International Day of Yoga 21 June 2020 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

International Day of Yoga 21 June 2020: (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस) Yog Divash Yoga Day 21 June  International Yoga Day is observed worldwide on 21 June. Following the suggestion of PM Modi, the United Nations announced to celebrate June 21 as International Yoga Day and chanted the whole world to be healthy. In many countries around the world, people do yoga to be healthy. But celebrating International Yoga Day started because of India’s initiative. Prime Minister Narendra Modi convened the United Nations General Assembly on 27 September 2014 to celebrate Yoga Day worldwide. The United Nations General Assembly announced it within just three months of the proposal’s arrival. There is also a special reason to choose the day of 21 June for International Yoga Day. Actually, this day is the longest day in the Northern Hemisphere, which can also be called the summer solstice. In terms of Indian culture, after the summer solstice, the Sun becomes Dakshinayan and the Dakshinayan of the Sun is very beneficial in attaining spiritual attainment. For this reason, June 21 was the day scheduled to celebrate International Yoga Day.

International Day of Yoga 21 June 2020 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

भारत को संतो का देश भी कहा जाता हें यहाँ पर प्राचीन काल से योग पध्दति चलती आ रही हें योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है हिन्दू धर्म के अनुसार प्रचीन काल में ऋषि मुनियो द्वारा योग किया जाता था जिस के कारण वह कई वर्षो तक एक ही मुद्रा (आसन) में रह सकते थे |This year, it is on climate change. Yoga is an ancient art that keeps your mind, body and soul in peace. While performing yoga during 5th International Yoga day, Prime Minister Narendra Modi, said “yoga is above everything, as he performed various asanas with around 40,000 enthusiasts at the Prabhat Tara ground here to mark the fifth International Day of Yoga. Indian Embassy in Berne conducted Yoga events in 12 cities across Switzerland and Liechtenstein. The Indian Mission played a significant facilitatory role in the event. कुछ वर्षो में योग दुनिया में से लुप्त होने के कगार पर आ गया था लेकिन भारत ने योग को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया हें | और फिर वह  एतिहासिक दिन आया जब भारत के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने यूनाइटेड नैशंस की आम सभा में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा और इस प्रस्ताव को पास होने में मात्र 3 महीने लगे और 175 देशो ने मंजूरी दे दी यह भी एक रिकोर्ड हें

Yoga Divas Antar Rashtriya Yog Day 21 जून योग दिवस की तैयारी कैसे करे

इस कारण से आज धीरे धीरे हर घर में योग देखने को मिल रहा. योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है । योग विज्ञान में जीवन शैली का पूर्ण सार आत्मसात किया गया है| योग धीरे-धीरे एक अवधारणा के रूप में उभरा है और भगवद गीता के साथ साथ, महाभारत के शांतिपर्व में भी योग का एक विस्तृत उल्लेख मिलता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। सबसे बड़ा आयोजन शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में होगा, इसके अलावा जगह-जगह योगाभ्यास को लेकर कार्यक्रम होंगे। ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में 21 जून को होने वाले योग दिवस की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। स्टेडियम में साफ-सफाई और योगासन के लिए गद्दों की बिछाई का काम चल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। प्रशासन ने सूची मांगीअपर जिलाधिकारी प्रशासन कुमार विनित ने योग दिवस को लेकर आयोजकों से सूची मांगी है। दरअसल इन स्थानों पर प्रशासन सुरक्षा के बंदोबस्त करेगा। लोगों को अन्य सुविधाएं भी मुहैया उपल्ब्ध करवाई जाएगी। आज के समय में सबसे ज्यादा रोग वह बीमारीयों का अधिक होने की वजह से लोगो का स्वास्थ्य ख़राब रहता हैं | आज कल के खान पान की वजह से नयी नयी बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं | आज के युवा को स्वस्थ शरीर रखना बहुत जरुरी हैं | हर इन्सान को सुबह योग अवश्य करना चाहिये  |

योग का क्या मतलब हें जानिए

योग शब्द संस्कृत धातु ‘युज’ से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोडते, मरोड़ते, खिंचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। यह वास्तव में केवल मनुष्य के मन और आत्मा की अनंत क्षमता का खुलासा करने वाले इस गहन विज्ञान के सबसे सतही पहलू हैं। योग सिर्फ व्यायाम और आसन नहीं है। यह भावनात्मक एकीकरण और रहस्यवादी तत्व का स्पर्श लिए हुए एक आध्यात्मिक ऊंचाई है, जो आपको सभी कल्पनाओं से परे की कुछ एक झलक देता है संस्कृत धातु ‘युज’ से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन। योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोडते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। यह वास्तव में केवल मनुष्य के मन और आत्मा की अनंत क्षमता का खुलासा करने वाले इस गहन विज्ञान के सबसे सतही पहलू हैं, योग का अर्थ इन सब से कहीं विशाल है । योग विज्ञान में जीवन शैली का पूर्ण सार आत्मसात किया गया है।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर कहते हैं, “योग सिर्फ व्यायाम और आसन नहीं है। यह भावनात्मक एकीकरण और रहस्यवादी तत्व का स्पर्श लिए हुए एक आध्यात्मिक ऊंचाई है, जो आपको सभी कल्पनाओं से परे की कुछ एक झलक देता है।”

क्या आप किसी योगासन के बारे में जानना चाहते है? योगासनों की सूची एवं जानकारी हेतु

आठ प्रकार के योग होते हें

यम,नियम,आसन,प्राणायाम,प्रात्याहार,धारणा,ध्यान,समाधि

कब और क्यू मनाया जाता हें योग दिवस

वह एक ऐतिहासिक क्षण था। 11 दिसंबर 2014 यूनाइटेड नैशंस की आम सभा ने भारत द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 सिंतबर 2014 को पहली बार पेश किया गया यह प्रस्ताव तीन महीने से भी कम समय में यूएन की महासभा में पास हो गया। पिछले पचास सालों में योग न सिर्फ एक अंतर्राष्ट्रीय घटना बन चुका है, बल्कि दुनिया के हजारों लाखों लोगों के लिए एक जाना पहचाना नाम बन चुका है।

योग और ध्यान आत्मानुभूति करने में किस तरह से सहायक है जानिए

भारत ने सबसे पहले योग को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया हें योग एक व्यायाम ही नही बल्कि एक साधना भी हें जिस से व्यक्ति को जीने का तरीका सिकाता हें और अगर देखा जाये तो योग से बहुत से रोगों का निवारण भी होता हें. आज के इस दोर में लगभग लोगो को कोई ना कोई रोग होता या मानसिक परेशानी हो जिस के कारण से व्यक्ति में चिढ चिड़ा पन आ जाता हें और इस परेशानी के कारण व्यक्ति की आयु भी कम होती जा रही हें भारत में योग का दूसरा नाम बाबा रामदेव हें जिन्होनी विश्व स्तर पर योग की पहचान बनाने में सबसे बढ़ी भूमिका निभाई हें आज पुरे दुनिया में योग किया जाता हें

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