार कर लें |
  • अब किसी वास्तुविद, इंजीनियर का चयन करें यह ध्यान रखें कि वह अनुभवी एवं सहज उपलब्ध हो उसके एक दो प्रोजेक्ट देख कर संतुष्ट हो लें | अब अपनी आवश्यकता एवं बजट उसे बताकर भवन रूपांकन करवा लें | यदि आप ड्राइंग समझ सकते हैं तो अच्छा है अन्यथा मित्रों से समझ कर निर्णय लें | अपने वास्तुविद से फर्नीचर लेआउट भी नक्शे पर बनवालें | इससे आपको कमरे का उपयोग समझ आ जाएगा |
  • नगर निगम, पालिका अथवा पंचायत से आवश्यक अनुमति ले लें |

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भवन निर्माण के लिए ठेकेदार का चयन करते समय किन बातो का ध्यान रखना चाहिए
  • योग्य अच्छे ठेकेदार का चयन के लिए उसके किए गए कार्यों का निरीक्षण कर लें मकान मालिको से मिलकर ठेकेदार के कार्य प्रणाली और उसके व्यवहार समझ लें |
  • ठेकेदार को कार्य देने के पूर्व कार्यों का विवरण तय करें जैसे सीमेंट ,लोहा,ईंट, प्लंमबिग, सेनेटरी, विद्युत आदि के ब्राण्ड तय करें ध्यान रहे की सभी कामों की विस्तृत चर्चा कर अनुबंध बना लें भुगतान के स्टेज तय कर सब लिख लें कुछ भी मौखिक न रखें | यह आपके एवं ठेकेदार दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा संबंध मजबूत करेगा ओर कार्यों को सही नियोजित करेगा स्पष्टता रहेगी |
  • यदि संभव हो तो इंजीनियर ठेकेदार मिले तो उसे वरियता दें |
  • निमार्ण परामर्श हेतु अनुभवी इंजीनियर का चयन करें हो सके तो रोज कार्य देखने वाला हो तो बेहतर, वह आपके एवं ठेकेदार के मध्य मध्यस्थता का कार्य करेगा आपके मकान की गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन में सहयोगी होगा आपको समय समय पर परामर्श देगा सामग्री चयन भी करा देगा | तकनीकी मार्ग दर्शन भी मिलेगा |
मकान की नींव भरते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए?

मकानो का पूरा भार मकान की नींव पर होता है | इसलिए मकानों की नीव भरते समय हमें बहुत से बातो का विशेष ध्यान रखना चाहिए | मकान की नींव उस भार को नींव के नीचे की जमीन की सतह पर ट्रांसफर करती इसलिए सबसे पहले नींव को जमीन के नीचे की कठिन(हार्ड रॉक या मुरुम) सतह तक खोदना चाहिए | उसके बाद ईट, सीमेंट, बाजरी व पत्थर से नीव के निर्माण का कार्य शुरू करे | अपना खुद का मजबूत तथा सुंदर मकान, सुरक्षित और आनंदी जीवन के लिए बहुत जरूरी होता है | और नीव की खुदाई व निर्माण पर ध्यान देना बहुत जरुरी है |

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मकान की नींव में क्या रखना चाहिए

नींव को भरने से पहले उसमें चांदी का बना हुआ नाग-नागिन का जोड़ा दबाया जाता है | हल्दी, 5 कौड़ियां, 5 साबुत सुपारी, रोली, पान के पत्ते, लौंग, इलायची, जौ, कपूर, आटा, चावल, काला तिल, पीली सरसों, धूप, हवन सामग्री, पंचमेवा, गाय का शुद्ध घी, तांबे की लुटिया में जल, एक नारियल, सिंदूर, लाल वस्त्र, घास, बताशे, पंच रत्न और पांच नई ईंटें रखकर विधिवत तरीके से पूजा करे |

घर के निर्माण के लिए सामग्री / सामान कैसा व किस प्रकार का हो यहाँ देखे Bhavan Nirman Ke Liye Samagri Ka Chayan Kaise Kare
  • मकान एक बार ही बनता है तो मटेरियल अच्छी क्वॉलिटी का उपयोग करें | मैटीरियल ब्रांडिड व टिकाऊ लगाएं |
  • गृह‍ निर्माण की सामग्री- ईंट, लोहा, पत्थर, मिट्टी और लकड़ी- ये नए मकान में नए ही लगाने चाहिए |
  • घर निर्माण में जैसे मसाला तैयार करने, ईंटो को गिला करने व तराई करने में शुद्ध पानी का इस्तेमाल करना चाहिए |
  • मसाले का अनुपात स्वयं बैठ कर नापें क्योंकि जो मजदूर आदि हैं उनकी गिनती पर आप भरोसा नहीं कर सकते | यदि यहाँ गिनने में गड़बड़ी हुई तो आपे घर के पिलर कहीं-2 कमजोर हो जायेंगे। यदि ऐसा छत के मसाले में हुआ तो बाद में छत कहीँ से चूने लगेगी |
  • मिस्तरी अच्छा व अनुभवी हो | कई लोग इस में पैसे बचाने के चक्कर में गलत मिस्तरी लगा कर घर को अच्छा नहीं बना पाते |
  • निर्माण में बाद कम से कम 20 दिन तक तराई करना चाहिए |
मकान बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
  • घर बनाते समय वास्तु का अधिक से अधिक ध्यान रखे |
  • भवन का ईशान यानी उत्तर पूर्व कोण घटा, कटा, गोल अथवा ऊंचा नहीं होना चाहिए | इसके अलावा दक्षिण पश्चिम कोण बढ़ा हुआ अथवा नीचा होना चाहिए |
  • मिट्टी डाल कर घर को कुछ समय के लिए छोड़ना अच्छा माना जाता है ताकि मिट्टी जम जाए |
  • मिट्टी के हिसाब से फाउंडेशन बनाना चाहिए जो कि इंजीनियर की निगरानी में होना चाहिए यदि आप वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार बनाना चाहते हैं घर तो भी बढ़िया है नक्शा वास्तु के हिसाब से बनवाए |
  • घर हमेशा बड़ा व चौड़ा होना चाहिए | क्योकि संकडा व लम्बा घर परेशानी का कारण बन सकता है |
  • घर का नक्शा बनवाते समय आपको अपने लिविंग के हिसाब से कमरे, रसोई और बाथरूम बनाना होता है |
  • नए घर की दीवार किसी अन्य इमारत से सटा नहीं होना चाहिए | कहने का तात्पर्य यह है की दो घरो में एक दिवार आम दीवार नहीं होनी चाहिए |
  • घर का मुख्य द्वार पूर्व के मध्य में न होकर उत्तर पूर्व की ओर या दक्षिण पूर्व की ओर होना चाहिए |
  • उत्तर दिशा में घर के सबसे ज्यादा खिड़की और दरवाजे होने चाहिए | घर की बालकनी व वॉश बेसिन भी इसी दिशा में होनी चाहिए |
Ghar Banate Samay Kin Bato Ka Dhyan Rakhna Chahiye
  • बैडरूम को घर के दक्षिण पश्चिम या उत्तर पश्चिम की ओर बनाना चाहिए |
  • घर में स्नान घर को पूर्व दिशा की ओर बनाना चाहिए |
  • बच्चो के पढाई का कमरा पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए |
  • घर में रसोई बनाने के लिए आग्नेय कोण को सबसे महत्वपूर्ण दिशा माना जाता है | इसलिए जब भी किचन बनाए तो आग्नेय कोण में ही बनाए |
  • घर का मंदिर को हमेशा उत्तर पूर्वी दिशा में बनवाना चाहिए क्योकि सुख-सम्रद्धि व शांति में वृद्धि होती है |
  • भवन में एक सीध में दो दरवाजे नहीं रखने चाहिए | इससे सकारात्मक उर्जा घर में नहीं टिकती है |
  • घर का टॉयलेट बनाने के लिए सबसे अच्छा स्थान दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण दिशा को माना जाता है |
  • मकान बनाते समय सीढ़ी हमेंशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही बनाना चाहिए |
  • घर में सूर्य का प्रकाश व प्राकृतिक हवा अवश्य आनी चाहिए।
  • भवन की नाली उत्तर दिशा में ही होनी चाहिए यानि पानी का बहाव उत्तर की ओर होना शुभ माना जाता है |
  • शौचालय-स्नान ग्रह बड़े, प्रकाश युक्त व हवादार होने चाहिये |
  • रसोई भी बड़ी व हवादार होने चाहिये | धुआ निकलने का उचित प्रबन्ध होना चाहिये |
  • घर में बनाई गई सभी खिड़कियाँ उत्तर या पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए | ऐसा करने से घर की बरकत बनी रहती हैं |
Bhavan Nirman Ke Vakt/Samay Kin Kin Bato Ka Dhyan Rakhe
  • टाईल के स्थान पर फ़र्श पर पत्थर / मार्बल लगवाएँ |
  • Piller/Column and Beam Structure पर ही घर बनवायें |
  • घर के बाहर छोटी बाउण्ड्री वॉल अवश्य बनवाएं | यदि हो सके तो हरी झाड़ियों की बाउण्ड्री वॉल जरूर बनवाएं | ऐसा करने पर नकारात्मक शक्तियां सीधे घर में प्रवेश नहीं करती हैं |
  • छतों को कम से कम 11–11.5 फीट तक ऊंचा ज़रूर रखें ताकि नई सड़क बनने पर आपके पास भविष्य में घर को ऊंचा उठाने का प्रावधान रहे |
  • टैंकी भरने पर पानी का पता चले इस लिए निकासी पाइप किचन या किसी ऐसी जगह पर हो जहां से टैंकी भरने का पता चले |
  • कमरों व लॉबी में 3 फीट तक टाइल्स का बार्डर लगाने से रंग नहीं उतरता व सिलापन भी दूर होता है |
  • घर की चार दीवारी की दीवारें अगर गारे की मिट्टी की चिनाई वाली हैं तो उन्हें सीमेंट की चिनाई करवायें |
  • हर जगह एसी फीटिंग जरूर करवा लें ताकि बाद में तोड़ा-फोड़ी न हो |
  • घर बनवाते समय आपको ध्यान रखना होगा कि शौचालय पूजा घर के आस-पास ना हो |
  • जमीन के अन्दर पानी का टैंक बना रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखे कि यह टैंक उत्तर पूर्वी कोने में ही बना हो |
  • घर के पानी का ढलान हमेशा उत्तर दिशा में ही रखे | आपका घर चाहे जिस भी दिशा में बना हो लेकिन आप कोशिश करिएगा कि जमीन की ढलान आप उत्तर दिशा की ओर ही दे | यानी ढलान का उपरी हिस्सा उत्तर दिशा में होना चाहिए |
नए भवन, मकान व घर के निर्माण के समय मन में बहुत से सवाल आते है जैसे

मकान घर किस महीने में बनाना चाहिए
घर बनाने के लिए बैसाख (मई), मार्गशीर्ष (दिसंबर), पौष (जनवरी) और फाल्गुन (मार्च) सबसे अच्छे महीने हैं

  1. नया मकान बनाते समय हमें कौन-कौन सी बाते ध्यान में रखना चाहिए?
  2. वे कौन-कौन सी बातें है जो हमें घर बनाते वक्त ख़्याल में रखनी चाहिए?
  3. नया मकान बनवाने समय किन-किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है?
  4. घर बनवाते वक़्त कौन से बातें ध्यान में रखनी चाहिए?
  5. नया घर बनाते समय किन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
  6. घर बनाने के लिए किस दिशा का ध्यान रखना चाहिए?
  7. नया घर निर्माण के लिए नक्शा बनवाते वक्त किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
  8. घर बनवाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चा​हिए?
  9. नया घर बनवाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  10. घर बनाते समय किन छोटी बातों का ध्यान रखें?
  11. नया घर बनाने से पहले क्या करना चाहिए?
  12. मकान बनाते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
  13. नया घर बनाते समय किस बातों का ख़ास ख्याल रखना चाहिए?
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